राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर बढ़ रही है हलचल, बालकनाथ ने भी दिया इस्तीफा, राजे पहुंची दिल्ली
Jitendra Shrivastava | Dec 07, 2023, 24:00 IST
राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर बढ़ रही है हलचल, बालकनाथ ने भी दिया इस्तीफा, राजे पहुंची दिल्ली
राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसले में हो रही देरी के बीच कई तरह के घटनाक्रम सामने आ रहे हैं और हलचल बढ़ती जा रही है।
JAIPUR. राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसले में हो रही देरी के बीच कई तरह के घटनाक्रम सामने आ रहे हैं और हलचल बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री पद की प्रबल दावेदार पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बुधवार देर रात दिल्ली पहुंच गई और गुरुवार को उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने का समय मांगा है। उधर संसद बालक नाथ ने भी सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है वही जयपुर में पार्टी के बड़े नेताओं को विधायकों पर निगरानी रखनी पड़ रही है।
सीएम की प्रबल दावेदार वसुंधरा दिल्ली रवाना
राजस्थान में बीजेपी की सरकार बनने के मामले में यह पहला मौका है कि जब मुख्यमंत्री पद को लेकर इतना असमंजस बना हुआ है और यह असमंजस ही अब पार्टी के भीतर हलचल को तेज कर रहा है। मुख्यमंत्री पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे परिणाम आने के तीन दिन बाद बुधवार देर रात दिल्ली रवाना हो गई। उनके समर्थकों का दावा था कि पार्टी के बड़े नेता उन्होंने बातचीत के लिए बुलाया है, जबकि पार्टी का दूसरा गुट कह रहा है कि वे अपने स्तर पर ही दिल्ली गई है। हालांकि, अपने दिल्ली यात्रा के बारे में वसुंधरा राजे ने यही कहा कि वे अपनी बहू से मिलने आई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने का समय मांगा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहे घटनाक्रम के संबंध में ही होनी है।
बालकनाथ ने दिया इस्तीफा
इस बीच एक बदले हुए घटनाक्रम के तहत तिजारा से विधायक बने अलवर के सांसद बालकनाथ ने भी सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है। राजस्थान में बीजेपी के साथ में से चार सांसदों ने चुनाव जीता है। इनमें से बालकनाथ को छोड़कर तीन का इस्तीफा बुधवार को हो गया था और पार्टी सूत्रों का कहना था कि इन तीन को ही इस्तीफा के लिए कहा गया है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस्तीफा देने वाले विधायकों की फोटो को देखकर भी यही संकेत मिले थे कि पार्टी ने बालकनाथ को सांसद बनाए रखने का ही फैसला किया है, लेकिन गुरुवार को बालकनाथ ने भी इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने से पहले उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता ओम माथुर से मुलाकात की। गौरतलब है कि बालकनाथ भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं। उनका इस्तीफा नहीं होने के कारण उन्हें सीएम पद की रेस से बाहर माना जा रहा था, लेकिन अब इस्तीफा होने के बाद अब वे फिर रेस में शामिल हो गए हैं।
सीएम की प्रबल दावेदार वसुंधरा दिल्ली रवाना
राजस्थान में बीजेपी की सरकार बनने के मामले में यह पहला मौका है कि जब मुख्यमंत्री पद को लेकर इतना असमंजस बना हुआ है और यह असमंजस ही अब पार्टी के भीतर हलचल को तेज कर रहा है। मुख्यमंत्री पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे परिणाम आने के तीन दिन बाद बुधवार देर रात दिल्ली रवाना हो गई। उनके समर्थकों का दावा था कि पार्टी के बड़े नेता उन्होंने बातचीत के लिए बुलाया है, जबकि पार्टी का दूसरा गुट कह रहा है कि वे अपने स्तर पर ही दिल्ली गई है। हालांकि, अपने दिल्ली यात्रा के बारे में वसुंधरा राजे ने यही कहा कि वे अपनी बहू से मिलने आई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने का समय मांगा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहे घटनाक्रम के संबंध में ही होनी है।
बालकनाथ ने दिया इस्तीफा
इस बीच एक बदले हुए घटनाक्रम के तहत तिजारा से विधायक बने अलवर के सांसद बालकनाथ ने भी सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है। राजस्थान में बीजेपी के साथ में से चार सांसदों ने चुनाव जीता है। इनमें से बालकनाथ को छोड़कर तीन का इस्तीफा बुधवार को हो गया था और पार्टी सूत्रों का कहना था कि इन तीन को ही इस्तीफा के लिए कहा गया है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस्तीफा देने वाले विधायकों की फोटो को देखकर भी यही संकेत मिले थे कि पार्टी ने बालकनाथ को सांसद बनाए रखने का ही फैसला किया है, लेकिन गुरुवार को बालकनाथ ने भी इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने से पहले उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता ओम माथुर से मुलाकात की। गौरतलब है कि बालकनाथ भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं। उनका इस्तीफा नहीं होने के कारण उन्हें सीएम पद की रेस से बाहर माना जा रहा था, लेकिन अब इस्तीफा होने के बाद अब वे फिर रेस में शामिल हो गए हैं।
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