काम पर नहीं लौटे पटवारी, आय और जाति प्रमाण पत्र बनाने में हो रही असुविधा, सामान्य प्रशासन विभाग ने बनाए अस्थाई व्यवस्था

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Vikram Jain
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काम पर नहीं लौटे पटवारी, आय और जाति प्रमाण पत्र बनाने में हो रही असुविधा, सामान्य प्रशासन विभाग ने बनाए अस्थाई व्यवस्था

RAIPUR. छत्तीसगढ़ में आय और जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए पटवारियों से मिलने वाले दस्तावेजों की अनिवार्यता अस्थाई तौर पर खत्म कर किया गया है। सरकार द्वारा एस्मा लगाए जाने के बाद भी पटवारी हड़ताल से वापस नहीं लौटे हैं। अब पटवारियों की हड़ताल की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 



सामान्य प्रशासन विभाग ने अस्थाई निर्देश जारी किए 



प्रदेश में इस समय कई भर्ती परीक्षाएं चल रही हैं। साथ ही स्कूल-कॉलेजों में प्रवेश भी चल रहा है। इस स्थिति में छात्रों को कई दस्तावेज तत्काल बनाने पड़ रहे हैं। लेकिन पटवारियों की हड़ताल की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। अब आय और जाति प्रमाणपत्र बनाने में हो रही असुविधा को देखते हुए सीएम भूपेश बघेल के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने अस्थाई निर्देश जारी किए हैं।



क्या होगी वर्तमान में लागू अस्थाई व्यवस्था



जानकारी के मुताबिक, अगले आदेश तक जाति प्रमाण पत्र के लिए जरूरी भू-अभिलेख, मिसल, अभिलेख, जनगणना अभिलेख, दाखिल खारिज रजिस्टर, जमाबंदी और खसरे की नकल जिसमें आवेदक और उसके परिवार के किसी सदस्य की जाति दर्ज है। ऐसे सभी दस्तावेज जिला कार्यालय के अभिलेखागार में और अन्य विभागों के विभागीय ऑनलाइन पोर्टल पर भी मौजूद है। इसलिए ऐसे दस्तावेज पटवारी से लेने के लिए आवेदकों को बाध्य ना करते हुए उनके द्वारा ऑनलाइन या जिला रिकॉर्ड रूम से मिले दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाए। छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) नियम, 2013 के नियम 3 के अनुसार आवेदक से वंशावली प्राप्करने के निर्देश हैं। यदि यह वंशावली अभिलेखों से पुष्ट है, तो इसकी जरूरत भी नहीं है, फिर भी अगर जरूरत हुई तो ऐसी वंशावली ग्राम पंचायत के सचिव या ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर स्वीकार करते हुए आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाए।



आय प्रमाण पत्र के लिए नियम



इसी तरह आय प्रमाण पत्र के लिए दस्तावेजों में नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए उनके द्वारा अंतिम वित्तीय वर्ष का आयकर रिटर्न लिया जा सकता है या फिर उनके संस्थान के द्वारा जारी वार्षिक आय की जानकारी को मान्य करते हुए आय प्रमाण पत्र जारी किए जा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों खेतिहर मजदूरों, छोटे किसानों को आय प्रमाणपत्र के लिए उनका नाम अगर गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले सूची में नाम होने या फिर ऐसा राशन कार्ड,मनरेगा जॉब कार्ड या श्रमिक का कार्ड होने पर अगर जरूरत हो तो सरपंच / पंचायत सचिव / पार्षद से भी आय के समर्थन के लिये प्रमाण पत्र लेकर इन दस्तावेजों के आधार पर आवेदकों को आय का प्रमाण पत्र जारी किया जाए।




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सीएम भूपेश बघेल ने दिए निर्देश 



आदेश में स्पष्ट है कि प्रमाण पत्र के लिए आवेदकों से ऐसे दस्तावेजों की मांग किसी भी स्थिति में नहीं की जाए, जिसकी पूर्ति के लिये आवेदक को पटवारी पर निर्भर होना पड़े। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उपरोक्त निर्देशों के कड़ाई से पालन कराया जाना सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। ये निर्देश आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।


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