आईएएस अंजू अरुण कुमार: असफलताओं से हार नहीं मानी, आखिर 6वें प्रयास में मिली सफलता
Abhilasha Saksena Chakraborty | Oct 06, 2025, 12:24 IST
Anju arun
आईएएस अंजू अरुण कुमार उन लाखों युवाओं के लिए सच्ची प्रेरणा हैं, जो असफलताओं से जूझने के बाद भी अपने सपनों से समझौता नहीं करते। छठे प्रयास में सफलता हासिल कर उन्होंने साबित किया कि निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी मंजिल पाई जा सकती है।
आईएएस बनना लाखों युवाओं का सपना होता है। लेकिन इस सपने को साकार करना आसान नहीं होता। अक्सर तीन-चार प्रयासों के बाद लोग निराश होकर हार मान लेते हैं। लेकिन अंजू अरुण कुमार की कहानी उन सबके लिए प्रेरणा है, जिन्होंने असफलता से हार नहीं मानी। उन्होंने छठे प्रयास में आईएएस बनकर यह साबित किया कि मेहनत, आत्मविश्वास और धैर्य के साथ कोई भी मंजिल पाई जा सकती है।
आईएएस अंजू अरुण कुमार मूल रूप से केरल के कोल्लम की रहने वाली हैं। उनके पिता रवि सिंह सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता हैं और माता गृहिणी। अंजू ने स्कूली शिक्षा बहरीन से प्राप्त की। उसके बाद एनआईटी कालीकट से 2011 में उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री प्राप्त की। कॉलेज के दिनों में ही दोस्तों से उन्हें आईएएस बनने की प्रेरणा मिली।
IAAS, IRS और फिर
अंजू का पहले प्रयास में ही इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट सर्विस (IAAS) में चयन हुआ। इसके बाद तीसरे प्रयास में भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में चयन हुआ। लेकिन उनका सपना आईएएस बनना था। चौथे और पाँचवे प्रयास में असफलता हाथ लगी, पर उन्होंने हार नहीं मानी। अंततः छठे प्रयास में 90वीं रैंक लाकर उन्होंने अपने सपने को पूरा किया।
अंजू की यात्रा आसान नहीं रही। शादी के बाद भी उन्होंने अपने सपने को जीवित रखा और लगातार मेहनत जारी रखी। उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा उनके पति अरुण कुमार विश्वकर्मा रहे, जो मध्य प्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वे रायसेन जिले के कलेक्टर हैं। अंजू कहती हैं कि माता-पिता और ससुरालवालों ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया और यही वजह थी कि वो अपनी मंजिल से कभी पीछे नहीं हटी।
![IAS Anju Arun Kumar with husband]()
अंजू का मानना है कि सफलता के लिए स्मार्ट वर्क और लगातार प्रयास बेहद जरूरी हैं। नौकरी के साथ वे रोज़ाना 5-6 घंटे पढ़ाई के लिए निकालती थीं। अख़बार पढ़ना और करंट अफेयर्स पर ध्यान देना उनकी तैयारी का अहम हिस्सा था। वे कहती हैं पढ़ाई के घंटों पर ज्यादा ध्यान देने की जगह यह कोशिश करे कि जितना टाइम पढ़ें वो क्वालिटी टाइम साबित हो।
वो मानती हैं कि असफलताओं से घबराना नहीं चाहिए। हर प्रयास आपको और मजबूत बनाता है। उनका कहना है कि निबंध और वैकल्पिक विषयों की अनदेखी न करें। उत्तर लेखन और टेस्ट सीरीज़ को गंभीरता से लें और बार-बार रिवीजन करें। उनका संदेश है – सिलेबस देखकर डरें नहीं, बस एक-एक कदम बढ़ते रहें और आत्मविश्वास बनाए रखें।
अंजू का मानना है कि कोचिंग संस्थान तैयारी की केवल दिशा दिखाते हैं। वे पूरा सिलेबस कवर नहीं करते। कई बार छात्रों के उत्तर एक जैसे हो जाते हैं। लेकिन टेस्ट सीरीज़ की वे कड़ी सिफारिश करती हैं। उनके अनुसार, यह न केवल प्रश्न बैंक उपलब्ध कराती है बल्कि लेखन कौशल और प्रस्तुति में भी सुधार करती है।
वो कहती हैं कि एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में उनकी प्राथमिकताएं शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण हैं। वो मानती हैं कि एक स्वस्थ व्यक्ति ही शिक्षा पर ध्यान दे सकता है और शिक्षा से रोजगार व परिवार का भरण-पोषण संभव होता है। खासकर यदि महिला शिक्षित है, तो वह पूरे परिवार को बेहतर भविष्य की ओर ले जा सकती है। यही चक्र समाज और फिर राष्ट्र की प्रगति में योगदान देता है।
![IAS Anju Arun]()
अंजू अरुण का मानना है कि हॉबीज इंसान को संतुलित बनाए रखती हैं। उन्हें डांसिंग और इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक का शौक है। संगीत उन्हें तनाव से दूर रखता है और पढ़ाई व प्रशासनिक कार्यों पर बेहतर फोकस करने में मदद करता है।
नाम: अंजू अरुण
अंजू अरुण वर्तमान में भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएससीडीसीएल) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर कार्यरत हैं। साथ ही उनके पास भोपाल नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी है। इसके पहले वे ग्वालियर में अपर कलेक्टर, सीहोर में असिस्टेंट कलेक्टर और शहापुरा एसडीएम भी रह चुकी हैं।
![Service record Anuj Arun Kumar]()
अंजू अरुण की मेहनत और लगन हर उस अभ्यर्थी के लिए प्रेरणा है। उनकी यात्रा यह बताती है कि कठिनाइयों और असफलताओं के बावजूद यदि व्यक्ति अपने सपनों के प्रति समर्पित रहे और लगातार प्रयास करता रहे, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
कॉलेज में दोस्तों से प्रेरणा पाकर शुरू की तैयारी
IAAS, IRS और फिर IAS
संघर्ष और दृढ़ निश्चय
IAS Anju Arun Kumar with husband
स्मार्ट वर्क और क्वालिटी टाइम पर जोर
असफलता से लें सीख
कोचिंग का सीमित रोल
शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
IAS Anju Arun
संगीत और डांस से मिलती है ऊर्जा
करियर एक नज़र
नाम: अंजू अरुण
जन्म: 23-12-1988
जन्मस्थान: केरल
एजुकेशन: बी टेक
बैच: 2017
पदस्थापना
सोशल मीडिया अकाउंट: IAS अंजू अरुण
| प्लेटफ़ॉर्म | प्रोफ़ाइल लिंक |
|---|---|
| X (Twitter) | https://x.com/krujna?lang=en |
देखें IAS अंजू अरुण कुमार का सर्विस रिकॉर्ड: Updated October 5
Service record Anuj Arun Kumar
अंजू अरुण की मेहनत और लगन हर उस अभ्यर्थी के लिए प्रेरणा है। उनकी यात्रा यह बताती है कि कठिनाइयों और असफलताओं के बावजूद यदि व्यक्ति अपने सपनों के प्रति समर्पित रहे और लगातार प्रयास करता रहे, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
FAQ
- अंजू अरुण कुमार ने किस प्रयास में आईएएस बनने में सफलता प्राप्त की?
अंजू अरुण कुमार ने छठे प्रयास में 90वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया। - अंजू अरुण कुमार की शिक्षा और पृष्ठभूमि क्या है?
उन्होंने 2011 में एनआईटी कालीकट से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक किया। वे मूल रूप से केरल के कोल्लम की रहने वाली हैं। - वर्तमान में अंजू अरुण कुमार किस पद पर कार्यरत हैं?
वे वर्तमान में भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएससीडीसीएल) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं और साथ ही भोपाल नगर निगम की अतिरिक्त आयुक्त भी हैं। - . अंजू अरुण कुमार का वैकल्पिक विषय (Optional Subject) क्या था?
. अंजू अरुण कुमार का वैकल्पिक विषय (Optional Subject) क्या था? - अंजू अरुण कुमार अपनी प्राथमिकताएं बतौर आईएएस अधिकारी किन क्षेत्रों को मानती हैं?
उनकी प्राथमिकताएं शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित हैं। वे मानती हैं कि इन तीनों क्षेत्रों में सुधार से समाज और राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित होती है।
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