सबसे कम साक्षरता वाले आलीराजपुर में रहकर ही सेल्फ स्टडी के दम पर बनी आईएएस राधिका गुप्ता

आलीराजपुर जैसे देश के सबसे कम साक्षरता वाले जिले से निकलकर राधिका गुप्ता ने यूपीएससी 2020 में 18वीं रैंक हासिल की। आज वो न सिर्फ़ आलीराजपुर बल्कि देश के हर उस युवा के लिए प्रेरणा हैं जो बड़े सपने देखकर उन्हें पूरा करने की काबलियत रखते हैं।

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Abhilasha Saksena Chakraborty
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IAS Radhika Gupta

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भारत में सबसे कम साक्षरता दर वाला जिला मध्य प्रदेश का आलीराजपुर माना जाता है, जहां कुल साक्षरता दर लगभग 36.10% है। इसी जिले से आईएएस बनकर राधिका गुप्ता ने यह साबित कर दिया है कि हौसले बुलंद हों तो जगह कोई मायने नहीं रखती। राधिका बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए दिल से मेहनत करने में विश्वास करती हैं। अपने इसी विश्वास की वजह से उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 में 18वीं रैंक हासिल की।

सरस्वती शिशु मंदिर से शुरू हुआ सफर

राधिका गुप्ता ने कक्षा पहली से सातवीं तक की पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर, आलीराजपुर में पूरी की। उसके बाद की पढ़ाई उन्होंने आलीराजपुर के एक साधारण अंग्रेजी माध्यम स्कूल से पूरी की। 2017 में इंदौर के एसजीएसआईटीएस से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली।

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परिवार से नौकरी में कोई नहीं

राधिका गुप्ता बिजनेस फैमिली से हैं। उनके पिता की किराने की दुकान है और घर के दूसरे लोग भी बिजनेस में ही हैं। राधिका अपने परिवार में पहली व्यक्ति हैं जिन्होंने नौकरी की राह पकड़ी। वो बताती हैं कि छोटी जगहों में लोग लड़कियों को ज्यादा पढ़ाना नहीं चाहते। लेकिन, मेरे परिवार ने हमेशा मुझे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए इंदौर शहर भेजा। इनसे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मैरे चयन होने पर गांव की बहुत सी लड़कियों ने मुझसे आकर यूपीएससी के बारे में जानकारी ली। यही मेरे लिए सबसे खुशी का पल था।

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जॉब छोड़कर की यूपीएससी की तैयारी

इंजीनियरिंग के बाद राधिका ने दिल्ली में एक वर्ष तक निजी कंपनी में नौकरी की। इस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि समाज में जो बदलाव वो लाना चाहती हैं वो नौकरी से संभव नहीं है। एक ही साल बाद 2018 में नौकरी छोड़कर वो सिविल सेवा की तैयारी में जुट गईं। पहला प्रयास 2019 में दिया। इसमें उनका चयन भारतीय रेल सर्विस (IRPS) के लिए हुआ। लेकिन, उनने आईएएस बनने की ठान ली थी इसलिए 2020 में फिर एक बार परीक्षा दी। इस बार मेहनत और किस्मत ने साथ दिया और AIR 18 के साथ वो आईएएस बनने में सफल हुईं।

क्या थी पढ़ाई की रणनीति

राधिका बताती हैं कि उन्होंने रोज 9–10 घंटे पढ़ाई की। पूरी तैयारी के दौरान सख्त टाइम-टेबल फॉलो किया।  इस समय सोशल मीडिया से दूरी बनाई। लेकिन, इंटरनेट पर कुछ काम की वेबसाइट से उन्होंने मदद ली।

ऑप्शनल सब्जेक्ट का चयन महत्वपूर्ण

राधिका कहती हैं कि इस परीक्षा की तैयारी में सबसे अहम वैकल्पिक विषय का चयन है। दूसरों को देखकर विषय नहीं चुनें। अपनी रुचि का विषय लें। मैं ट्राइबल लोगों के बारें में जानकारी रखना चाहती थी, इसलिए मैंने एंथ्रोपोलॉजी लिया था।

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खेल के लिए निकाला समय

राधिका मानती हैं कि यह परीक्षा बहुत चुनौतीपूर्ण है। कई बार लो फील होता है। लगता है तयारी छोड़ दें और कुछ और काम कर लें। लेकिन, इस स्थिति में ख़ुद का मनोबल बनाए रखना जरूरी है। वो बताती हैं कि मानसिक संतुलन के उड़ का लिए वो ब्रेक में टेबल टेनिस खेलती थीं।

आजकल जगह कोई मायने नहीं रखती

राधिका कहती हैं कि आलीराजपुर जैसे कम साक्षरता वाले जिले से आना उनके लिए कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी प्रेरणा बना। छोटी जगहों में अवसरों की जानकारी नहीं होती। लेकिन, शिक्षा किस तरह जीवन बदल सकती है, यह मैंने वहीं से सीखा। वो कहती हैं आजकल टेक्नोलॉजी का लाभ लेकर कहीं से भी कुछ भी काम किया जा सकता है। मैंने दिल्ली में राजेंद्र नगर में कोचिंगों का हाल देखा था। इसलिए उनसे दूरी बनाकर ही तैयारी करने का फैसला किया। पूरी तैयारी घर बैठकर की।

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ये होंगी प्राथमिकताएं

राधिका कहती हैं आज भी हम देखते हैं आम जनता के लिए सरकारी सेवाओं का लाभ लेना आसान नहीं है। मेरी प्राथमिकता होगी कि में जनता के लिए सेवाओं को आसान बना सकूं। इसके अलावा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करना मेरी दूसरी प्राथमिकता होगी।

करियर एक नजर

नाम: आईएएस राधिका गुप्ता

जन्म: 5-4-1995

जन्मस्थान: आलीराजपुर

एजुकेशन: बीटेक

बैच: 2021

कैडर: तेलांगना

पदस्थापना

आईएएस राधिका गुप्ता वर्तमान में तेलंगना में एडिशनल कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

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राधिका आज हर लड़की को यह सीख देती हैं कि आप खुद को किसी से कम नहीं समझें। बस अपने दिल की आवाज सुनें।

FAQ

आईएएस राधिका गुप्ता किस जिले से हैं?
आईएएस राधिका गुप्ता मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले से हैं, जिसे देश के सबसे कम साक्षरता दर वाले जिलों में गिना जाता है।
राधिका गुप्ता की शैक्षणिक योग्यता क्या है?
राधिका गुप्ता ने इंदौर के SGSITS से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है।
राधिका गुप्ता ने यूपीएससी के लिए कौन-सा वैकल्पिक विषय चुना था?
उन्होंने यूपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए एंथ्रोपोलॉजी (Anthropology) को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था।

मध्य प्रदेश यूपीएससी IAS आईएएस राधिका गुप्ता
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