शहजाद भट्टी: इंस्टाग्राम से आतंकी भर्ती, एमपी तक फैल चुका है नेटवर्क
CHAKRESH | Jun 01, 2026, 10:00 IST
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पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ISI के इशारे पर भारत में स्लीपर सेल बना रहा है। इंस्टाग्राम से युवाओं को फंसाकर हमले करवाता है। UP ATS ने 150 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की है। thesootr Prime में जानिए आतंक के इस नए चेहरे के बारे में…
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ISI के इशारे पर भारत में स्लीपर सेल बना रहा है। वह दुबई से नेटवर्क चलाता है और इंस्टाग्राम के जरिए युवाओं को फंसाता है। UP, दिल्ली, पंजाब और MP में उसके कई मॉड्यूल पकड़े जा चुके हैं।
TTH यानी तहरीके तालिबान हिंदुस्तान के प्रचार के पीछे भी उसी का नाम है। करीब 150 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है, लेकिन भट्टी अब भी पाकिस्तान में आजाद है।
पाकिस्तान का एक नाम इन दिनों भारत की सुरक्षा एजेंसियों को सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है। वो नाम है शहजाद भट्टी। कुछ साल पहले तक वो एक साधारण गैंगस्टर था। धीरे-धीरे वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का हथियार बन गया है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कोर्ट में खुद यह बात कही है। भट्टी अब ISI के इशारे पर काम करता है। उसका तरीका अनोखा है। वो पाकिस्तान में रहता है, दुबई से आदेश देता है और काम भारत में होता है।
सोचिए, एक 20 साल का लड़का इंस्टाग्राम चला रहा है। अचानक एक अनजान शख्स दोस्ती का हाथ बढ़ाता है। पहले बातचीत, फिर भरोसा, फिर पैसों का लालच। और फिर एक काम- जो होता है देश के खिलाफ।
गोरखपुर के एक 20 साल के युवक और बाराबंकी के 23 साल के दानियाल अशरफ के साथ यही हुआ। दोनों का संपर्क शहजाद भट्टी से इंस्टाग्राम पर ही हुआ था।
भट्टी ने इन्हें एक सपना दिखाया। मेरे कहने पर काम करो, भारत में हीरो बन जाओगे। हीरो बनने का लालच था। काम मिला वर्दीधारी पुलिसकर्मियों पर हमले का।
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भट्टी उन युवाओं को ढूंढता है जो आर्थिक रूप से टूटे हुए हैं। नशे के शिकार युवा सबसे आसान शिकार बनते हैं। उन्हें पैसों और विदेश में बसाने का सपना दिखाया जाता है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक AC मैकेनिक, गोरखपुर का एक युवक, मुजफ्फरनगर का एक लड़का। इन सबको इसी जाल में फंसाया गया।
यह कोई बॉलीवुड की कहानी नहीं है। यह असल जिंदगी में आपके शहर में हो रहा है।
शहजाद भट्टी सिर्फ हमला नहीं करवाता, वो डर भी फैलाता है। इसके लिए उसने एक संगठन का नाम चुना- TTH यानी तहरीके तालिबान हिंदुस्तान। एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड ( ATS) बताती है दिल्ली और फरीदाबाद में एक शख्स को काम सौंपा गया था। उसे दीवारों पर TTH लिखना था।
साथ में नीचे एक छोटा S, ताकि सबको पता चले यह शहजाद का काम है। सोचिए- जैसे कोई नेता अपना चुनाव प्रचार करे, वैसे ही यह गैंगस्टर खुद की ब्रांडिंग कर रहा है। बस फर्क यह है कि यह ब्रांडिंग खौफ के लिए है।
पंजाब के गुरदासपुर और अमृतसर में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर की हत्या हुई। इसके बाद TTH ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसके पीछे शहजाद भट्टी का हाथ है। दिल्ली और पंजाब में अस्पतालों और पार्टी दफ्तरों को उड़ाने की साजिश भी सामने आई। इसमें भी चार गुर्गे पकड़े गए।
UP ATS और STF (स्पेशल टास्क फोर्स) ने मिलकर सहारनपुर से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। महकाब, शाहरुख, गगनदीप उर्फ गुरी सिंह और हरिद्वार से मुशर्रफ। ये चारों भट्टी के इशारे पर संवेदनशील जगहों की जासूसी कर रहे थे। इतना ही नहीं, ये नए युवाओं को भर्ती भी कर रहे थे।
UP ATS अब तक भट्टी के चार अलग-अलग मॉड्यूल तोड़ चुकी है। 150 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है। इसके अलावा NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी), UP ATS, UP STF और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, सभी एक साथ इस नेटवर्क के पीछे लगी हैं।
मध्य प्रदेश से शहजाद भट्टी के नेटवर्क के दो अलग-अलग मॉड्यूल सामने आ चुके हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नवंबर 2025 में पंजाब के गुरदासपुर में पुलिस स्टेशन के बाहर हुए ग्रेनेड हमले के बाद एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इसमें MP के दतिया जिले का 19 साल का विकास प्रजापति उर्फ बेटू, पंजाब के फिरोजपुर से हरगुनप्रीत सिंह और UP के बिजनौर से आसिफ को गिरफ्तार किया गया।
विकास प्रजापति ने इंस्टाग्राम के जरिए शहजाद भट्टी से संपर्क किया था। जल्दी पैसे कमाने के लालच में वो अवैध पिस्टल के कारोबार में शामिल हो गया और फिर भट्टी के लिए काम करने को राजी हो गया।
दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे की लगातार तलाश के बाद MP में विकास को पकड़ा। उससे पूछताछ में पूरे मॉड्यूल का तरीका सामने आया। इस गिरफ्तारी में एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन जब्त किए गए जिनमें रेकी के वीडियो और संदिग्ध चैट मौजूद थे।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने अप्रैल 2026 में MP के ग्वालियर जिले के डबरा से दो और ऑपरेटिव गिरफ्तार किए। 21 साल का राजवीर और 19 साल का विवेक बंजारा। ये दोनों ग्वालियर जिले के निवासी हैं। इन्हें दिल्ली-NCR के होटलों और क्लबों में टारगेट शूटिंग और ग्रेनेड हमले करने के लिए तैयार किया जा रहा था।
16 अप्रैल को ह्यूमन इंटेलीजेंस के आधार पर विवेक बंजारा को डबरा से गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में मुख्य आरोपी राजवीर का सुराग मिला, जिसे 18 अप्रैल को दिल्ली के सराय काले खां से पकड़ा गया।
11 अप्रैल को दोनों को पंजाब के जीरकपुर में एक क्लब पर फायरिंग का आदेश मिला था जिसने भट्टी की एक्सटॉर्शन डिमांड मानने से इनकार किया था। राजवीर का हथियार फेल हो गया जिससे हमला नाकाम रहा।
जांच में सामने आया कि राजवीर को भट्टी के एक सहयोगी 'राणा भाई' ने सोशल मीडिया पर रिक्रूट किया था। मार्च 2026 में शहजाद भट्टी ने राजवीर को अहमदाबाद से हथियार उठाने का निर्देश दिया था।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य खूंखार गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई ने NIA कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। अर्जी में लिखा कि शहजाद भट्टी से उसकी जान को खतरा है। NIA ने भी माना कि यह खतरा असली है। भारत के सबसे खतरनाक गैंगस्टरों में से एक खुद एक पाकिस्तानी गैंगस्टर से डरा हुआ है। यह बताता है कि भट्टी का नेटवर्क कितना ताकतवर हो गया है।
शहजाद भट्टी मूल रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है। 2013 में पहली बार उसके खिलाफ चोरी और डकैती के मामले दर्ज हुए। इसके बाद धीरे-धीरे उस पर और आरोप लगते गए, जिनमें बलात्कार के आरोप भी शामिल हैं।
एजेंसियों का मानना है कि भट्टी करीब 2015 के आसपास संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE चला गया। यहीं से उसके नेटवर्क की असली शुरुआत हुई।
भट्टी 333 बैनर के साथ ऑनलाइन वीडियो बनाकर एक बड़ा सोशल मीडिया फॉलोअर बेस तैयार करता रहा। धर्म से जुड़े मुद्दों, भारत-पाकिस्तान संबंधों और इन्फ्लुएंसर विवादों पर बोलकर उसने खुद को एक controversial चेहरे के रूप में स्थापित किया। वो TikTok और Instagram पर लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाता है। लाइव मैच करता है और खुलेआम धमकियां देता है। वो खुद को इस्लाम और पाकिस्तान का सिपाही बताता है।
भारत की खूफिया एजेंसियां मानती हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव में यह नेटवर्क और भी सक्रिय हो सकता है। सोशल मीडिया पर भर्ती अभी भी जारी है। अगला निशाना आपके शहर का कोई युवा हो सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या NIA इस नेटवर्क की टॉप लीडरशिप तक पहुंच पाएगी? या सिर्फ जमीनी स्तर के लोग ही पकड़े जाते रहेंगे? जब तक आतंकी शहजाद भट्टी पाकिस्तान में सुरक्षित है, यह नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं होगा। इसलिए आप अपने आसपास के युवाओं को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के आसान पैसे वाले ऑफर के बारे में सचेत करें। यह भर्ती अभी भी चल रही है।
सोर्स: यह रिपोर्ट प्रकाशित समाचार स्रोतों, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के कोर्ट बयानों और UP ATS की कार्रवाइयों पर आधारित है।
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TTH यानी तहरीके तालिबान हिंदुस्तान के प्रचार के पीछे भी उसी का नाम है। करीब 150 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है, लेकिन भट्टी अब भी पाकिस्तान में आजाद है।
शहजाद भट्टी कौन है?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कोर्ट में खुद यह बात कही है। भट्टी अब ISI के इशारे पर काम करता है। उसका तरीका अनोखा है। वो पाकिस्तान में रहता है, दुबई से आदेश देता है और काम भारत में होता है।
इंस्टाग्राम से शुरू होती है साजिश
गोरखपुर के एक 20 साल के युवक और बाराबंकी के 23 साल के दानियाल अशरफ के साथ यही हुआ। दोनों का संपर्क शहजाद भट्टी से इंस्टाग्राम पर ही हुआ था।
भट्टी ने इन्हें एक सपना दिखाया। मेरे कहने पर काम करो, भारत में हीरो बन जाओगे। हीरो बनने का लालच था। काम मिला वर्दीधारी पुलिसकर्मियों पर हमले का।
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कौन सा युवा निशाने पर है?
यह कोई बॉलीवुड की कहानी नहीं है। यह असल जिंदगी में आपके शहर में हो रहा है।
TTH- डर फैलाने का असली हथियार
साथ में नीचे एक छोटा S, ताकि सबको पता चले यह शहजाद का काम है। सोचिए- जैसे कोई नेता अपना चुनाव प्रचार करे, वैसे ही यह गैंगस्टर खुद की ब्रांडिंग कर रहा है। बस फर्क यह है कि यह ब्रांडिंग खौफ के लिए है।
पंजाब में हत्याओं के बाद TTH ने ली जिम्मेदारी
UP ATS की बड़ी कार्रवाई
UP ATS अब तक भट्टी के चार अलग-अलग मॉड्यूल तोड़ चुकी है। 150 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है। इसके अलावा NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी), UP ATS, UP STF और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, सभी एक साथ इस नेटवर्क के पीछे लगी हैं।
शहजाद भट्टी का MP कनेक्शन
पहला मॉड्यूल- दिसंबर 2025 (दतिया, MP)
विकास प्रजापति ने इंस्टाग्राम के जरिए शहजाद भट्टी से संपर्क किया था। जल्दी पैसे कमाने के लालच में वो अवैध पिस्टल के कारोबार में शामिल हो गया और फिर भट्टी के लिए काम करने को राजी हो गया।
दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे की लगातार तलाश के बाद MP में विकास को पकड़ा। उससे पूछताछ में पूरे मॉड्यूल का तरीका सामने आया। इस गिरफ्तारी में एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन जब्त किए गए जिनमें रेकी के वीडियो और संदिग्ध चैट मौजूद थे।
दूसरा मॉड्यूल- अप्रैल 2026 (ग्वालियर/डबरा, MP)
16 अप्रैल को ह्यूमन इंटेलीजेंस के आधार पर विवेक बंजारा को डबरा से गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में मुख्य आरोपी राजवीर का सुराग मिला, जिसे 18 अप्रैल को दिल्ली के सराय काले खां से पकड़ा गया।
11 अप्रैल को दोनों को पंजाब के जीरकपुर में एक क्लब पर फायरिंग का आदेश मिला था जिसने भट्टी की एक्सटॉर्शन डिमांड मानने से इनकार किया था। राजवीर का हथियार फेल हो गया जिससे हमला नाकाम रहा।
जांच में सामने आया कि राजवीर को भट्टी के एक सहयोगी 'राणा भाई' ने सोशल मीडिया पर रिक्रूट किया था। मार्च 2026 में शहजाद भट्टी ने राजवीर को अहमदाबाद से हथियार उठाने का निर्देश दिया था।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, कोर्ट स्टेटमेंट शहजाद भट्टी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम करता है। वो दुबई से अपना नेटवर्क संचालित करता है और भारत में स्लीपर सेल बनाता है। इस नेटवर्क की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कमजोर और नशे के शिकार युवाओं को निशाना बनाता है। इन्हें पैसे और विदेश में बसने का लालच दिया जाता है। हम हर मॉड्यूल को एक-एक कर तोड़ रहे हैं। UP ATS, विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स
गैंगस्टर को भी गैंगस्टर से डर
कौन है शहजाद भट्टी
एजेंसियों का मानना है कि भट्टी करीब 2015 के आसपास संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE चला गया। यहीं से उसके नेटवर्क की असली शुरुआत हुई।
सोशल मीडिया से बनाई पहचान
आगे क्या हो सकता है
सोर्स: यह रिपोर्ट प्रकाशित समाचार स्रोतों, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के कोर्ट बयानों और UP ATS की कार्रवाइयों पर आधारित है।
FAQ
- शहजाद भट्टी कौन है?
शहजाद भट्टी पाकिस्तान का एक कुख्यात गैंगस्टर है जो ISI के इशारे पर काम करता है। वो पाकिस्तान में रहता है और दुबई से अपना अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क चलाता है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने यह बात कोर्ट में कही है। - TTH यानी तहरीके तालिबान हिंदुस्तान क्या है?
TTH एक आतंकी संगठन का नाम है जिसका प्रचार शहजाद भट्टी और ISI मिलकर कर रहे हैं। इसका मकसद भारत में डर फैलाना और सोशल मीडिया पर खुद को खतरनाक दिखाना है। पंजाब में पुलिसकर्मियों की हत्याओं के बाद TTH ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली है।
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