12 मार्च का इतिहास: जब महात्मा गांधी की एक मुट्ठी नमक ने हिला दी ब्रिटिश हुकूमत

Kaushiki | Mar 12, 2026, 08:00 IST
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12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने साबरमती से दांडी मार्च शुरू किया। 24 दिनों की पदयात्रा के बाद नमक कानून तोड़कर उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य की जड़ें हिला दी थीं।

आज के दिन की कहानी: बात 11 मार्च, 1930 की है। तब भारत गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था। अंग्रेज हर छोटी चीज पर टैक्स वसूल रहे थे, यहां तक कि नमक पर भी। तब महात्मा गांधी ने एक अनोखा फैसला किया।

महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम से समुद्र के किनारे दांडी तक पैदल चलने की ठानी। हाथ में लाठी और मन में अटूट संकल्प लेकर गांधीजी निकल पड़े। उनके साथ सिर्फ 78 साथी थे लेकिन रास्ता बढ़ता गया और कारवां जुड़ता गया।

गांधीजी के 24 दिनों की इस कठिन पदयात्रा ने सोए हुए भारत को जगा दिया। ये कहानी है उस एक मुट्ठी नमक की, जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी। आइए गांधीजी के इस अन्याय के खिलाफ खड़े होने के फैसले के बारे में जानें...

दांडी यात्रा की अमर गाथा: जब एक मुट्ठी नमक से हिल गया था ब्रिटिश साम्राज्य  - Swarnim Pradesh
दांडी यात्रा की अमर गाथा: जब एक मुट्ठी नमक से हिल गया था ब्रिटिश साम्राज्य - Swarnim Pradesh


साबरमती से शुरू हुआ क्रांति का कारवां

गांधीजी ने साबरमती आश्रम से अपने 78 भरोसेमंद साथियों के साथ यात्रा शुरू की। उस समय गांधीजी की उम्र करीब 61 साल थी, लेकिन जोश गजब था।

गांधीजी हर दिन करीब 15 से 20 किलोमीटर तक पैदल चलते थे। रास्ते में जो भी गांव आता, वहां लोग गांधीजी का स्वागत करते थे। हजारों की भीड़ उनके साथ जुड़ती गई और यह एक जन-आंदोलन बन गया।

12 मार्च 1930: जब गांधी जी ने दांडी यात्रा शुरू कर हिला दी थी अंग्रेजी  सत्‍ता की नींव - History AajTak
12 मार्च 1930: जब गांधी जी ने दांडी यात्रा शुरू कर हिला दी थी अंग्रेजी सत्‍ता की नींव - History AajTak


24 दिनों का कठिन सफर

यह पदयात्रा पूरे 24 दिनों तक चली और कुल 390 किलोमीटर लंबी थी। गांधीजी ने रास्ते में रुककर लोगों को स्वच्छता और एकता का संदेश दिया।

गांधीजी ने बताया कि बिना हिंसा के भी बड़ी लड़ाई जीती जा सकती है। ब्रिटिश सरकार को समझ नहीं आ रहा था कि गांधीजी को कैसे रोकें। पूरा देश अब रेडियो और अखबारों के जरिए इस यात्रा को देख रहा था।

12 मार्च 1930: जब गांधी जी ने दांडी यात्रा शुरू कर हिला दी थी अंग्रेजी  सत्‍ता की नींव - History AajTak
12 मार्च 1930: जब गांधी जी ने दांडी यात्रा शुरू कर हिला दी थी अंग्रेजी सत्‍ता की नींव - History AajTak


जब टूट गया नमक कानून

आखिरकार 5 अप्रैल को गांधीजी दांडी के समुद्री तट पर पहुंच गए। अगली सुबह यानी 6 अप्रैल को उन्होंने समुद्र के किनारे एक मुट्ठी नमकबनाकर कानून तोड़ा। उन्होंने हाथ में नमक लेकर कहा कि इससे ब्रिटिश साम्राज्य की जड़ें हिलेंगी।

ये सविनय अवज्ञा आंदोलन (Civil Disobedience Movement) की औपचारिक शुरुआत थी। इसके बाद पूरे देश में लोग खुद नमक बनाने और कानून तोड़ने लगे।

जब एक मुट्ठी ''नमक'' से महात्मा गांधी ने बदल दी देश की किस्मत - mahatma  gandhi changed the country s fate from dandi march-mobile
जब एक मुट्ठी ''नमक'' से महात्मा गांधी ने बदल दी देश की किस्मत - mahatma gandhi changed the country s fate from dandi march-mobile


नमक को ही क्यों चुना गया हथियार

नमक हर भारतीय की बुनियादी जरूरत थी, चाहे वह अमीर हो या गरीब। अंग्रेज इस पर टैक्स लगाकर हर घर से पैसा वसूल रहे थे। गांधीजी जानते थे कि नमक सबको एक साथ जोड़ सकता है।

इसने हिंदू-मुस्लिम और अमीर-गरीब के बीच की दीवारों को गिरा दिया। ब्रिटिश सरकार ने इस आंदोलन के बाद हजारों लोगों को जेल में डाल दिया।

12 मार्च 1930: जब गांधी जी ने दांडी यात्रा शुरू कर हिला दी थी अंग्रेजी  सत्‍ता की नींव - History AajTak
12 मार्च 1930: जब गांधी जी ने दांडी यात्रा शुरू कर हिला दी थी अंग्रेजी सत्‍ता की नींव - History AajTak


दांडी मार्च का वैश्विक प्रभाव

इस यात्रा ने पूरी दुनिया का ध्यान भारत की आजादी पर खींचा। विदेशी पत्रकार भी गांधीजी के साथ पैदल चलकर रिपोर्टिंग कर रहे थे। अमेरिकी मैगजीन टाइम ने गांधीजी को मैन ऑफ द ईयर तक कहा।

अंग्रेजों को पहली बार अहसास हुआ कि भारत अब और गुलाम नहीं रहेगा। दांडी मार्च ने भारतीयों के मन से अंग्रेजों का डर पूरी तरह निकाल दिया। इससे-

  • अंग्रेजों का डर खत्म हुआ
    पहली बार आम भारतीयों के मन से ब्रिटिश हुकूमत का खौफ निकल गया। जब गांधीजी ने खुलेआम कानून तोड़ा, तो लोगों को एहसास हुआ कि एकता में कितनी ताकत है और वे भी अंग्रेजों को चुनौती दे सकते हैं।
  • महिलाएं पहली बार बाहर आईं
    दांडी मार्च ने भारतीय महिलाओं को घरों से निकालकर आजादी की लड़ाई के केंद्र में ला दिया। सरोजिनी नायडू जैसी नेताओं के नेतृत्व में हजारों महिलाओं ने शराब की दुकानों और विदेशी कपड़ों के खिलाफ धरने दिए।
  • पूरी दुनिया का ध्यान भारत पर गया
    अमेरिकी और यूरोपीय मीडिया ने इस यात्रा को बड़े स्तर पर कवर किया। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंग्रेजों की बुराई हुई और दुनिया को पता चला कि भारतीय अब गुलामी सहने को तैयार नहीं हैं।
  • स्वदेशी का जज्बा जागा
    नमक कानून टूटने के बाद पूरे देश में विदेशी सामानों का बहिष्कार शुरू हो गया। लोग खादी पहनने लगे और खुद नमक बनाने लगे, जिससे ब्रिटिश व्यापार को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा।
  • आजादी की आखिरी लड़ाई की नींव
    इस आंदोलन ने सविनय अवज्ञा (Civil Disobedience) की शुरुआत की। इसी की वजह से आगे चलकर भारत छोड़ो आंदोलन की जमीन तैयार हुई। अंत में अंग्रेजों को भारत छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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गांधीजी का संकल्प

दांडी मार्च सिर्फ एक यात्रा नहीं थी, बल्कि ये आत्मसम्मान की लड़ाई थी। गांधीजी ने कसम खाई थी कि जब तक आजादी नहीं मिलेगी, आश्रम नहीं लौटेंगे।

गांधीजी की इस दृढ़ता ने लाखों युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम में कूदने की प्रेरणा दी। आज भी साबरमती से दांडी का रास्ता हमें स्वावलंबन का पाठ पढ़ाता है। ये यात्रा भारतीय लोकतंत्र की सबसे मजबूत बुनियाद मानी जाती है।

Reference Links

12 मार्च की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 12 मार्च का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।

आइए जानते हैं 12 मार्च (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-

विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 538: राजा विटिगेस ने रोम की घेराबंदी खत्म की और शहर रोमन सेनापति बेलिसरियस के हवाले कर दिया।
  • 1609: अटलांटिक महासागर में स्थित बरमुडा द्वीप आधिकारिक तौर पर अंग्रेजों का उपनिवेश बना।
  • 1734: साल्ज़बर्गर्स के लोग जॉर्जिया की ब्रिटिश कॉलोनी में सवाना नदी के पास पहुंचे।
  • 1737: प्रसिद्ध वैज्ञानिक गैलीलियो का पार्थिव शरीर इटली के फ्लोरेंस स्थित सांता क्रोस चर्च लाया गया।
  • 1755: अमेरिका में पहले भाप इंजन (Steam Engine) का निर्माण और खदान से पानी निकालने हेतु इस्तेमाल शुरू हुआ।
  • 1864: अमेरिकी गृह युद्ध के दौरान संघ की सेना ने अपना चर्चित 'लाल नदी अभियान' शुरू किया।
  • 1870: ओटोमन सुल्तान के आदेश से बल्गेरियाई रूढ़िवादी चर्च (Exarchate) की स्थापना की गई।
  • 1881: एंड्रयू वॉटसन स्कॉटलैंड के लिए खेलकर दुनिया के पहले अश्वेत अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी बने।
  • 1884: अमेरिका के मिसिसिपी में पहली बार महिलाओं के लिए राज्य कॉलेज की नींव रखी गई।
  • 1894: दुनिया के मशहूर सॉफ्ट ड्रिंक 'कोका कोला' को पहली बार बोतलों में भरकर बेचना शुरू किया गया।
  • 1912: जूलियट गॉर्डन लो ने 'गर्ल स्काउट्स' संगठन की स्थापना की, जो बाद में पूरे USA में फैला।
  • 1921: तुर्की की असेंबली ने आधिकारिक तौर पर अपना राष्ट्रगान 'इस्तिकलामार्सी' अपनाया।
  • 1927: जॉन बैरीमोर की मशहूर साहसी फिल्म 'द थियोडिंग रॉग' सिनेमाघरों में रिलीज हुई।
  • 1928: कैलिफोर्निया में सेंट फ्रांसिस डैम टूटने से आई भीषण बाढ़ में करीब 600 लोगों की मौत हुई।
  • 1934: एस्टोनियाई सेना के समर्थन से कॉन्स्टेंटिन पाट्स ने तख्तापलट कर सत्ता हासिल की।
  • 1948: कोस्टा रिका में गृह युद्ध (Civil War) की शुरुआत हुई।
  • 1952: ब्रिटिश राजनयिक हेस्टिंग्स इस्माय को नाटो (NATO) का पहला महासचिव नियुक्त किया गया।
  • 1954: फिनलैंड और जर्मनी ने आधिकारिक रूप से युद्ध खत्म करने की घोषणा की।
  • 1968: मॉरीशस को ब्रिटिश हुकूमत से पूरी तरह स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
  • 1970: अमेरिका में मतदान करने की न्यूनतम उम्र 21 साल से घटाकर 18 साल की गई।
  • 1993: मैक्सिको की खाड़ी में आए 'सेंचुरी तूफान' ने अमेरिका की 40% आबादी को प्रभावित किया।
  • 1995: बर्मिंघम में आइस पेयर्स और आइस डांस चैंपियनशिप में दिग्गज खिलाड़ियों ने जीत दर्ज की।
  • 2008: अमेरिकी वायुसेना ने दुनिया के पहले स्टील्थ लड़ाकू विमान F-117 को रिटायर किया।
  • 2008: दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला मानी जाने वाली वारवा सेमेनिकोवा का 117 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
  • 2011: जापान में आए विनाशकारी भूकंप और सुनामी के बाद 50,000 बचाव कर्मियों को तैनात किया गया।
  • 2011: जापान के फुकुशिमा में भीषण परमाणु आपदा (Nuclear Disaster) की घटना घटी।
  • 2012: चीन ने अपने हाई-स्पीड रेलवे नेटवर्क के एक नए खंड का सफल परीक्षण किया।
  • 2013: Google डेटा प्राइवेसी से जुड़े एक मुकदमे को सुलझाने के लिए जुर्माना भरने पर सहमत हुआ।
  • 2013: रोम में नए पोप (बेनेडिक्ट सोलहवें के उत्तराधिकारी) के चुनाव के लिए कार्डिनल की बैठक हुई।
  • 2014: चीन ने लापता मलेशियाई एयरलाइंस (MH370) से जुड़े मलबे की सैटेलाइट तस्वीरें जारी कीं।
  • 2014: राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यूक्रेन के प्रधानमंत्री से मिलकर रूस के खिलाफ सहयोग का वादा किया।

भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 1930: महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम से नमक कानून के खिलाफ ऐतिहासिक 'दांडी मार्च' शुरू किया।
  • 1930: सरोजिनी नायडू के साथ गांधीजी ने 24 दिनों की पदयात्रा कर ब्रिटिश कर प्रणाली को चुनौती दी।
  • 1993: मुंबई (बॉम्बे) में 13 सिलसिलेवार बम धमाके हुए, जिसमें 257 लोगों की जान गई।
  • 1993: बम धमाकों में 700 से ज्यादा लोग घायल हुए, इस दिन को भारतीय इतिहास में 'ब्लैक फ्राइडे' कहा जाता है।
  • 1995: भारत में हुए आम चुनावों में कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा।

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