क्या छत्तीसगढ़ के गांवों में भी आ गया शहर,जहां कभी चिट्ठी पहुंचती थी देर से, वहां अब वीडियो कॉल
क्या छत्तीसगढ़ के गांवों में भी आ गया शहर,जहां कभी चिट्ठी पहुंचती थी देर से, वहां अब वीडियो कॉल

01 Nov 2026

By Arun Tiwari

जिस गांव में कभी खबर के लिए अखबार या रेडियो का इंतजार करना पड़ता था, वहां आज मोबाइल पर दुनिया भर की जानकारी मिल सकती है। यह छत्तीसगढ़ के गांवों में बदलाव की तस्वीर का एक हिस्सा है। लेकिन सवाल है कि क्या सुविधाओं के विस्तार ने गांव को शहर जैसा बना दिया। या बदलाव के बावजूद कुछ बुनियादी समस्याएं अब भी वैसी ही हैं।

जिस गांव में कभी खबर के लिए अखबार या रेडियो का इंतजार करना पड़ता था, वहां आज मोबाइल पर दुनिया भर की जानकारी मिल सकती है। यह छत्तीसगढ़ के गांवों में बदलाव की तस्वीर का एक हिस्सा है। लेकिन सवाल है कि क्या सुविधाओं के विस्तार ने गांव को शहर जैसा बना दिया। या बदलाव के बावजूद कुछ बुनियादी समस्याएं अब भी वैसी ही हैं।

मुख्यमंत्री के कार्यालय के सामने बनी सड़क 8 दिन में उखड़ी, जेडीए की सड़क क्वालिटी पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री के कार्यालय के सामने बनी सड़क 8 दिन में उखड़ी, जेडीए की सड़क क्वालिटी पर उठे सवाल

01 Nov 2026

By Jageshwar Prasad

राजधानी जयपुर के विकास कार्यों और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अपने सांगानेर विधानसभा क्षेत्र कार्यालय के ठीक बाहर, अग्रवाल फार्म बीटू बाईपास चौराहे पर जेडीए (JDA) द्वारा बनाई गई सड़क महज आठ दिनों के भीतर ही पूरी तरह उखड़ गई और सड़क से कंक्रीट बाहर निकलने लगा।

राजधानी जयपुर के विकास कार्यों और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अपने सांगानेर विधानसभा क्षेत्र कार्यालय के ठीक बाहर, अग्रवाल फार्म बीटू बाईपास चौराहे पर जेडीए (JDA) द्वारा बनाई गई सड़क महज आठ दिनों के भीतर ही पूरी तरह उखड़ गई और सड़क से कंक्रीट बाहर निकलने लगा।

SBI कार्डधारकों को झटका: अब पेट्रोल-डीजल और टोल पेमेंट पर लग सकता है एक्सट्रा चार्ज, जानें कब से लागू होगा नियम
SBI कार्डधारकों को झटका: अब पेट्रोल-डीजल और टोल पेमेंट पर लग सकता है एक्सट्रा चार्ज, जानें कब से लागू होगा नियम

01 Nov 2026

By Manya Jain

1 दिसंबर से SBI क्रेडिट कार्ड के चार्ज बदल सकते हैं। नए नियम में पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त फीस लग सकती है। फ्यूल खर्च 50 हजार रुपए से ज्यादा होने पर फीस लगेगी। पूरी रकम पर 1 प्रतिशत चार्ज लगने की बात है। यानी 60 हजार रुपए के पेट्रोल पर 600 रुपए अतिरिक्त लगेंगे। आम ग्राहकों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

1 दिसंबर से SBI क्रेडिट कार्ड के चार्ज बदल सकते हैं। नए नियम में पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त फीस लग सकती है। फ्यूल खर्च 50 हजार रुपए से ज्यादा होने पर फीस लगेगी। पूरी रकम पर 1 प्रतिशत चार्ज लगने की बात है। यानी 60 हजार रुपए के पेट्रोल पर 600 रुपए अतिरिक्त लगेंगे। आम ग्राहकों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

इंदौर हाईकोर्ट ने कहा था सरकारी धन से मुकदमेबाजी करते हैं अधिकारी, निगम इसी के खिलाफ अपील में गया
इंदौर हाईकोर्ट ने कहा था सरकारी धन से मुकदमेबाजी करते हैं अधिकारी, निगम इसी के खिलाफ अपील में गया

01 Nov 2026

By Sanjay Gupta

इंदौर हाईकोर्ट ने नगर निगम के एक विवादित आदेश को लेकर खासी आपत्ति ली थी। इस मामले में सिंगल बेंच ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि अधिकारी सार्वजनिक धन से मुकदमेबाजी करते हैं। साथ ही एक लाख की कॉस्ट लगाई थी। अब इसी बात को लेकर फिर निगम के अधिकारियों ने केस लगा दिया और अपील कर दी।

इंदौर हाईकोर्ट ने नगर निगम के एक विवादित आदेश को लेकर खासी आपत्ति ली थी। इस मामले में सिंगल बेंच ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि अधिकारी सार्वजनिक धन से मुकदमेबाजी करते हैं। साथ ही एक लाख की कॉस्ट लगाई थी। अब इसी बात को लेकर फिर निगम के अधिकारियों ने केस लगा दिया और अपील कर दी।

छत्तीसगढ़ की थाली के 26 साल, चीला-फरा से फास्ट फूड तक, विकास के साथ बदला छत्तीसगढ़िया जायका
छत्तीसगढ़ की थाली के 26 साल, चीला-फरा से फास्ट फूड तक, विकास के साथ बदला छत्तीसगढ़िया जायका

01 Nov 2026

By Arun Tiwari

कभी सुबह की शुरुआत बासी भात, चटनी और चाय से होती थी। चीला, फरा और ठेठरी-खुरमी रसोई की पहचान थे। अब उसी छत्तीसगढ़ में पिज्जा, बर्गर, मोमोज और फास्ट फूड भी जगह बना चुके हैं। छत्तीसगढ़ की थाली के 26 साल पर सवाल है कि क्या थाली बदल गई। यह भी देखना जरूरी है कि पारंपरिक स्वाद पीछे छूट रहे हैं या नए रूप में जगह बना रहे हैं।

कभी सुबह की शुरुआत बासी भात, चटनी और चाय से होती थी। चीला, फरा और ठेठरी-खुरमी रसोई की पहचान थे। अब उसी छत्तीसगढ़ में पिज्जा, बर्गर, मोमोज और फास्ट फूड भी जगह बना चुके हैं। छत्तीसगढ़ की थाली के 26 साल पर सवाल है कि क्या थाली बदल गई। यह भी देखना जरूरी है कि पारंपरिक स्वाद पीछे छूट रहे हैं या नए रूप में जगह बना रहे हैं।