इंदौर हाईकोर्ट ने कहा था सरकारी धन से मुकदमेबाजी करते हैं अधिकारी
इंदौर हाईकोर्ट ने कहा था सरकारी धन से मुकदमेबाजी करते हैं अधिकारी, निगम इसी के खिलाफ अपील में गया
Sanjay Gupta | Nov 01, 2026, 11:38 IST
गलत टैक्स नोटिस पर हाईकोर्ट की फटकार और 1 लाख के जुर्माने से अफसरों को बचाने के लिए इंदौर नगर निगम ने जनता के पैसे से फिर अपील कर दी।
इंदौर हाईकोर्ट ने नगर निगम के एक विवादित आदेश को लेकर खासी आपत्ति ली थी। इस मामले में सिंगल बेंच ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि अधिकारी सार्वजनिक धन से मुकदमेबाजी करते हैं। साथ ही एक लाख की कॉस्ट लगाई थी। अब इसी बात को लेकर फिर निगम के अधिकारियों ने केस लगा दिया और अपील कर दी।
इंदौर में सरकारी अधिकारियों के काम में लापरवाही के चलते हो रही मुकदमेबाजी पर हुई टिप्पणी अब अधिकारियों को पसंद नहीं आई। इंदौर नगर निगम के अधिकारी अपने खिलाफ हुई टिप्पणी और एक लाख की कॉस्ट से इतने परेशान हुए कि उन्होंने फिर अपने वकीलों को मैदान में उतारते हुए रिट अपील दायर कर दी। इसके पहले इंदौर में महू एसडीएम राकेश परमार पर भी उनकी लापरवाही के चलते 50 हजार रुपए की कॉस्ट लगाई गई थी।
यह है पूरा विवाद
इस पर हाईकोर्ट सिंगल बेंच ने यह कहा-
वैधानिक संस्थाओं के अधिकारी अक्सर मुकदमों में सार्वजनिक धन के माध्यम से मुकदमेबाजी करते हैं। ऐसी स्थिति में किसी अधिकारी द्वारा गलत आदेश पारित किए जाने के कारण उत्पन्न मुकदमेबाजी का आर्थिक भार अनावश्यक रूप से सार्वजनिक कोष पर नहीं डाला जाना चाहिए।
भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने तथा संबंधित अधिकारियों को अपने वैधानिक दायित्वों के प्रति सजग करने के उद्देश्य से न्यायालय ने एक लाख रुपए की कॉस्ट लगाते हैं। इसमें से 75 हजार रुपए मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में और 25 हजार फरियादी को दी जाएगी।
इसी के खिलाफ कर दी अपील
आदेश के अनुसार कॉस्ट केवल निचले स्तर पर नहीं लगेगी यह निगमायुक्त तक आएगी। ऐसे में नीचे से लेकर उच्च स्तर के अधिकारियों को इससे बचाने के लिए ही निगम ने आननफानन में रिट अपील दायर करते हुए एक बार फिर अपने वकीलों को मैदान में उतार दिया है। उल्लेखनीय है कि फिर इस केस का भुगतान निगम द्वारा वकीलों को किया जाएगा और वह भी आमजन के टैक्स की राशि से ही। जिस पर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने खासी आपत्ति लेते हुए टिप्पणी की थी।
इंदौर हाईकोर्ट
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