MP में सियासत का सुपर वीक: शाह-भागवत-गडकरी और राहुल आए, शिवराज की टीस और बिप्लब का मैसेज, जानें और क्या-क्या हुआ?
MP में सियासत का सुपर वीक: शाह-भागवत-गडकरी और राहुल आए, शिवराज की टीस और बिप्लब का मैसेज, जानें और क्या-क्या हुआ?

03 Oct 2026

By Ravi Kant Dixit

मध्यप्रदेश में इस हफ्ते खूब सियासत हुई। सिस्टम की भी खूब बातें हुईं। संघ प्रमुख डॉ.मोहन भागवत, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत सियासत के कई बड़े चेहरे मध्यप्रदेश में नजर आए।राहुल गांधी 12 दिन के भीतर दूसरी बार मध्यप्रदेश पहुंचे और बालाघाट में आदिवासी परिवारों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी बात सुनी।

मध्यप्रदेश में इस हफ्ते खूब सियासत हुई। सिस्टम की भी खूब बातें हुईं। संघ प्रमुख डॉ.मोहन भागवत, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत सियासत के कई बड़े चेहरे मध्यप्रदेश में नजर आए।राहुल गांधी 12 दिन के भीतर दूसरी बार मध्यप्रदेश पहुंचे और बालाघाट में आदिवासी परिवारों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी बात सुनी।

पंचायत चुनाव: भाजपा ने सात संभागों में चुनाव संचालन समितियां कीं घोषित, सौंपी वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी
पंचायत चुनाव: भाजपा ने सात संभागों में चुनाव संचालन समितियां कीं घोषित, सौंपी वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी

03 Oct 2026

By Jageshwar prasad

भाजपा ने पंचायत चुनाव 2026 के लिए सात संभागों में चुनाव संचालन समितियों की घोषणा की है। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर यह समितियां बनाई गई हैं। प्रत्येक समिति में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये समितियां चुनाव की तैयारियों, टिकट वितरण और स्थानीय समीकरण पर काम करेंगी। आगामी दिनों में ये समितियां संभाग स्तर पर बैठकें आयोजित करेंगी।

भाजपा ने पंचायत चुनाव 2026 के लिए सात संभागों में चुनाव संचालन समितियों की घोषणा की है। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर यह समितियां बनाई गई हैं। प्रत्येक समिति में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये समितियां चुनाव की तैयारियों, टिकट वितरण और स्थानीय समीकरण पर काम करेंगी। आगामी दिनों में ये समितियां संभाग स्तर पर बैठकें आयोजित करेंगी।

एमपी में न्याय की लंबी कतार: 3.57 लाख केस पेंडिंग, एक मामले में 32 साल और 150+ तारीखें
एमपी में न्याय की लंबी कतार: 3.57 लाख केस पेंडिंग, एक मामले में 32 साल और 150+ तारीखें

03 Oct 2026

By Arohi Raj

मध्यप्रदेश की अदालतों में पेंडिंग मामलों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में करीब 3.57 लाख केस लंबित हैं। इंदौर में 33 हजार 210, रीवा में 31 हजार 868, ग्वालियर में 17 हजार 382 और जबलपुर में 12 हजार 901 मामले पेंडिंग हैं। भोपाल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में भी 1.50 लाख से ज्यादा केस अटके हुए हैं।

मध्यप्रदेश की अदालतों में पेंडिंग मामलों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में करीब 3.57 लाख केस लंबित हैं। इंदौर में 33 हजार 210, रीवा में 31 हजार 868, ग्वालियर में 17 हजार 382 और जबलपुर में 12 हजार 901 मामले पेंडिंग हैं। भोपाल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में भी 1.50 लाख से ज्यादा केस अटके हुए हैं।

बारां में खाद संकट को लेकर नरेश मीणा का आमरण अनशन, ओम बिरला और प्रमोद जैन भाया पर भी बरसे
बारां में खाद संकट को लेकर नरेश मीणा का आमरण अनशन, ओम बिरला और प्रमोद जैन भाया पर भी बरसे

03 Oct 2026

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान के बारां जिले में खाद की कमी के विरोध में नरेश मीणा ने आमरण अनशन किया है। अनशन के दौरान हजारों किसान और समर्थक रैली में शामिल हुए। नरेश मीणा ने सरकारी तंत्र पर खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन से खाद उपलब्ध कराने की मांग की और कड़े शब्दों में अधिकारियों को चेताया।

राजस्थान के बारां जिले में खाद की कमी के विरोध में नरेश मीणा ने आमरण अनशन किया है। अनशन के दौरान हजारों किसान और समर्थक रैली में शामिल हुए। नरेश मीणा ने सरकारी तंत्र पर खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन से खाद उपलब्ध कराने की मांग की और कड़े शब्दों में अधिकारियों को चेताया।

अधिकारियों की खींचतान में फंसी मध्यप्रदेश की 237 पर्यावरण मंजूरियां, अब सिया बैठक में होगा फैसला!
अधिकारियों की खींचतान में फंसी मध्यप्रदेश की 237 पर्यावरण मंजूरियां, अब सिया बैठक में होगा फैसला!

03 Oct 2026

By Amresh Kushwaha

मध्यप्रदेश में पर्यावरण मंजूरियों को लेकर मामला अब कानूनी विवाद में फंस गया है। राज्य के प्राधिकरण में अधिकारियों के बीच चली खींचतान का असर 237 मंजूरियों पर पड़ा है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जहां 13 अक्टूबर को सुनवाई होगी। इस बीच केंद्र सरकार ने भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष साफ कर दिया है।

मध्यप्रदेश में पर्यावरण मंजूरियों को लेकर मामला अब कानूनी विवाद में फंस गया है। राज्य के प्राधिकरण में अधिकारियों के बीच चली खींचतान का असर 237 मंजूरियों पर पड़ा है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जहां 13 अक्टूबर को सुनवाई होगी। इस बीच केंद्र सरकार ने भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष साफ कर दिया है।