एमपी में न्याय की लंबी कतार: 3.57 लाख केस पेंडिंग, एक मामले में 32 साल और 150+ तारीखें
Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 03, 2026, 13:38 IST
एमपी में 3.57 लाख केस पेंडिंग हैं। वहीं, 18 हजार मामलों में सरकारी गवाह पेश नहीं हुए हैं।
मध्यप्रदेश की अदालतों में पेंडिंग मामलों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में करीब 3.57 लाख केस लंबित हैं। इंदौर में 33 हजार 210, रीवा में 31 हजार 868, ग्वालियर में 17 हजार 382 और जबलपुर में 12 हजार 901 मामले पेंडिंग हैं। भोपाल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में भी 1.50 लाख से ज्यादा केस अटके हुए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में 1.50 लाख से ज्यादा केस पेंडिंग हैं।
- 20 हजार 302 मामले सिर्फ गवाहों के पेश न होने से अटके हैं।
- करीब 18 हजार केसों में सरकारी गवाह पेश नहीं हो रहे हैं।
- कुछ केस 32 साल तक पुराने हैं और 150 से ज्यादा बार तारीख दी जा चुकी है।
- एक्सपर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही और कंटेंप्ट की कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
कौन से सरकारी गवाह नहीं आ रहे
समन और वारंट के बाद भी नदारद गवाह
इसका सीधा असर आम फरियादियों (Complainants) पर पड़ रहा है। सालों-साल चक्कर काटने के बाद उन्हें सिर्फ अगली तारीख मिलती है। जानकारों का कहना है कि जब तक सरकारी गवाहों की जवाबदेही तय नहीं होगी और कड़े नियम नहीं बनेंगे। तब तक पेंडेंसी का बोझ कम नहीं होगा।
आखिर गवाह क्यों नहीं पहुंच रहे
- समन या नोटिस की तामील न होना और पता बदल जाना।
- सरकारी कर्मचारी का ट्रांसफर या रिटायरमेंट होने से उसे पेश कराना मुश्किल होना।
- दूसरी जगह पदस्थ होने के कारण तारीख पर न आ पाना।
- दस्तावेज समय पर उपलब्ध न होने से गवाही टलना।
- कई बार गवाह जान-बूझकर बचते हैं, क्योंकि पुराने मामले उन्हें ठीक से याद नहीं होते हैं।
32 साल पुराना मामला: 150 से ज्यादा तारीखें
इस केस में अब तक 150 से ज्यादा बार तारीख दी जा चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार अशरफ और अनिल के खिलाफ 2006 में सीबीआई ने भी केस दर्ज किया था। वह केस भी सरकारी गवाही न होने के कारण पेंडिंग है।
2005 से लंबित, 100 से ज्यादा सुनवाई
एमपी में कितने मामले पेंडिंग हैं
| क्षेत्र | पेंडिंग मामले |
|---|---|
| प्रदेश | 3.57 लाख |
| इंदौर | 33,210 |
| रीवा | 31,868 |
| ग्वालियर | 17,382 |
| जबलपुर | 12,901 |
एक्सपर्ट की राय: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और जुर्माना
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही क्यों
आगे क्या देखना होगा
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQs
- भोपाल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में कितने मामले पेंडिंग हैं?
भोपाल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में 1.50 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग हैं, जिनमें से 20,302 मामले गवाहों के पेश न होने के कारण अटके हुए हैं। - सरकारी गवाह क्यों पेश नहीं हो रहे हैं?
सरकारी गवाह कई कारणों से पेश नहीं हो रहे हैं, जिसमें समन और नोटिस की तामील न होना, जगह का बदलना, ट्रांसफर या रिटायरमेंट शामिल हैं। - क्या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही की व्यवस्था की जाएगी?
यह पता नहीं है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही की व्यवस्था कब बढ़ाई जाएगी, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे गवाहों को कोर्ट में पेश होने की आवश्यकता कम होगी।
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