RKDF फर्जी मार्कशीट केस में कपूर परिवार को हाई कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक
Neel Tiwari | Oct 01, 2026, 20:23 IST
RKDF फर्जी मार्कशीट केस में डॉ कपूर परिवार को हाई कोर्ट से फौरी राहत मिली है।
भोपाल के RKDF ग्रुप से जुड़े मामले में कपूर परिवार ने हाई कोर्ट का रुख किया। याचिकाकर्ताओं में 96 वर्षीय जनक कपूर, उनके भाई डॉ. सुनील कपूर और उनके बेटे सिद्धार्थ कपूर शामिल हैं। तीनों ने अपराध क्रमांक 80/2024 से जुड़ी कार्रवाई में गिरफ्तारी की आशंका जताई। उनका कहना था कि 2024 में FIR दर्ज होने के बाद उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला।
उन्हें इस मामले में आरोपी भी नहीं बनाया गया था। इसके बावजूद विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों पर पुलिस कार्रवाई शुरू होने के बाद उन्हें अपने खिलाफ कार्रवाई का डर सताने लगा।
हाई कोर्ट के आदेश में गिरफ्तारी की आशंका की अहम वजह भी दर्ज है। याचिकाकर्ताओं ने एक हलफनामे का हवाला दिया। यह हलफनामा मनोज कुमार गंडवाने ने दिया था। वह सीहोर के एक संस्थान में केमिकल इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर बताए गए हैं। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने 17 सितंबर 2026 को जयपुर सेंट्रल जेल में डॉ. मुकेश तिवारी से मुलाकात की थी। डॉ. तिवारी विश्वविद्यालय के कुलपति बताए गए हैं। पुलिस ने उन्हें राजस्थान में गिरफ्तार किया था। मुलाकात के दौरान याचिकाकर्ताओं से जुड़ी जानकारी मांगे जाने की बात सामने आई। इसके बाद तीनों ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताई।
याचिका में बताया गया कि डॉ. मुकेश तिवारी की गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस ने की थी। वह जयपुर जेल में बंद थे। इसी दौरान पुलिस द्वारा याचिकाकर्ताओं से जुड़ी जानकारी मांगे जाने की बात सामने आई। याचिकाकर्ताओं ने इसे अपने खिलाफ संभावित कार्रवाई से जोड़ा। उनका कहना था कि अभी तक उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है। फिर भी जांच में उनका नाम और जानकारी मांगे जाने से उन्हें गिरफ्तारी का डर है।
अपराध क्रमांक 80/2024 के पीछे फर्जी मार्कशीट का विवाद बताया गया है। याचिका में कहा गया कि कुछ छात्रों की मार्कशीट के आधार पर कार्रवाई हुई। इन मार्कशीट को फर्जी बताया गया था। FIR में परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाने का आरोप भी दर्ज है। इसी मामले में RKDF से जुड़े अधिकारियों पर पहले कार्रवाई की बात सामने आई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अलग-अलग राज्यों की पुलिस ने भी इस नेटवर्क की जांच की थी।
इस मामले की पृष्ठभूमि में RKDF ग्रुपपर फर्जी डिग्री देने के आरोप लगाए गए। जांच में बिना पढ़ाई और परीक्षा के डिग्री देने का दावा सामने आया। B.Tech, पैरामेडिकल और PTI जैसे कोर्स का जिक्र किया गया। आरोपों के मुताबिक कुछ डिग्री 75 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक में दी गईं। कुछ मामलों में इससे ज्यादा रकम लेने की बात भी कही गई। इन आरोपों की जांच में हैदराबाद और राजस्थान की पुलिस टीमें शामिल रही थीं।
दिए गए विवरण के अनुसार राजस्थान में PTI और पैरामेडिकल भर्ती की जांच हुई। जांच के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के पास संदिग्ध मार्कशीट मिलने का दावा किया गया। इन मार्कशीट को RKDF से जुड़ा बताया गया। आरोप है कि ऐसे दस्तावेजों के जरिए सरकारी भर्ती में लाभ लेने की कोशिश हुई। इसी जांच के दौरान कई लोगों पर कार्रवाई और गिरफ्तारी की बात सामने आई।
हैदराबाद क्राइम ब्रांच ने विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। राजस्थान पुलिस और STF ने भी भोपाल और सीहोर में कार्रवाई की थी। परिसरों और चेयरमैन के आवास पर छापेमारी की बात सामने आई। जांच टीमों ने रिकॉर्ड और डेटा जब्त किया था। इन कार्रवाइयों के बाद RKDF से जुड़े आरोपों की जांच कई राज्यों तक पहुंची।
याचिका में जनक कपूर की उम्र 96 वर्ष बताई गई है। उनके साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं होने की बात कही गई। डॉ. सुनील कपूर की उम्र 67 वर्ष बताई गई है। उनके स्वास्थ्य से जुड़े दस्तावेज भी याचिका के साथ लगाए गए हैं। दोनों का अब विश्वविद्यालय से कोई संबंध नहीं होने की बात कही गई। सिद्धार्थ कपूर को विश्वविद्यालय का चांसलर बताया गया है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर जांच में सहयोग करने की बात कही।
जस्टिस विशाल मिश्रा ने एक अक्टूबर को मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि 2024 में FIR दर्ज होने के बाद कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट के सामने यह भी बताया गया कि तीनों को आरोपी नहीं बनाया गया है। इन परिस्थितियों में अगली सुनवाई तक दमनात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया गया। तीनों को जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया गया। यह राहत फिलहाल अंतरिम है और मामले का अंतिम फैसला नहीं है।
हाई कोर्ट ने उत्तरदाताओं को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। प्रक्रिया शुल्क सात कार्य दिवस में जमा करना होगा। नोटिस की तामील के बाद मामला फिर सुनवाई के लिए लगेगा। फिलहाल कपूर परिवार को अपराध क्रमांक 80/2024 में कार्रवाई से अंतरिम राहत मिली है। जांच में सहयोग की शर्त जारी रहेगी। आगे की सुनवाई में अदालत मामले के बाकी पहलुओं पर विचार करेगी।
जयपुर जेल में हुई मुलाकात से बढ़ी गिरफ्तारी की आशंका
डॉ. मुकेश तिवारी की गिरफ्तारी से क्या जुड़ा है
मामला फर्जी मार्कशीट और डमी अभ्यर्थी के आरोपों से जुड़ा
RKDF पर फर्जी डिग्री बेचने के भी गंभीर आरोप लगे
राजस्थान भर्ती में संदिग्ध मार्कशीट मिलने का दावा
पुलिस की कार्रवाई से मामले ने अंतरराज्यीय रूप लिया
जनक कपूर और डॉ. सुनील कपूर ने स्वास्थ्य का भी हवाला दिया
हाई कोर्ट ने फिलहाल गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई रोक दी
अब नोटिस के बाद होगी अगली सुनवाई
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