पुलिसकर्मी को ही निवेश के नाम पर 16 लाख का चूना, 20 प्रतिशत कमीशन का दिया था लालच
Ashish Bhardwaj | Oct 03, 2026, 12:58 IST
पुलिसकर्मी को ही 16 लाख का चूना
जोधपुर में एक पुलिसकर्मी ने ऑनलाइन निवेश के चलते ठगों को पैसे दिए। पहले ठगों ने 16,029 रुपए डालने के बाद लाभ दिखाया और धीरे-धीरे इसने पीड़ित की मेहनत की कमाई में से 15.58 लाख रुपए निकाल लिए। पुलिस ने शिकायत के बाद जांच का आगाज़ किया है। सभी को साइबर धोखाधड़ी से बचने की चेतावनी दी गई है।
जोधपुर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस बार ठगों ने एक पुलिसकर्मी को ही अपना शिकार बना लिया। पीड़ित सहायक उपनिरीक्षक पद पर तैनात हैं। ठगों ने निवेश के नाम पर उन्हें कमीशन का लालच दिया। इसके बाद अलग-अलग खातों में लगातार पैसे ट्रांसफर करवाए। पीड़ित पुलिसकर्मी को कुल 16.42 लाख रुपए का नुकसान हुआ। मामला माता का थान थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पीड़ित ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद थाने में मामला दर्ज किया गया।
फरवरी में पीड़ित के मोबाइल पर मैसेज आया। यह मैसेज एक अनजान नंबर से भेजा गया था। मैसेज में निवेश से जुड़ा एक लिंक दिया गया था। ठगों ने ऑनलाइन कमाई का तरीका बताया। पीड़ित को ऑनलाइन शॉप खोलने का प्रस्ताव दिया गया। इस शॉप का नाम समर कलेक्शन बताया गया। ठगों ने सामान के ऑर्डर का लालच दिया। हर ऑर्डर पर 20 प्रतिशत कमीशन का दावा किया। कमीशन सीधे वॉलेट या बैंक खाते में मिलता। इस दावे ने पीड़ित का भरोसा बढ़ा दिया। इसके बाद उन्होंने शुरुआती रकम ट्रांसफर कर दी।
पीड़ित ने शुरुआत में 16,029 रुपए जमा किए। इसके बाद वेबसाइट पर कुछ कमीशन दिखाई दिया। इससे पीड़ित को ठगों पर भरोसा हो गया। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की।तभी ठगों ने नया बहाना शुरू कर दिया। रकम निकालने के लिए अतिरिक्त शुल्क मांगा गया। ठगों ने जीएसटी और सर्विस टैक्स का नाम लिया। इसके अलावा दूसरे चार्ज भी बताए गए। हर बार रकम जमा कराने के नए कारण बताए। इस तरह ठगी का सिलसिला लगातार चलता रहा।
पीड़ित के मुताबिक पैसे कई खातों से भेजे गए। इनमें उनके बेटे का बैंक खाता भी शामिल था। परिचित कुणाल गोयल का खाता भी इस्तेमाल हुआ। 12 फरवरी से 2 सितंबर तक रकम भेजी गई। इस दौरान करीब 15.58 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। रकम अलग-अलग यूपीआई आईडी में भेजी गई। कुछ रकम अलग-अलग बैंक खातों में भी भेजी गई। पुलिस के मुताबिक कुल नुकसान 16,42,964 रुपए है। इसमें शुरुआती रकम और बाद की रकम शामिल है। ठगों ने कमीशन दिखाकर पीड़ित को भरोसे में लिया। इसके बाद रकम निकालने के नाम पर पैसे मांगे।
पीड़ित को उम्मीद थी कि रकम वापस मिलेगी। लेकिन अलग-अलग शुल्क के नाम पर भुगतान चलता रहा। रकम निकालने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद पीड़ित को ठगी का शक हुआ। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने साइबर पोर्टल पर भी शिकायत की।
इसके बाद मामला स्थानीय पुलिस तक पहुंचा। माता का थान थाने में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की। साइबर ठगी के मामलों में यह हेल्पलाइन उपयोगी है। समय पर शिकायत करने से रकम रोकने की संभावना रहती है।
इस मामले में भी शिकायत दर्ज कराई गई। अब पुलिस लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। यूपीआई आईडी और बैंक खातों की जांच होगी। पुलिस मैसेज भेजने वाले नंबर की भी जांच करेगी।
ऑनलाइन निवेश का कोई भी प्रस्ताव जांचकर स्वीकार करें। अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक नहीं करें। कमीशन का लालच देने वाली योजनाओं से सतर्क रहें। कोई रकम निकालने के लिए अलग शुल्क मांगे। तो पहले उस प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जांचें। जीएसटी या टैक्स के नाम पर पैसे नहीं भेजें।
किसी वेबसाइट पर निवेश करने से पहले जानकारी जुटाएं। कंपनी का नाम और पंजीकरण भी जांचें। सिर्फ स्क्रीन पर दिख रहे मुनाफे पर भरोसा नहीं करें।
साइबर ठगी का पता चलते ही तुरंत शिकायत करें। 1930 पर कॉल करके घटना की जानकारी दें। साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करें। बैंक को भी तत्काल लेनदेन की जानकारी दें। संदिग्ध खाते और यूपीआई आईडी की जानकारी दें। इससे जांच एजेंसियों को रकम ट्रेस करने में मदद मिलेगी। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ठगों तक पहुंचने के लिए डिजिटल सबूत जुटाए जाएंगे।बैंक लेनदेन भी जांच का अहम हिस्सा रहेगा।
व्हाट्सऐप से आया लिंक
पहले जमा किए 16 हजार
अलग-अलग खातों में रकम भेजी
रकम वापस नहीं मिली
इसके बाद मामला स्थानीय पुलिस तक पहुंचा। माता का थान थाने में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
1930 पर शिकायत दर्ज कराई
इस मामले में भी शिकायत दर्ज कराई गई। अब पुलिस लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। यूपीआई आईडी और बैंक खातों की जांच होगी। पुलिस मैसेज भेजने वाले नंबर की भी जांच करेगी।
ऐसे ठगी से बचें
किसी वेबसाइट पर निवेश करने से पहले जानकारी जुटाएं। कंपनी का नाम और पंजीकरण भी जांचें। सिर्फ स्क्रीन पर दिख रहे मुनाफे पर भरोसा नहीं करें।
शिकायत में देरी न करें
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