भौतिकी के नोबेल पुरस्कार का ऐलान, इस साल इन तीन लोगों को दिया गया सम्मान

BP Shrivastava | Oct 03, 2023, 24:00 IST
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भौतिकी के नोबेल पुरस्कार का ऐलान, इस साल इन तीन लोगों को दिया गया सम्मान
भौतिकी के नोबेल पुरस्कार का ऐलान, इस साल इन तीन लोगों को दिया गया सम्मान

2023 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो गया है। पियरे एगोस्टिनी, फेरेंक क्रूज और ऐनी एल'हुइलियर को भौतिकी में 2023 के नोबेल पुरस्कार देने का फैसला किया है।

इंटरनेशनल डेस्क. 2023 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो गया है। पियरे एगोस्टिनी, फेरेंक क्रूज और ऐनी एल'हुइलियर को भौतिकी में 2023 के नोबेल पुरस्कार देने का फैसला किया है। इस साल तीन वैज्ञानिकों को इलेक्ट्रॉन गतिशीलता के अध्ययन के लिए प्रकाश के एटोसेकंड पल्स उत्पन्न करने वाले प्रयोगात्मक विधि को खोजने के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। एनी हुलियर फिजिक्स के इस क्षेत्र में नोबेल जीतने वाली पांचवीं महिला बनी हैं।

पिछले साल अस्पेक्ट, क्लाउसर और जिलिंगर हुए थे अवार्ड

पिछले साल भौतिकी का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से अलेन अस्पेक्ट, जॉन एफ क्लाउसर और एंटन जिलिंगर को दिया गया था। अलेन अस्पेक्ट फ्रांस के भौतिक विज्ञानी हैं, जबकि जॉन एफ क्लाउसर अमेरिका और एंटन जिलिंगर ऑस्ट्रिया के वैज्ञानिक हैं। इन वैज्ञानिकों के प्रयोगों ने क्वांटम सूचना के आधार पर नई तकनीक का रास्ता साफ किया था।

नोबेल की स्थापना

एक धनी स्वीडिश उद्योगपति और डाइनामाइट के आविष्कारक सर एल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर चिकित्सा, भौतिकी, रसायन शास्त्र, साहित्य और शांति क्षेत्र के नोबेल पुरस्कारों की स्थापना की गई थी। पहला नोबेल पुरस्कार वर्ष 1901 में सर एल्फ्रेड नोबेल के निधन के पांच साल बाद दिया गया था।

अर्थशास्त्र का नोबेल, जिसे आधारिक तौर पर ‘बैंक ऑफ स्वीडन प्राइज इन इकोनॉमिक साइंसेज इन मेमोरी ऑफ एल्फ्रेड नोबेल (एल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में अर्थशास्त्र में बैंक ऑफ स्वीडन पुरस्कार)’, उसकी स्थापना एल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर नहीं हुई थी, बल्कि स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने 1968 में इसकी शुरुआत की थी।

विजेताओं को क्या मिलता है?

प्रत्येक क्षेत्र के नोबेल के तहत विजेताओं को एक स्वर्ण पदक और एक प्रमाणपत्र के साथ एक करोड़ क्रोनोर (लगभग नौ लाख डॉलर या करीब 7 करोड़ 47 लाख रुपए ) की पुरस्कार राशि दी जाती है। विजेताओं का सम्मान हर साल 10 दिसंबर को किया जाता है। 1896 में 10 दिसंबर की तारीख को ही एल्फ्रेड नोबेल का निधन हुआ था। 1901 से 2021 तक अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 609 बार नोबेल पुरस्कार प्रदान किए जा चुके हैं।

कौन नामित कर सकता है?

दुनियाभर में हजारों लोग नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकन जमा करने के पात्र हैं। इनमें विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, कानूनविद, पूर्व नोबेल पुरस्कार विजेता और खुद नोबेल समिति के सदस्य शामिल हैं। हालांकि, नामांकन को 50 वर्षों तक गुप्त रखा जाता है, लेकिन जो लोग उन्हें जमा करते हैं, वे कभी-कभी सार्वजनिक रूप से अपनी सिफारिशों की घोषणा करते हैं, खासकर नोबेल शांति पुरस्कार के संबंध में।

नोबेल का नॉर्वे से क्या है संबंध?

नोबेल शांति पुरस्कार नॉर्वे में प्रदान किया जाता है, जबकि अन्य क्षेत्रों के पुरस्कार स्वीडन में दिए जाते हैं। ऐसा एल्फ्रेड नोबेल की इच्छा के आधार पर किया जाता है। इस के पीछे की असल वजह तो स्पष्ट नहीं है, लेकिन एल्फ्रेड नोबेल के जीवनकाल में स्वीडन और नॉर्वे एक संघ का हिस्सा थे, जो 1905 में भंग हो गया था। स्टॉकहोम स्थित नोबेल फाउंडेशन, जो पुरस्कार राशि का प्रबंधन करता है और ओस्लो स्थित शांति पुरस्कार समिति के बीच संबंध कई मौके पर तनावपूर्ण रहे हैं।

नोबेल पुरस्कार जीतने के लिए क्या जरूरी है?

नोबेल पुरस्कार जीतने की चाह रखने वालों में धैर्य की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। वैज्ञानिकों को अक्सर नोबेल पुरस्कार समिति के सदस्यों द्वारा अपने काम को मान्यता देने के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता है, जो यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी खोज या सफलता समय की कसौटी पर खरी उतरती हो। हालांकि, यह नोबेल की वसीयत के विपरीत है, जिसमें कहा गया है कि पुरस्कार 'उन लोगों को प्रदान किए जाने चाहिए, जिन्होंने पिछले वर्ष के दौरान मानव जाति को बड़ा लाभ प्रदान किया हो।' शांति पुरस्कार समिति एकमात्र ऐसी समिति है, जो नियमित रूप से पिछले वर्ष हासिल की गई उपलब्धियों के आधार पर विजेताओं को पुरस्कृत करती है।

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