GST स्लैब में हो सकता है बड़ा बदलाव, चार से घटाकर बनाई जा सकती हैं 3 स्लैब
Aparajita Priyadarshini | May 29, 2024, 12:51 IST
ुेू
GST की दरों में बदलाव करने की मांग काफी पुरानी है। जीएसटी परिषद के तहत केंद्र एवं राज्यों के अधिकारियों वाली फिटमेंट कमेटी ने GST दरों को तर्कसंगत बनाने की प्रक्रिया पर नए सिरे काम शुरू कर दिया है।
जीएसटी की दरों में बदलाव ( major changes GST rate ) का सालों से इंतजार कर रहे लोगों को जल्दी ही खुशखबरी मिल सकती है। चालू वित्त वर्ष के दौरान GST व्यवस्था में व्यापक बदलाव दिख सकता है। जिसमें GST ढांचे को मौजूदा चार स्लैब से घटाकर तीन स्लैब वाले ढांचे में बदला जा सकता है।
मौजूदा समय में जीएसटी के चार स्लैब है, 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी। जरूरी वस्तुओं पर शून्य फीसदी भी जीएसटी है जबकि सोने पर 3 फीसदी जीएसटी लगता है। हाई एंड मोटर व्हीकल्स पर जीएसटी सेस भी लगता है। एम्बिट कैपिटल ने सुझाव दिया कि केवल तीन जीएसटी स्लैब होना चाहिए जिसमें 5 फीसदी, 12 से 18 फीसदी के बीच का एक स्लैब और 28 फीसदी टैक्स रेट का स्लैब। जीएसटी कलेक्शन में 7 फीसदी हिस्सा जीएसटी सेस का है और इसे 2025-26 में भी खत्म कर दिया जाएगा इसकी संभावना नहीं दिखती है।
ये भी देखें...
उधार देकर फंस गए हैं तो करें ये काम, मिलेगा पूरा पैसा | #shorts
नेशनल इंस्टीच्युट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी के मुताबिक कई चीजों पर जीएसटी छूटों को खत्म किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक जिन उत्पादों पर जीएसटी छूट दिया जा रहा है उसका बड़ा फायदा कम आय वाले वर्ग से ज्यादा अमीर परिवारों को मिल रहा है। गरीबों के कंजम्पशन बास्केट में शामिल आईटम्स में से 20 फीसदी से भी कम आईटम्स पर जीएसटी छूट मिलता है जबकि अमीरों के कंजम्पशन बास्केट के आईटम्स में ज्यादा सामानों पर जीएसटी छूट है।
ये भी पढ़ें...
PM MODI : रविवार ईसाइयों से जुड़ा, हिंदुओं से नहीं
जीएसटी रेट्स को तर्कसंगत बनाने से राज्यों की बढ़ेगी कमाई
जीएसटी रेट्स को तर्कसंगत बनाने का बड़ा फायदा राज्यों को होगा। उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी क्योंकि औसत जीएसटी रेट बढ़ जाएगा। 7 फीसदी जो जीएसटी सेस से पैसा आता है वो राज्यों को नहीं दिया जाता है। इस रकम के जरिए राज्यों को जीएसटी रेवेन्यू में हुए नुकसान की भरपाई के लिए जो कर्ज लिया जाता है उसके भुगतान में खर्च किया जाता है। जीएसटी के औसत रेट बढ़ने से राज्यों की वित्तीय हालत में सुधार आएगी। वहीं रिपोर्ट में कहा गया कि 2021-22 से जीएसटी कलेक्शन में तेजी देखी जा रही है और आने वाले दिनों में भी जीएसटी कलेक्शन में तेजी बनी रहेगी
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
तीन GST रेट के सुझाव
मौजूदा समय में जीएसटी के चार स्लैब है, 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी। जरूरी वस्तुओं पर शून्य फीसदी भी जीएसटी है जबकि सोने पर 3 फीसदी जीएसटी लगता है। हाई एंड मोटर व्हीकल्स पर जीएसटी सेस भी लगता है। एम्बिट कैपिटल ने सुझाव दिया कि केवल तीन जीएसटी स्लैब होना चाहिए जिसमें 5 फीसदी, 12 से 18 फीसदी के बीच का एक स्लैब और 28 फीसदी टैक्स रेट का स्लैब। जीएसटी कलेक्शन में 7 फीसदी हिस्सा जीएसटी सेस का है और इसे 2025-26 में भी खत्म कर दिया जाएगा इसकी संभावना नहीं दिखती है।
ये भी देखें...
उधार देकर फंस गए हैं तो करें ये काम, मिलेगा पूरा पैसा | #shorts
गरीबों से ज्यादा अमीरों को GST छूट का लाभ
नेशनल इंस्टीच्युट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी के मुताबिक कई चीजों पर जीएसटी छूटों को खत्म किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक जिन उत्पादों पर जीएसटी छूट दिया जा रहा है उसका बड़ा फायदा कम आय वाले वर्ग से ज्यादा अमीर परिवारों को मिल रहा है। गरीबों के कंजम्पशन बास्केट में शामिल आईटम्स में से 20 फीसदी से भी कम आईटम्स पर जीएसटी छूट मिलता है जबकि अमीरों के कंजम्पशन बास्केट के आईटम्स में ज्यादा सामानों पर जीएसटी छूट है।
ये भी पढ़ें...
PM MODI : रविवार ईसाइयों से जुड़ा, हिंदुओं से नहीं
जीएसटी रेट्स को तर्कसंगत बनाने से राज्यों की बढ़ेगी कमाई
जीएसटी रेट्स को तर्कसंगत बनाने का बड़ा फायदा राज्यों को होगा। उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी क्योंकि औसत जीएसटी रेट बढ़ जाएगा। 7 फीसदी जो जीएसटी सेस से पैसा आता है वो राज्यों को नहीं दिया जाता है। इस रकम के जरिए राज्यों को जीएसटी रेवेन्यू में हुए नुकसान की भरपाई के लिए जो कर्ज लिया जाता है उसके भुगतान में खर्च किया जाता है। जीएसटी के औसत रेट बढ़ने से राज्यों की वित्तीय हालत में सुधार आएगी। वहीं रिपोर्ट में कहा गया कि 2021-22 से जीएसटी कलेक्शन में तेजी देखी जा रही है और आने वाले दिनों में भी जीएसटी कलेक्शन में तेजी बनी रहेगी
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें<br><br>
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें<br><br>
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक<br><br>
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari