4 शिक्षकों ने किया ऐसा काम, पुलिस ने दर्ज की FIR, RTI में हुआ खुलासा

Jitendra Shrivastava | Feb 10, 2024, 20:32 IST
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FIR on Teachers
भिंड जिले के चार शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज।

ये चारों शिक्षक भिंड जिले के मौ ब्लॉक में वर्तमान में पदस्थ हैं। जब इन चारों शिक्षकों की अंकसूचियां पंजाब सिंह गुर्जर ने सूचना अधिकार से निकलवाई तो ये फर्जी निकलीं। कोर्ट ने चारों शिक्षकों पर धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज कराने का आदेश दिया। मध्यप्रदेश

BHOPAL. फर्जी अंकसूची तैयार कर शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले चार शिक्षकों के खिलाफ भिंड जिले के मौ थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर ली। ये एफआईआर न्यायालय द्वारा दिए आदेश पर की गई है। ये चारों शिक्षक मौ ब्लॉक में वर्तमान में पदस्थ है। पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

फर्जी अंकसूची से शिक्षक की नौकरी पाई


मौ थाना टीआई संतोष यादव ने बताया कि सुरैयापुरा मुरार के रहने वाले पंजाब सिंह पुत्र हरिकंठ गुर्जर ने कोर्ट में एक परिवाद पेश किया था। जिसमें भिंड के मोरखी के शासकीय मिडिल स्कूल में पदस्थ संजय सिंह पलिया पुत्र मोहनलाल पलिया निवासी नदीपार टाल मुरार, शासकीय मिडिल स्कूल सिनोर में पदस्थ ब्रजेश पुत्र अखलेश शर्मा निवासी खैरोली, मेहगांव, शासकीय मिडिल स्कूल में पदस्थ बृजमोहन शर्मा पुत्र भरोसाी शर्मा निवासी छैकुरी, गोहद और छैकुंरी के सरकारी मिडिकल स्कूल में पदस्थ शिक्षक भूपेंद्र मिश्रा पुत्र आदित्यनारायण मिश्रा निवासी सेंवढ़ा जिला दतिया ने फर्जी अंकसूची तैयार शिक्षक की नौकरी प्राप्त की थी।

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सरकारी दस्तावेजों में डीएलएड की अंकसूची लगाई थी


कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के दौरान पंजाब सिंह गुर्जर द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर बताया था कि उक्त शिक्षकों में संजय पालिया ने डीएलएड की अंकसूची पेश की है। संजय ने वर्ष 2008 में जयभारत कॉलेज ऑफ एज्युकेशन द्वारा पास होना दर्शाया था। इसी तरह से ब्रजेश शर्मा ने राजीव गांधी बुनियादी प्रशिक्षण संस्था ग्वालियर से वर्ष 2007 में पास होना दर्शाते हुए डीएलएड की अंकसूची जमा कराई थी। वहीं बृजमोहन शर्मा द्वारा डीएलएड वर्ष 2010 की अंकसूची पेश की थी। बृजमोहन ने नौकरी के दस्तावेजों में अंकसूची डीएल आईईटी की जमा कराई थी। इसी तरह भूपेंद्र मिश्रा की अंकसूची 2007 की शासकीय गोरखी स्कूल जिला ग्वालियर की होना दर्शाई थी।

चारों शिक्षकों पर धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज


जब इन चारों शिक्षकों की अंकसूचियां पंजाब सिंह गुर्जर द्वारा सूचना अधिकार से निकलवाई तो वे सत्यापित नहीं हुई। जिन संस्थानों की अंकसूची लगाई गई थी वे फर्जी निकली। इस पर न्यायालय ने पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर चारों शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराए जाने का आदेश दिया। मौ थाना पुलिस ने चारों आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर ली।

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