जावेद अख्तर ने मुस्लिम पर दिया बड़ा बयान, ओवेसी और आरफा खानम शेरवानी का नाम लेकर क्या बोले नास्तिक गीतकार

Jitendra Shrivastava | Oct 05, 2026, 18:25 IST
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गीतकार जावेद अख्तर ने मुस्लिम समाज को लेकर तीखा बयान दिया।
गीतकार जावेद अख्तर ने मुस्लिम समाज को लेकर तीखा बयान दिया।

गीतकार जावेद अख्तर ने एक इंटरव्यू में मुस्लिम समाज को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी, आरफा खानम शेरवानी और मोहम्मद जुबैर का नाम लिया। नास्तिक जावेद अख्तर के मुताबिक अपने समुदाय की कमियों पर बोलने वाले कम हैं। यह बात उन्होंने खुलकर कही। रविवार को उनका 81वां जन्मदिन भी था और शबाना आजमी ने उनके संघर्ष के दिन याद किए।

मुस्लिमों को लेकर तीखा बयान

गीतकार जावेद अख्तर ने मुस्लिम समाज को लेकर तीखा बयान दिया है। उनके मुताबिक हिंदू अपने समाज की कमियों पर बोलते हैं, मुसलमान कम बोलते हैं। Javed Akhtar का यह statement एक इंटरव्यू के दौरान सामने आया है। इसमें उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी, आरफा खानम शेरवानी और मोहम्मद जुबैर का भी नाम लिया।

जावेद अख्तर का बयान क्या है?

जावेद अख्तर ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में तीन लोगों के नाम गिनाए। ये नाम थे आरफा खानम शेरवानी, मोहम्मद जुबैर और असदुद्दीन ओवैसी। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की बुराई पर ये लोग पूरे जोर से बोलते हैं।

जब बात हिंदू समाज की किसी बुराई की होती है तो इन लोगों की आवाज बहुत ऊंची हो जाती है, लेकिन जैसे ही सवाल अपनी कम्युनिटी की तरफ मुड़ता है... तो आंखें बंद हो जाती हैं। चुप्पी छा जाती है।जावेद अख्तर, गीतकार, लेखक
जावेद अख्तर का बयान यहीं खत्म नहीं होता। उन्होंने इसे चुनिंदा बोलना बताया। उनके शब्दों में, घर में हमेशा चुप्पी रहती है। चुनिंदा बोलना, यही उनका आरोप है।

हिंदू समाज से क्या तुलना की?

जावेद अख्तर ने कहा कि हिंदू समाज में कई लोग अपनी परंपराओं की आलोचना करते हैं। वे रीति-रिवाजों पर भी सवाल उठाते हैं। क्या मुस्लिम समाज में भी ऐसी आवाजें हैं? उनका जवाब है कि ऐसे लोग बहुत कम मिलेंगे।

बहुत कम मुसलमान बोलते हैं, जावेद का दुख

इस देश में कई हिंदू हैं जो खुद को नास्तिक मानते हैं। वे हिंदू चरमपंथी और कट्टरपंथी समूहों के कामों का खुलकर और निडर होकर विरोध करते हैं। मुझे दुख है कि ऐसे बहुत कम मुसलमान हैं जो अपने समुदाय की कमियां बताने को तैयार हैं।जावेद अख्तर, गीतकार, लेखक
यह जावेद अख्तर की निजी राय है। इसके समर्थन में कोई आंकड़ा रिपोर्ट में नहीं दिया गया है। पाठक इसे एक व्यक्ति के विचार के तौर पर पढ़ें।

नास्तिक जावेद अख्तर का तर्क

जावेद अख्तर नास्तिक हैं, यह बात वे खुद कहते हैं। फिर भी उन्होंने अपने जन्म के समुदाय का नाम लेकर बात रखी। क्या अपनी कमी बताना भी किसी का फर्ज हो सकता है? उनका जवाब हां है।

मैं नास्तिक हूं लेकिन ये भी फैक्ट है कि मैं मुस्लिम कम्युनिटी में पैदा हुआ। तो मेरा फर्ज पहले बनता है कम्युनिटी की खराबी दिखाने का।जावेद अख्तर, गीतकार, लेखक
उन्होंने आगे कहा कि हिंदुस्तान में बहुत से हिंदू अपनी चीजों पर लड़ते हैं। फिर सवाल किया कि कितने मुसलमान ऐसा करते हैं। उनके मुताबिक हमारा तो सब ठीक है, सब बढ़िया, ऐसा नहीं चलेगा।

जावेद अख्तर 81वां जन्मदिन और संघर्ष

रिपोर्ट के मुताबिक रविवार 4 अक्टूबर 2026 को जावेद अख्तर 81 साल के हो गए। पत्नी शबाना आजमी ने इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट शेयर की। उसमें उनकी जवानी की एक तस्वीर थी।

27 नए पैसे लेकर पहुंचे थे बॉम्बे

शबाना आजमी ने याद किया कि 4 अक्टूबर 1964 को 19 साल के जावेद बॉम्बे सेंट्रल स्टेशन पहुंचे थे। उनकी जेब में सिर्फ 27 नए पैसे थे। यानी एक रुपए से भी कम।

सोचिए एक बार। इतनी छोटी रकम और सामने एक पूरा अनजान शहर। कहा जाता है कि संघर्ष के दिनों में जावेद फुटपाथ, रेलवे स्टेशन और स्टूडियो के कंपाउंड में सोते थे। एक बार उन्हें तीन दिन तक खाना नहीं मिला। उनके पास सिर्फ वही कपड़े थे जो उन्होंने पहने थे।

जावेद अख्तर की शादियां और बच्चे

शबाना आजमी से पहले जावेद अख्तर की शादी स्क्रीनराइटर हनी ईरानी से हुई थी। दोनों ने 1972 में शादी की थी। उनके दो बच्चे हैं, फिल्ममेकर जोया अख्तर और एक्टर-फिल्ममेकर फरहान अख्तर।

जावेद और हनी 1978 में अलग हो गए। इसके बाद 1984 में जावेद ने शबाना से शादी की। यह उनकी दूसरी शादी थी।

FAQ:

  1. जावेद अख्तर ने मुस्लिम समुदाय से जुड़े किस मुद्दे पर बयान दिया है?
    जावेद अख्तर ने एक इंटरव्यू में कहा कि मुस्लिम समाज की कमियों पर मुस्लिम नेता कम बोलते हैं, जबकि हिंदू समाज में लोग अपनी परंपराओं की आलोचना करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ प्रमुख मुस्लिम आवाजें जैसे असदुद्दीन ओवैसी, आरफा खानम शेरवानी और मोहम्मद जुबैर केवल हिंदू समाज की बुराइयों पर सक्रिय होती हैं।
  2. जावेद अख्तर का नास्तिकता पर क्या रुख है?
    जावेद अख्तर ने खुद को नास्तिक बताया है, लेकिन उन्होंने कहा है कि अपने जन्म के समुदाय की कमियों को उजागर करना उनका फर्ज है। उन्होंने यह बताया कि हिंदू समाज में कई लोग अपनी परंपराओं की आलोचना करते हैं, लेकिन मुस्लिम समाज में ऐसी आवाजें कम हैं।
  3. जावेद अख्तर ने अपने बयान में किसी विशेष समुदाय का नाम लिया है?
    हाँ, जावेद अख्तर ने अपने बयान में असदुद्दीन ओवैसी, आरफा खानम शेरवानी और मोहम्मद जुबैर का नाम लिया है, यह बताते हुए कि ये लोग हिंदू समाज की कमियों पर तर्कसंगत रूप से बोलते हैं लेकिन अपने समुदाय की कमियों पर चुप्पी साध लेते हैं।
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