World environment day : WHO की रिपोर्ट - वायु प्रदूषण से हर साल हो रही 21 लाख मौतें
Reena Sharma Vijayvargiya | Jun 05, 2025, 11:57 IST
The sootr
भारत में वायु प्रदूषण ने न केवल जन स्वास्थ्य को खतरे में डाला है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर छोड़ा है। हर साल, करीब 21 लाख लोगों की मौत इस प्रदूषण से हो रही है, और यह स्थिति दिन-ब-दिन और खराब होती जा रही है।
भारत में वायु प्रदूषण स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डाल रहा है। हर साल 21 लाख लोग वायु प्रदूषण के कारण अपनी जान गंवा देते हैं और यह समस्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते न केवल लोगों की जिंदगी प्रभावित हो रही है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भारी दबाव पड़ रहा है। बढ़ते प्रदूषण के चलते बढ़ती बीमारियों से मेडिकल खर्चों में भी वृद्धि हो रही है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर 95 अरब डॉलर का सालाना नुकसान हो रहा है।
आज (5 जून) वर्ल्ड एन्वायरनमेंट डे (World environment day) के मौके पर इस खास खबर में वायु प्रदूषण के कारण और उनसे कैसे बचा जा सकता है जैसे आवश्यक तथ्यों को शेयर किया गया है।
इस साल के वर्ल्ड एन्वायरनमेंट डे की थीम 'सोल्यूशंस टू पोल्यूशन' है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में प्रदूषण को कम करने के उपायों पर जोर देना है। वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, और मृदा प्रदूषण जैसे मुद्दों को समझते हुए, यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि प्रदूषण को रोकने के लिए समाज को एकजुट होकर काम करना होगा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल वायु प्रदूषण से 21 लाख लोगों की मौत होती है। WHO की 2021 की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है कि वायु प्रदूषण के कारण हर साल लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं, और भारत इस संदर्भ में सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है। इसके अलावा, "Global Burden of Disease Study" और "Health Effects Institute" की रिपोर्टों में भी वायु प्रदूषण के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा साझा किया गया है।
खबर यह भी : मध्यप्रदेश में वायु प्रदूषण: सांसों का सस्ता सौदा
वायु प्रदूषण की समस्या को कम करने के लिए कुछ आसान उपायों को लागू किया जा सकता है, जो प्रदूषण के खतरे को 30 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:-
वर्ल्ड एन्वायरनमेंट डे 2025 (World environment day ) हमें प्रदूषण की समस्या को गंभीरता से लेने का संदेश देता है। वायु प्रदूषण के चलते होने वाली मौतों और आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए हमें ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इस साल की थीम 'सोल्यूशंस टू पोल्यूशन' हमें बताती है कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केवल सरकार नहीं, बल्कि हर नागरिक को मिलकर काम करना होगा।
खबर यह भी : नमामि क्षिप्रा: सिंहस्थ 2028 से पहले प्रदूषण मुक्त होगी क्षिप्रा, स्पेशल पीआईयू गठित
भारत में हर साल वायु प्रदूषण के कारण 21 लाख लोगों की मौत हो रही है, जिससे न केवल लोगों की जिंदगी पर असर पड़ रहा है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ रहा है। प्रदूषण की वजह से मेडिकल खर्चों में वृद्धि हो रही है और यह भारतीय अर्थव्यवस्था को सालाना करीब 95 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचा रहा है।
2024 में दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत में थे, जिसमें दिल्ली, नोएडा, और गुरुग्राम प्रमुख शहर थे। इन शहरों में प्रदूषण का स्तर इतना खतरनाक है कि यह लोगों के लिए एक बड़े स्वास्थ्य खतरे के रूप में उभर रहा है।
आज (5 जून) वर्ल्ड एन्वायरनमेंट डे (World environment day) के मौके पर इस खास खबर में वायु प्रदूषण के कारण और उनसे कैसे बचा जा सकता है जैसे आवश्यक तथ्यों को शेयर किया गया है।
इस साल के वर्ल्ड एन्वायरनमेंट डे की थीम 'सोल्यूशंस टू पोल्यूशन' है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में प्रदूषण को कम करने के उपायों पर जोर देना है। वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, और मृदा प्रदूषण जैसे मुद्दों को समझते हुए, यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि प्रदूषण को रोकने के लिए समाज को एकजुट होकर काम करना होगा।
"विश्व स्वास्थ्य संगठन" (WHO) की रिपोर्ट
खबर यह भी : मध्यप्रदेश में वायु प्रदूषण: सांसों का सस्ता सौदा
वायु प्रदूषण को ऐसे कर सकते हैं नियंत्रित
- ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर :- पेड़ पौधों और हरित क्षेत्र का विकास करना, जो वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करें और हवा को शुद्ध करें।
- स्वच्छ परिवहन व्यवस्था :- सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देना और प्रदूषण फैलाने वाली वाहनों को नियंत्रित करना।
- उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण :- फैक्ट्रियों और उद्योगों में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कड़े नियम लागू करना।
सरकार ही नहीं बल्कि हर नागरिक का फर्ज
खबर यह भी : नमामि क्षिप्रा: सिंहस्थ 2028 से पहले प्रदूषण मुक्त होगी क्षिप्रा, स्पेशल पीआईयू गठित
वायु प्रदूषण से होने वाली मौतें और इसके प्रभाव
2024 में दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत में थे, जिसमें दिल्ली, नोएडा, और गुरुग्राम प्रमुख शहर थे। इन शहरों में प्रदूषण का स्तर इतना खतरनाक है कि यह लोगों के लिए एक बड़े स्वास्थ्य खतरे के रूप में उभर रहा है।
भारत में वायु प्रदूषण के कारण
- गाडिय़ों का धुआं - शहरी इलाकों में वाहनों की संख्या में निरंतर वृद्धि प्रदूषण का प्रमुख कारण है।
- औद्योगिक उत्सर्जन - कारखानों से निकलने वाला धुंआ और रसायन भी वायु प्रदूषण को बढ़ाते हैं।
- खुले में कचरा जलाना - कई स्थानों पर कचरा जलाने से जहरीले धुएं का उत्सर्जन होता है।
- शहरीकरण और वनस्पति की कमी - तेजी से बढ़ते शहरों और हरित क्षेत्र की कमी से भी प्रदूषण बढ़ रहा है।
प्रदूषण को कम करने के उपाय
- चिमनी का उपयोग - घरों में चिमनी लगाकर किचन से निकलने वाले प्रदूषण को कम किया जा सकता है।
- वाहनों की नियमित सर्विसिंग - वाहनों की समय-समय पर सर्विसिंग करने से इन्कैमिसन को नियंत्रित किया जा सकता है।
- बिजली की बचत- ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करके ऊर्जा की बचत की जा सकती है, जिससे प्रदूषण कम होगा।
- कचरा जलाने से बचना- कचरे को जलाने की बजाय उसे सही तरीके से निस्तारित करना चाहिए।
प्रदूषण से बचाव के लिए घरेलू उपाय
- घर में फिल्टर लगाना- हवा को शुद्ध रखने के लिए घरों में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
- कचरे का उचित निस्तारण- कचरा जलाने की बजाय उसे रिसायकल करने के प्रयास करें। वायु प्रदूषण न्यूज | वायु प्रदूषण से बचने के लिए क्या खाएं | भोपाल में प्रदूषण के कारण
FAQ
- वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं?
कुछ सरल उपाय किए जा सकते हैं जैसे कि चिमनी का उपयोग, वाहनों की नियमित सर्विसिंग, बिजली की बचत, कचरे को जलाने से बचना और घरों में एयर प्यूरीफायर लगाना। - वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों की संख्या कितनी है?
भारत में हर साल वायु प्रदूषण के कारण 21 लाख मौतें होती हैं, और यह संख्या बढ़ती जा रही है। - भारत में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारण क्या हैं?
वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में गाडय़िों का धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन, खुले में कचरा जलाना, शहरीकरण और वनस्पति की कमी शामिल हैं।
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava