भारत में कहां के लोग पीते हैं सबसे ज्यादा शराब, जानें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों का नंबर कहां पर

Pratibha ranaa | Aug 25, 2024, 13:40 IST
Share
 शराब
शराब

भारत में लगातार शराब पीने वालों की तादाद बढ़ रही है। भारत में शराब पर खर्च में दो राज्य सबसे ऊपर हैं। टैक्स वसूली में गोवा का नाम प्रमुख है। alcohol consumption expenditure की 2024 की रिपोर्ट देखिए, कौन सा राज्य किस स्थान पर है...

भारत में करीब 16 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं ( Alcohol Consumption )। सबसे ज्यादा शराब की खपत वाले राज्यों में टॉप पर आंध्र प्रदेश ( Andhra Pradesh ) और तेलंगाना ( Telangana ) के नाम सबसे ऊपर हैं, लेकिन क्या आप जानते है कि भारत के अलग- अलग राज्यों में लोग शराब पर कितना खर्च करते हैं और कौन सा राज्य सबसे अधिक या कम खर्च करता है? अगर नहीं तो आइए जानते हैं...

शराब पर सबसे अधिक खर्च करने वाले राज्य

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (NIPFP) के अनुसार, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में सबसे ज्यादा शराब पी जाती है। NSSO के 2011-12 के सर्वे में आंध्र प्रदेश के लोग शराब पर सबसे अधिक खर्च करते हैं, जहां शराब पर हर व्यक्ति औसत 620 रुपए शराब पर खर्च करता है। वहीं, सीएमआईई के कंज्मयूर पिरामिड्स हाउस होल्ड सर्वे के अनुसार, तेलंगाना में औसत 1,623 रुपए हर व्यक्ति शराब पर खर्च करता है।

शराब पर प्रति व्यक्ति वार्षिक खर्च के मामले में मध्य प्रदेश भारत के राज्यों में 9वें स्थान पर आता है। यह स्थिति राज्य के शराब उपभोग पैटर्न को दर्शाती है, जहां शराब पर खर्च अन्य राज्यों की तुलना में मध्यम स्तर पर है, लेकिन फिर भी यह शीर्ष 10 राज्यों में शामिल है। यहां साफ कर दें कि शराब की कुल खपत और राज्य की आबादी का औसत हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि किसी भी राज्य में सभी व्यक्ति शराब पीते हैं।
कलसत ,.
कलसत ,.


ये खबर भी पढ़िए...Liquor Scam : शराब घोटाला के आरोपियों को लगा झटका , कोर्ट ने रद्द की अंतरिम राहत

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शराब पर सबसे अधिक खर्च होता है, जबकि उत्तर प्रदेश में सबसे कम। मध्य प्रदेश इस सूची में 9वें स्थान पर है। जबकि छत्तीसगढ़ तीसरे नंबर पर है। पंजाब, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्य भी शराब पर खर्च के मामले में आगे हैं, लेकिन ये मध्य प्रदेश की तुलना में थोड़ी बेहतर स्थिति में हैं।

शराब की खपत का पैटर्न

  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्र: मध्य प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में शराब पर खर्च शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक है। यह एक सामान्य प्रवृत्ति है जो कई राज्यों में देखी जाती है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की खपत अधिक होती है।
  • शराब पर टैक्स: मध्य प्रदेश में शराब पर लगाए गए टैक्स और अन्य शुल्क भी इस खर्च में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार द्वारा वसूला गया टैक्स शराब की कीमतों को बढ़ाता है, जिससे प्रति व्यक्ति खर्च बढ़ जाता है।

शराब पर सबसे कम खर्च करने वाले प्रदेश

NSSO ( National Sample Survey Office ) और CMIE ( Centre for Monitoring Indian Economy ) के आंकड़ों के अनुसार, शराब पर सबसे कम खर्च करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है, जहां लोग क्रमशः 75 रुपए और 49 रुपए खर्च करते हैं। हालांकि यह रकम प्रदेश की आबादी के हिसाब से औसत में है। NSSO के सर्वे के अनुसार, शराब पर अधिक खर्च करने वाले अन्य राज्यों में...

  • केरल (486 रुपए)
  • हिमाचल प्रदेश (457 रुपए)
  • पंजाब (453 रुपए)
  • तमिलनाडु (330 रुपए)
  • राजस्थान (308 रुपए) शामिल हैं।

शराब पर टैक्स वसूली

2022-23 के लिए प्रति व्यक्ति औसतन खर्च करने वाले राज्यों में आंध्र प्रदेश (1,306 रुपए), छत्तीसगढ़ (1,227 रुपए), पंजाब (1,245 रुपए) और ओडिशा (1,156 रुपए) शामिल हैं।

ग,क
ग,क


शहर VS गांव के लोगों में कौन शराब पर कितना करता है खर्च

ये खबर भी पढ़िए..शराब दुकानों में बायो-मेट्रिक्स से होगी उपस्थिति, छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शराब पर खर्च

आंध्र प्रदेश, बिहार, गोवा, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, झारखंड और त्रिपुरा के ग्रामीण क्षेत्रों में शराब पर औसत मासिक हर व्यक्ति खर्च शहरी क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा है। जबकि असम, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के शहरों में लोग शराब पर अधिक खर्च करते हैं।

pratibha rana
pratibha rana


thesootr links



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें











Tags:
  • alcohol consumption
  • alcohol consumption rate mp
  • शराब का सेवन
  • Andhra Pradesh Alcohol Consumption
  • Telangana Alcohol Consumption
  • Tax on Alcohol
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा