समंदर में बड़ी हलचल: भारत के लिए खतरनाक है कोल्ड ब्लॉब, जानें क्यों
Manya Jain | Jun 15, 2026, 15:13 IST
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अटलांटिक महासागर में AMOC धारा कमजोर हो रही है। इससे भारत का मॉनसून बिगड़ सकता है और यूरोप में भयंकर ठंड आ सकती है। ग्रीनलैंड की बर्फ पिघलना इसकी बड़ी वजह है।
समझें क्या है पूरा मामला
- अटलांटिक महासागर में ग्रीनलैंड के पास एक हिस्सा लगातार ठंडा हो रहा है।
- वैज्ञानिकों ने इसे 'कोल्ड ब्लॉब' या 'नॉर्थ अटलांटिक वार्मिंग होल' नाम दिया है।
- इसके पीछे समंदर की विशाल धारा AMOC का कमजोर होना है।
- अगर यह धारा बंद हुई तो यूरोप में तापमान 10 डिग्री तक गिर सकता है।
- भारत का मानसून पूरी तरह बिगड़ सकता है जिससे करोड़ों किसान प्रभावित होंगे।
अगर यह धारा रुकगई तो भारत कामानसून टूट सकता है।देश की आधी सेज्यादा खेती बारिशपर निर्भर है,इसलिए यह खतरा बहुतबड़ा है।
अटलांटिक में एक अजीब कोल्ड ब्लॉब
वैज्ञानिकोंने इसे 'कोल्डब्लॉब' या 'नॉर्थअटलांटिक वार्मिंगहोल' का नाम दियाहै। यह नक्शे परएक गहरे नीलेधब्बे जैसा दिखताहै।
नासा केआंकड़े बताते हैं किसाल 1880 से 2025के बीच इसइलाके का तापमानकरीब 0.9 डिग्रीसेल्सियस गिरा है।जबकि इसी दौरानपूरी दुनिया कातापमान लगभग 1डिग्री सेल्सियसबढ़ा है।
क्या है समंदर का 'इंजन' AMOC
यह धाराइतनी ताकतवर हैकि इसकाजलप्रवाह अमेजननदी से करीब 90से 100 गुनाज्यादा होता है।इसका एक पूराचक्र होनेमें करीब 1000साल लगते हैं।
यही धारायूरोप कोसर्दियों में नरमऔर रहनेलायक बनाए रखतीहै। और यहीधारा दुनियाके मानसूनसिस्टम को भीनियंत्रित करतीहै।
क्यों कमजोर हो रही है यह धारा
मीठापानी हल्काहोता है। यहखारे पानी कोभारी होकरनीचे नहींबैठने देता।इसी से AMOCकी रफ्तारधीमी पड़ रहीहै।
जियोफिजिकलरिसर्च लेटर्स(2026) औरयूनिवर्सिटी ऑफकैलिफोर्निया (2025)की रिसर्चमें यही बातसामने आई है।वैज्ञानिकों केमुताबिक यह'कोल्ड ब्लॉब'AMOC केकमजोर होने कासीधा संकेतहै।
भारत के लिए क्यों है यह खतरनाक
भारत कीआधी से ज्यादाखेती मानसूनीबारिश परनिर्भर है। AMOCके कमजोर होनेसे अल-नीनोकी घटनाएं औरताकतवर हो जाएंगी।यह सीधे भारतके मानसून कोतबाह कर सकतीहैं।
मानसूनटूटा तो खेतीटूटेगी। खेती टूटीतो करोड़ोंकिसानों कीआजीविका खतरे मेंआएगी। देश कीखाद्य सुरक्षा परभी गहरा संकटआ सकता है।
यूरोप में हिमयुग का खतरा
इससेजर्मनी जैसेयूरोपीय देशों कातापमान 10 डिग्रीसेल्सियस तक गिर सकताहै। वहां भयंकरबर्फीले तूफान औरकड़ाके की ठंड कादौर आ सकता है।
साथ ही AMOCके कमजोरहोने से समंदर कीकार्बन डाइऑक्साइडसोखने की क्षमताभी घट जाएगी।इससे पूरीदुनिया मेंग्रीनहाउस गैसों काअसर और बढ़ेगा।
भारत क्या कर सकता है?
जरूरी हैकि भारतअंतरराष्ट्रीय मंचों परइस खतरे कोउठाए। कार्बनउत्सर्जन घटाने केलिए वैश्विकदबाव बनानाइकलौता असरदाररास्ता है।
देश केअंदर किसानों कोवैकल्पिक सिंचाई केतरीकों के लिएतैयार करना भीउतना ही जरूरीहै।
FAQ
- AMOC क्या है और यह कैसे काम करता है?
AMOC यानी अटलांटिक मेरिडियोनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन समंदर के अंदर बहने वाली एक विशाल जलधारा है। यह गर्म पानी को उत्तर की ओर और ठंडे पानी को दक्षिण की ओर ले जाती है। इस चक्र से दुनियाभर का मौसम नियंत्रित होता है। - कोल्ड ब्लॉब क्या है और यह कहाँ है?
कोल्ड ब्लॉब अटलांटिक महासागर में ग्रीनलैंड के दक्षिण में वह हिस्सा है जो ग्लोबल वार्मिंग के बावजूद ठंडा होता जा रहा है। यह AMOC के कमजोर होने का सीधा संकेत है। नासा के आंकड़ों के अनुसार 1880 से 2025 के बीच यहाँ तापमान करीब 0.9 डिग्री सेल्सियस गिरा है। - भारत के
मॉनसून पर इसका क्या असर होगा?
AMOC के कमजोर होने से अल-नीनो की घटनाएं और ताकतवर होंगी जो भारतीय मॉनसून को बुरी तरह प्रभावित कर सकती हैं। भारत की आधे से ज्यादा खेती मॉनसून पर निर्भर है। मॉनसून बिगड़ा तो करोड़ों किसानों और देश की खाद्य सुरक्षा पर सीधा संकट आएगा।
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