क्या बंद हो जाएगा फ्री में यूपीआई पेमेंट? भारत पे के पूर्व को-फाउंडर ने कही ये बात

Kaushiki | Aug 09, 2026, 11:45 IST
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UPI Charges
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भारतपे के सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर ने यूपीआई (UPI) पर MDR शुल्क लगाने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे देश का सुचारू मोबाइल पेमेंट सिस्टम खत्म हो सकता है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • लोकसभा में हाल ही में टैक्सेशन संशोधन विधेयक 2026 पारित हुआ है।
  • नया बिल सरकार को भविष्य में UPI पर MDR लगाने की अनुमति देता है।
  • अशनीर ग्रोवर ने चेतावनी दी कि इससे मोबाइल पेमेंट खत्म हो सकता है।
  • एक सर्वे के अनुसार MDR से 50% UPI पेमेंट कम हो सकते हैं।
  • वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि आम ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

फ्री यूपीआई पेमेंट

UPI MDR Charges: डिजिटल पेमेंट की दुनिया में आज हर कोई QR Code स्कैन करके पेमेंट कर रहा है। सब्जी वाले से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक, UPI Payment हम सबकी रोजमर्रा की लाइफ का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है।

ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि अगर यही UPI सर्विस अचानक महंगी या बंद हो जाए तो क्या होगा? हाल ही में संसद में एक नया बिल पास हुआ है, जिसके बाद UPI ट्रांसक्शन्स पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाने की चर्चा तेज हो गई है।

इस नए नियम के आते ही देश के बड़े फिनटेक एक्सपर्ट्स और बिजनेसमैन काफी परेशान नजर आ रहे हैं। BharatPe के पूर्व सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर ने इस फैसले को एक बेहद पिछड़ा कदम बताया है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि इस चार्ज से स्मूथली चलने वाला डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम पूरी तरह से खत्म हो सकता है। वहीं दूसरी ओर सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस पूरे विवाद पर बड़ा बयान दिया है। आइए इस पूरे विवाद को डिटेल से समझते हैं।

अशनीर ग्रोवर की चेतावनी

BharatPay के पूर्व को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सरकार के नए फैसले की कड़ी आलोचना की है। ग्रोवर ने सोशल मीडिया मंच X पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि UPI पर MDR लगाना गलत कदम होगा।

यह कदम भारत की सबसे बड़ी सफलता को नुकसान पहुंचाएगा। भारत में मोबाइल पेमेंट सिस्टम बहुत बढ़िया चल रहा है। अगर इस पर शुल्क लगा तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगा। सरकार को इस नीति पर दोबारा विचार करना चाहिए।

संसद में पास हुआ नया बिल

हाल ही में संसद में एक नया बिल पास्ड किया गया है। यह टैक्सेशन और अन्य कानून संशोधन विधेयक 2026 है। यह बिल भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम में बदलाव करता है। संसद में पारित कानून से एक कानूनी ढांचा तैयार हुआ है।

यह केंद्र सरकार को फ्यूचर में MDR लगाने की शक्ति देता है। वर्तमान समय में यूपीआई पर शून्य MDR की व्यवस्था लागू है। फिलहाल तुरंत प्रभाव से कोई नया शुल्क नहीं लगाया गया है। भविष्य में अधिसूचना जारी करके सरकार इसे लागू कर सकती है।

आम यूजर्स पर क्या होगा असर

ग्राहकों के मन में फीस को लेकर चिंता बनी हुई है। सरकार ने आम नागरिकों की इस चिंता को दूर किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस पर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि फ्यूचर में शुल्क का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। अगर भविष्य में MDR लगता है तो उसे व्यापारी ही देंगे।

आम यूपीआई यूजर को किसी तरह की अतिरिक्त फीस नहीं देनी होगी। यह व्यवस्था केवल मर्चेंट यानी कारोबारियों के लेनदेन पर होगी। यूजर्स बिना किसी शुल्क के पहले की तरह भुगतान करते रहेंगे।

आखिर क्यों जरूरी है MDR फीस

वित्त मंत्री ने इस कानून के फायदे भी बताए हैं। उनका मानना है कि फिनटेक कंपनियों को फंड की जरूरत होती है। बैंकों और कंपनियों को तकनीक पर बहुत खर्च करना पड़ता है। सुरक्षा ढांचा मजबूत करने के लिए भी पैसा चाहिए होता है।

एमडीआर से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे में होगा। इससे डिजिटल सुरक्षा और नए आविष्कारों को बढ़ावा मिल सकेगा। अंततः इसका लाभ यूपीआई का उपयोग करने वाले सभी लोगों को मिलेगा। हालांकि अभी इस शुल्क को लागू करने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

फैसले की प्रक्रिया और सर्वे

एनपीसीआई की समिति इस विषय पर अंतिम फैसला लेगी। विपक्ष और कई व्यापारी संगठन इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने भी इस नए विधेयक पर सवाल उठाए हैं। हालिया सर्वे में दावा किया गया है कि लेनदेन घट सकते हैं। एमडीआर लगने से पचास प्रतिशत तक यूपीआई भुगतान कम हो सकते हैं।

छोटे दुकानदार फिर से नकद लेन-देन की ओर लौट सकते हैं। इसी वजह से व्यापार जगत में इस नियम को लेकर डर है। अब देखना होगा कि सरकार इस दिशा में क्या कदम उठाती है।

FAQ

  1. क्या UPI इस्तेमाल करने पर आम ग्राहकों को कोई अतिरिक्त चार्ज देना पड़ेगा?
    जी नहीं, सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि यदि भविष्य में MDR लागू होता है, तो उसका भुगतान केवल व्यापारी (Merchants) करेंगे। आम यूजर्स के लिए UPI सेवाएं बिल्कुल मुफ्त रहेंगी।
  2. अशनीर ग्रोवर ने UPI पर MDR चार्ज लगाने को लेकर क्या चेतावनी दी है?
    BharatPe के पूर्व को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर के अनुसार UPI पर किसी भी प्रकार का MDR लगाना एक 'पिछड़ा कदम' है। इससे सुचारू रूप से चल रहा भारत का मोबाइल पेमेंट सिस्टम बुरी तरह प्रभावित और खत्म हो सकता है।
  3. संसद में पारित टैक्सेशन संशोधन विधेयक 2026 क्या है?
    यह विधेयक सरकार को भविष्य में जरूरत पड़ने पर UPI लेनदेन पर Merchant Discount Rate (MDR) अधिसूचित करने की कानूनी अनुमति देता है। हालांकि, वर्तमान में शून्य-MDR व्यवस्था ही जारी रहेगी।
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