बैंक स्टाफ को सप्ताह में करना होगा सिर्फ 5 दिन काम,सुविधाएं भी बढ़ेंगी
Dr Rameshwar Dayal | Mar 09, 2024, 17:26 IST
bank employees five day working bank fedration sunil mehta
फिलहाल बैंकिंग संस्थान माह के दो सप्ताह में पांच दिन और दो सप्ताह छह दिन काम करते हैं यानि बैंकों में दूसरे व चौथे शनिवार को अवकाश रहता है। अब नई व्यवस्था के अनुसार सप्ताह में पांच दिन ही कार्यदिवस पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बन गई है।
NEW DELHI. केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह अब बैंक स्टाफ ( bank employee) को भी सप्ताह में सिर्फ पांच दिन काम करने ( five days working) का रास्ता साफ हो गया है। इस मसले पर बैंकों की सबसे बड़ी कन्फडरेशन ( bank federation ) और केंद्र सरकार ( Central government ) के बीच समझौता हो गया है। लेकिन अभी इस पर आखिरी मुहर सरकार को ही लगानी है। विशेष बात यह है कि यह समझौता लागू होने के बाद बैंक कर्मियों के वेतन में भी बंपर इजाफा होगा, लेकिन उनके रोजाना के काम के घंटों में कुछ बढ़ोतरी हो जाएगी। इस समझौते में महिला स्टाफ को अतिरिक्त लाभ भी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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अभी तक बैंकिंग संस्थान माह के दो सप्ताह में पांच दिन और दो सप्ताह छह दिन काम करते हैं। यानि बैंकों में दूसरे व चौथे शनिवार को अवकाश रहता है। अब नई व्यवस्था के अनुसार सप्ताह में पांच दिन ही कार्यदिवस पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बन गई है। इस मसले पर इंडियन बैंक एसोसिएशन के सीईओ ( IBA CEO ) सुनील मेहता ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स ( X ) पर शुक्रवार को एक पोस्ट में बताया है कि 'आज Banking Industry के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि IBA और UFBU, AIBOA, AIBASM और BKSM ने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन के संबंध में 9वें संयुक्त नोट और 12वें द्धिपक्षीय समझौते के बीच हस्ताक्षर किए हैं।’ असल में इसी समझौते के अनुसार ही सप्ताह में पांच दिन कार्यदिवस के अलावा अन्य मसलों पर सहमति बनी है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि इस पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को ही लेना है।
नए समझौते में कर्मचारियों को मिलेगा यह लाभ
जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार पांच दिन के कार्यदिवस के अलावा इस समझौते में बैंक स्टाफ की प्रतिवर्ष 17 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा बेसिक वेतन में भी खासे इजाफे के आसार हैं। सूत्र बताते हैं कि इस समझौते के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर करीब 8,284 करोड़ रुपए का सालाना अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। अगर सरकार ने रजामंदी दिखा दी तो यह समझौता 1 नवंबर 2022 से प्रभावी माना जाएगा और इससे करीब आठ लाख बैंक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इस नए समझौते में महिला स्टाफ मेडिकल दिए बिना ही माह में एक बार बीमारी के अवकाश ले सकेंगी।
हर रोज करीब 45 मिनट का अधिक करना होगा
नए समझौते में रिटायर होने वाले बैंक कर्मी को भी विशेष लाभ देने का प्रावधान किया गया है। बस एक बड़ा बदलाव यह होगा कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद स्टाफ को 45 मिनट के आसपास अतिरिक्त काम करना होगा। आपको बता दें कि वर्ष 2015 में सरकार ने बैंकों में दूसरे व चौथे शनिवार को अवकाश का प्रावधान किया था। बैंक स्टाफ चाहता है कि उन्हें भी पांच दिवस का कार्यदिवस मिले इसे लेकर पिछले साल बैक यूनियनों ने की मांग की थी। अब बैकों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंउिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन ने बताया है कि सरकार ने इस मांग पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जता दी है।
समझौते पर किए गए हस्ताक्षर
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नए समझौते में कर्मचारियों को मिलेगा यह लाभ
जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार पांच दिन के कार्यदिवस के अलावा इस समझौते में बैंक स्टाफ की प्रतिवर्ष 17 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा बेसिक वेतन में भी खासे इजाफे के आसार हैं। सूत्र बताते हैं कि इस समझौते के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर करीब 8,284 करोड़ रुपए का सालाना अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। अगर सरकार ने रजामंदी दिखा दी तो यह समझौता 1 नवंबर 2022 से प्रभावी माना जाएगा और इससे करीब आठ लाख बैंक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इस नए समझौते में महिला स्टाफ मेडिकल दिए बिना ही माह में एक बार बीमारी के अवकाश ले सकेंगी।
हर रोज करीब 45 मिनट का अधिक करना होगा
नए समझौते में रिटायर होने वाले बैंक कर्मी को भी विशेष लाभ देने का प्रावधान किया गया है। बस एक बड़ा बदलाव यह होगा कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद स्टाफ को 45 मिनट के आसपास अतिरिक्त काम करना होगा। आपको बता दें कि वर्ष 2015 में सरकार ने बैंकों में दूसरे व चौथे शनिवार को अवकाश का प्रावधान किया था। बैंक स्टाफ चाहता है कि उन्हें भी पांच दिवस का कार्यदिवस मिले इसे लेकर पिछले साल बैक यूनियनों ने की मांग की थी। अब बैकों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंउिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन ने बताया है कि सरकार ने इस मांग पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जता दी है।
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