Budget 2025 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान, 12.75 लाख तक की इनकम पर टैक्स नहीं
Sourabh Bhatnagar | Feb 01, 2025, 12:38 IST
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 में आयकर नियमों में बड़े बदलाव की घोषणा की। अब 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। मानक कटौती को मिलाकर यह सीमा 12.75 लाख रुपए हो जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 में आयकर नियमों में महत्वपूर्ण सुधार करते हुए घोषणा की कि अब 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) को मिलाकर यह सीमा 12.75 लाख रुपए हो जाएगी। इससे पहले 7 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होता था।इस कदम से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी और टैक्स बोझ कम होगा।
2014 से अब तक सरकार ने क्रमशः 2.5 लाख, 5 लाख और 7 लाख रुपए तक की आय को टैक्स मुक्त किया था। यह फैसला देश के सभी करदाताओं को लाभ पहुंचाएगा। इस घोषणा से संसद में ‘मोदी-मोदी’ के नारे गूंज उठे। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार नए टैक्स रिजीम को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए यह कदम उठा रही है।
न्यू रिजीम में नया
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वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार अगले हफ्ते नया इनकम टैक्स बिल पेश करेगी। इस विधेयक का उद्देश्य टैक्स प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाना है। सरकार का नया दृष्टिकोण 'पहले भरोसा, फिर जांच' होगा, जिससे करदाताओं को अनावश्यक नोटिस और परेशानियों से राहत मिलेगी।
पिछले बजट 2024 में भी सरकार ने टैक्स रिफॉर्म के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ाकर 75 हजार रुपए कर दी थी। उस समय भी नए टैक्स रिजीम में करदाताओं को राहत देने के लिए कई कदम उठाए गए थे। अब इस बार फिर से टैक्स स्लैब में बदलाव करते हुए मध्यम वर्ग को राहत दी गई है।
वित्त मंत्री ने बताया कि पुरानी टैक्स व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस व्यवस्था के तहत 2.5 लाख रुपए तक की आय टैक्स फ्री है। 2.5 से 5 लाख रुपए तक की आय पर 5 प्रतिशत, 5 से 10 लाख रुपए तक की आय पर 20 प्रतिशत और 10 लाख से अधिक आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगता है।
- 0 से 2.5 लाख रुपए की आय पर: 0% टैक्स
- 2.5 से 5 लाख रुपए की आय पर: 5% टैक्स
- 5 से 10 लाख रुपए की आय पर: 20% टैक्स
- 10 लाख रुपए से अधिक आय पर: 30% टैक्स
नए टैक्स स्लैब के अनुसार, स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 हजार रुपए तक रखा गया है। इसका मतलब है कि अब 12 लाख 75 हजार रुपए तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। इससे जिनकी आय 12.75 लाख रुपए तक है, उन्हें एक भी रुपए का टैक्स नहीं भरना पड़ेगा।
- नया इनकम टैक्स बिल: वित्त मंत्री ने घोषणा की कि नया इनकम टैक्स बिल अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा।
- कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी: कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के दाम कम किए जाएंगे।
- पिछले 4 साल का आईटी रिटर्न: अब करदाता पिछले 4 वर्षों का इनकम टैक्स रिटर्न एक साथ फाइल कर सकेंगे।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस सीमा: टीडीएस की सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है।
- इनकम टैक्स फाइलिंग की समय सीमा: इनकम टैक्स फाइलिंग की सीमा 2 साल से बढ़ाकर 4 साल कर दी गई है।
- दाल उत्पादन में वृद्धि: अगले 6 वर्षों तक मसूर, तुअर और अन्य दालों की पैदावार बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- किसान क्रेडिट कार्ड: किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण की सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।
- बिहार में मखाना बोर्ड: बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी, जिससे छोटे किसानों और व्यापारियों को लाभ मिलेगा।
- छोटे उद्योगों के लिए क्रेडिट कार्ड: छोटे उद्योगों के लिए विशेष क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की जाएगी। पहले वर्ष में 10 लाख कार्ड जारी किए जाएंगे।
- एमएसएमई को लोन गारंटी: एमएसएमई के लिए लोन गारंटी कवर 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे 1.5 लाख करोड़ रुपये तक का कर्ज उपलब्ध होगा।
- स्टार्टअप्स के लिए लोन: स्टार्टअप्स के लिए लोन की सीमा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये की जाएगी। गारंटी फीस में भी कमी लाई जाएगी।
2014 से अब तक सरकार ने क्रमशः 2.5 लाख, 5 लाख और 7 लाख रुपए तक की आय को टैक्स मुक्त किया था। यह फैसला देश के सभी करदाताओं को लाभ पहुंचाएगा। इस घोषणा से संसद में ‘मोदी-मोदी’ के नारे गूंज उठे। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार नए टैक्स रिजीम को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए यह कदम उठा रही है।
न्यू रिजीम में नया इनकम टैक्स स्लैब
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नए इनकम टैक्स विधेयक की तैयारी
पिछले साल भी दी गई थी टैक्स में छूट
पुरानी टैक्स व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं
पुरानी टैक्स स्लैब में कर की दरें
- 2.5 से 5 लाख रुपए की आय पर: 5% टैक्स
- 5 से 10 लाख रुपए की आय पर: 20% टैक्स
- 10 लाख रुपए से अधिक आय पर: 30% टैक्स
अब 12.75 लाख तक की आय पर शून्य टैक्स
बजट 2025-26 की बड़ी घोषणाएं
- कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी: कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के दाम कम किए जाएंगे।
- पिछले 4 साल का आईटी रिटर्न: अब करदाता पिछले 4 वर्षों का इनकम टैक्स रिटर्न एक साथ फाइल कर सकेंगे।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस सीमा: टीडीएस की सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है।
- इनकम टैक्स फाइलिंग की समय सीमा: इनकम टैक्स फाइलिंग की सीमा 2 साल से बढ़ाकर 4 साल कर दी गई है।
- दाल उत्पादन में वृद्धि: अगले 6 वर्षों तक मसूर, तुअर और अन्य दालों की पैदावार बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- किसान क्रेडिट कार्ड: किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण की सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।
- बिहार में मखाना बोर्ड: बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी, जिससे छोटे किसानों और व्यापारियों को लाभ मिलेगा।
- छोटे उद्योगों के लिए क्रेडिट कार्ड: छोटे उद्योगों के लिए विशेष क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की जाएगी। पहले वर्ष में 10 लाख कार्ड जारी किए जाएंगे।
- एमएसएमई को लोन गारंटी: एमएसएमई के लिए लोन गारंटी कवर 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे 1.5 लाख करोड़ रुपये तक का कर्ज उपलब्ध होगा।
- स्टार्टअप्स के लिए लोन: स्टार्टअप्स के लिए लोन की सीमा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये की जाएगी। गारंटी फीस में भी कमी लाई जाएगी।
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