CBSE OSM विवाद: तीन युवाओं ने कैसे उठाए बड़े सवाल, जानिए थ्री मस्किटियर्स की पूरी कहानी

Pawan Modiya | Jun 02, 2026, 18:21 IST
Share
2-1
2-1

CBSE के On-Screen Marking सिस्टम को लेकर उठे विवाद में तीन युवाओं ने अलग-अलग दावे किए। एक छात्र ने गलत उत्तर पुस्तिका मिलने का आरोप लगाया। दूसरे ने साइबर सुरक्षा खामियों की बात कही। तीसरे ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए। इन दावों ने राष्ट्रीय बहस छेड़ दी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • CBSE ने पहली बार बड़े स्तर पर OSM सिस्टम लागू किया।
  • एक छात्र को कथित तौर पर गलत उत्तर पुस्तिका मिली।
  • साइबर सुरक्षा से जुड़ी कमजोरियों के दावे सामने आए।
  • OSM टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए।
  • तीन युवाओं की पड़ताल राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनी।

कैसे शुरू हुआ विवाद

CBSE की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM प्रणाली का मकसद मूल्यांकन को तेज बनाना था। बोर्ड ने इसे डिजिटल बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बताया था। लेकिन परिणाम आने के बाद कई छात्रों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। विवाद धीरे-धीरे सोशल मीडिया से निकलकर राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गया। एक रिपोर्ट में तीन युवाओं को इस विवाद का प्रमुख चेहरा बताया गया। रिपोर्ट के अनुसार इन तीनों ने अलग-अलग पहलुओं पर सवाल उठाए। इनमें मूल्यांकन प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा और टेंडर व्यवस्था शामिल रही।

वेदांत के दावे से बढ़ा मामला

विवाद का सबसे चर्चित मामला छात्र वेदांत श्रीवास्तव Vedant Shrivastava से जुड़ा रहा। वेदांत ने अपने अंकों को लेकर पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई। इसके बाद उन्हें जो फिजिक्स उत्तर पुस्तिका Answer Sheet भेजी गई, वह कथित रूप से किसी दूसरे छात्र की थी।

वेदांत ने इस मामले को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सार्वजनिक किया। पोस्ट वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। बाद में CBSE ने स्वीकार किया कि उत्तर पुस्तिका अपलोड करने में त्रुटि हुई थी और सही कॉपी उपलब्ध कराई गई। इस घटना ने मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए। कई अन्य छात्रों ने भी उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर अपनी शिकायतें सामने रखीं।

निसर्ग ने उठाए साइबर सुरक्षा सवाल

दूसरा बड़ा नाम निसर्ग अधिकारी Nisarga Adhikary का रहा। उन्होंने दावा किया कि OSM से जुड़े डिजिटल ढांचे में गंभीर सुरक्षा कमजोरियां मौजूद थीं। उनके अनुसार कुछ डिजिटल संसाधनों तक अनधिकृत पहुंच संभव थी। निसर्ग ने कहा कि उन्होंने पहले संबंधित एजेंसियों को इसकी जानकारी दी थी। बाद में उन्होंने अपने निष्कर्ष सार्वजनिक किए। इसके बाद छात्र डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।

मामला बढ़ने पर CBSE ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की। बोर्ड ने कहा कि वास्तविक मूल्यांकन पोर्टल प्रभावित नहीं हुआ था। साथ ही यह भी कहा गया कि कुछ कमजोरियों को चिन्हित कर नियंत्रित किया गया है। CBSE ने बताया कि सरकारी एजेंसियों और IIT विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

टेंडर प्रक्रिया पर क्यों उठे सवाल

तीसरे युवा सार्थक सिद्धांत Sarthak Sidhant ने OSM परियोजना की टेंडर प्रक्रिया का अध्ययन किया। उन्होंने सार्वजनिक दस्तावेजों और टेंडर रिकॉर्ड की समीक्षा कर कई सवाल उठाए।

सार्थक का दावा था कि टेंडर की कुछ शर्तों में बदलाव हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन बदलावों से एक विशेष कंपनी को फायदा मिल सकता था। उन्होंने अपने निष्कर्ष सोशल मीडिया और मीडिया इंटरव्यू के जरिए सार्वजनिक किए। हालांकि CBSE ने भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों को स्वीकार नहीं किया। वहीं OSM प्लेटफॉर्म से जुड़ी कंपनी ने भी किसी अनियमितता से इनकार किया।

Chat
Chat


CBSE ने क्या कहा

CBSE ने कई मौकों पर स्पष्ट किया कि उसका मूल्यांकन प्लेटफॉर्म सुरक्षित है। बोर्ड ने कहा कि सोशल मीडिया पर जिन लिंक्स की चर्चा हुई, वे वास्तविक मूल्यांकन प्रणाली का हिस्सा नहीं थे। बोर्ड ने यह भी माना कि कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम लगाई गई। CBSE ने कहा कि सुरक्षा मजबूत करने और संभावित कमजोरियों को दूर करने का काम जारी है।

राजनीतिक बहस भी तेज हुई

मामला बढ़ने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। विपक्षी नेताओं ने छात्रों द्वारा उठाए गए सवालों का समर्थन किया। कुछ नेताओं ने छात्रों से मुलाकात भी की। वहीं सोशल मीडिया पर छात्रों को लेकर कई तरह की टिप्पणियां भी हुईं। इस पूरे विवाद ने शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल बदलाव के साथ जवाबदेही और पारदर्शिता की जरूरत को फिर चर्चा में ला दिया है।

क्यों चर्चा में हैं ये तीन युवा

एक रिपोर्ट के अनुसार वेदांत, निसर्ग और सार्थक ने अलग-अलग मोर्चों पर सवाल उठाए। एक ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर, दूसरे ने साइबर सुरक्षा पर और तीसरे ने टेंडर प्रक्रिया पर ध्यान खींचा। यही वजह है कि रिपोर्ट में इन्हें "थ्री मस्किटियर्स" कहा गया।

इन तीनों की सक्रियता ने यह दिखाया कि डिजिटल युग में छात्र और युवा भी सार्वजनिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा सकते हैं। इसी कारण यह मामला केवल परीक्षा विवाद नहीं रहा, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की बड़ी बहस बन गया।

यह खबर क्यों जरूरी है?

यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश की सबसे बड़ी स्कूली परीक्षा प्रणाली से जुड़ी है। लाखों छात्रों का भविष्य मूल्यांकन प्रक्रिया पर निर्भर करता है। यदि उत्तर पुस्तिकाओं, डेटा सुरक्षा या टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है। यह मामला डिजिटल शासन, डेटा सुरक्षा और सार्वजनिक संस्थाओं की जवाबदेही से भी जुड़ा है। संविधान के अनुसार नागरिकों को पारदर्शी और निष्पक्ष प्रशासन का अधिकार है। इसलिए इस विवाद की जांच और तथ्यों की स्पष्टता सार्वजनिक हित का विषय है।

जरूरी FAQ

CBSE OSM सिस्टम क्या है?

OSM यानी On-Screen Marking एक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली है। इसमें उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर स्क्रीन पर जांचा जाता है। CBSE ने 2026 में इसे बड़े स्तर पर लागू किया।

वेदांत श्रीवास्तव का मामला क्या था?

वेदांत ने दावा किया था कि पुनर्मूल्यांकन के दौरान उन्हें अपनी फिजिक्स कॉपी की जगह किसी दूसरे छात्र की उत्तर पुस्तिका भेजी गई। बाद में CBSE ने त्रुटि स्वीकार करते हुए सही कॉपी उपलब्ध कराई।

विवाद में निसर्ग अधिकारी और सार्थक सिद्धांत की क्या भूमिका रही?

निसर्ग अधिकारी ने साइबर सुरक्षा कमजोरियों के दावे किए। वहीं सार्थक सिद्धांत ने OSM टेंडर प्रक्रिया का अध्ययन कर कथित विसंगतियों पर सवाल उठाए। दोनों मामलों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा पैदा की।

ये खबरें भी पढ़ें...

CBSE OSM System Issue: 1 जून से खुलेगा पोस्ट-रिजल्ट एक्टिविटी पोर्टल

CBSE 12th Result Controversy: राजनाथ के घर बड़ी बैठक, शिक्षा मंत्री ने ली जिम्मेदारी

CBSE OSM System Glitch: कॉपियों के मूल्यांकन पर मचा घमासान, सीबीएसई पर उठे सवाल

CBSE करेगा छात्रों से ज्यादा ली गई फीस रिफंड, स्कैन आंसरशीट के आवेदन में हुई थी तकनीकी गड़बड़ी

Tags:
  • cbse
  • साइबर सुरक्षा
  • Answer Sheet
  • पुनर्मूल्यांकन
  • टेंडर प्रक्रिया
  • परीक्षा प्रणाली
  • शिक्षा व्यवस्था
  • निसर्ग अधिकारी
  • Sarthak Sidhant
  • Vedant Shrivastava
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि