मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा- बिहार में SIR प्रणाली का प्रयोग सफल, अब पूरे देश में होगा लागू
Manish Kumar | Oct 05, 2025, 23:21 IST
Photograph: (The Sootr)
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बिहार में SIR प्रणाली की सफलता की घोषणा की है। अब इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। साथ ही पोलिंग बूथों की 100% वेबकास्टिंग, नए वोटर कार्ड और पोलिंग एजेंट के लिए नई प्रक्रिया लागू होगी।
PATNA. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार में SIR (स्वच्छ मतदान सूचियों की पुनरीक्षण) प्रणाली की सफलता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली ने मतदाता सूची के सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और बिहार चुनाव की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाया है। CEC ने कहा कि यह सफलता चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और सहज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसे अब पूरे देश में लागू किया जाएगा।
ज्ञानेश कुमार ने यह भी बताया कि बिहार में 90,217 बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। बिहार के अनुभव को देशभर के चुनावों के लिए प्रेरणा बना दिया है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि पोलिंग बूथों पर मोबाइल ले जाने की अनुमति होगी और 100 मीटर की दूरी पर पोलिंग एजेंट को बैठने की व्यवस्था की जाएगी।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि बिहार चुनाव 2025 में पोलिंग बूथों की 100% वेबकास्टिंग की जाएगी। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को बढ़ाना और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को रोकना है। इसके साथ ही, उम्मीदवारों के लिए EVM पर उनके फोटो लगाना भी एक अहम कदम होगा, जिससे चुनावों की विश्वसनीयता और बढ़ेगी।
नए वोटर कार्ड की व्यवस्था पर चर्चा करते हुए CEC ने कहा कि जिनके वोटर कार्ड में बदलाव हुआ है, उन्हें जल्द ही नया ईपिक कार्ड प्राप्त होगा। वहीं, पुराने वोटर कार्ड को भी वैध माना जाएगा। CEC ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव में भाग लेने के लिए पहले से मान्य किए गए सभी दस्तावेज़ अभी भी मान्य रहेंगे।
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CEC ज्ञानेश कुमार ने बताया कि SIR प्रणाली की सफलता के बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले चुनाव में भारत के किसी भी बूथ पर 1200 से अधिक वोटर नहीं होंगे। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि BLOs को यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा कि मतदाता आसानी से पहचान पाए और मतदान प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
चुनाव आयोग कोचुनाव से पहले मतदाता सूची का रिवीजन करना जरूरी है, ताकि कोई अयोग्य वोटर मतदाता सूची में न हो। CEC ने कहा कि यह रिवीजन सभी चुनावों से पहले होता है और यह लोकतंत्र के लिए आवश्यक प्रक्रिया है।
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मॉक पोल की प्रक्रिया को भी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की बात CEC ने की। मॉक पोल के जरिए मतदान केंद्र पर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी और सभी उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंट को समय पर सूचित किया जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान CEC ने बिहार के मतदाताओं का भोजपुरी और मैथिली में अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव को छठ महापर्व की तरह मनाएं और हर एक मतदाता को इस प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
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सिस्टम सुधार की दिशा में उठाए गए अहम कदम
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पोलिंग बूथ वेबकास्टिंग की व्यवस्था
नई-पुरानी दोनों वोटर कार्ड से दे पाएंगे वोट
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देशभर में लागू होगी SIR
चुनाव से पहले रिवीजन आवश्यक
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मतदान प्रक्रिया में बदलाव और मॉक पोल
भोजपुरी और मैथिली में मतदाताओं का अभिनंदन
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FAQ
- SIR प्रणाली क्या है और इसे बिहार में क्यों लागू किया गया?
SIR (स्वच्छ मतदान सूचियों की पुनरीक्षण) प्रणाली का उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार और उसे पारदर्शी बनाना है। इसे बिहार में चुनावी प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय और सटीक बनाने के लिए लागू किया गया था। - पोलिंग बूथों की 100% वेबकास्टिंग का क्या फायदा है?
पोलिंग बूथों की 100% वेबकास्टिंग से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गड़बड़ी को रोका जा सकेगा। - नए वोटर कार्ड से चुनाव में भाग लेने की प्रक्रिया क्या है?
जिन मतदाताओं के वोटर कार्ड में बदलाव हुआ है, उन्हें नया ईपिक कार्ड प्राप्त होगा। पुराने वोटर कार्ड को भी मान्यता प्राप्त होगी, और इन्हें चुनाव में भाग लेने के लिए वैध माना जाएगा।
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