/sootr/media/media_files/2026/01/06/chardham-yatra-digital-token-system-new-2026-2026-01-06-10-48-10.jpg)
पूरी खबर को 5 पॉइंट में समझें...
- उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए नए नियम जारी हुए हैं।
- केदारनाथ और बद्रीनाथ में अब डिजिटल टोकन सिस्टम लागू किया जाएगा।
- डिस्प्ले बोर्ड पर अपका टोकन नंबर और दर्शन करने का समय दिखेगा।
- दिव्यांगों के लिए खास गोल्फ कार्ट और एटीवी चलेंगी।
- पर्यटन स्थलों के लिए सर्टिफाइड गाइड की व्यवस्था भी की जाएगी।
डिजिटल टोकन से मिलेगी कतारों से मुक्ति
आगामी चारधाम यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं के लिए सुविधा बढ़ाई गई है। मंदिरों में अब लंबी कतारों से राहत दी जाएगी। इस बार डिजिटल टोकन सिस्टम लागू किया जाएगा। टोकन मिलने के बाद लाइन में नहीं लगना होगा। स्क्रीन पर नंबर आने पर ही प्रवेश मिलेगा।
/sootr/media/post_attachments/images/Yamunotri-place-to-visit-388982.png)
डिस्प्ले बोर्ड पर मिलेगी जानकारी
केदारनाथ और बद्रीनाथ में डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। इन पर वर्तमान टोकन नंबर की जानकारी मिलेगी। श्रद्धालुओं को दर्शन का संभावित समय भी बताया जाएगा। इससे यात्री अपने समय का सही मैनेजमेंट कर सकेंगे। पिछली बार की कमियों को दूर किया जाएगा। जनवरी अंत तक ये नया प्लान पूरा तैयार होगा।
/sootr/media/post_attachments/f0fec518-1d3.png)
असमर्थ यात्रियों के लिए विशेष वाहन सुविधा
व्हीलचेयर पर निर्भर यात्रियों को प्राथमिकता मिलेगी। चलने में असमर्थ लोगों के लिए वाहन चलेंगे। गोल्फ कार्ट और आल टेरेन व्हीकल (एटीवी) उपलब्ध रहेंगे। इससे बुजुर्गों और दिव्यांगों की राह आसान होगी।
गोल्फ कार्ट एक छोटीऔर बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक गाड़ी है। इसका उपयोग बुजुर्गों और दिव्यांगों को कम दूरी तक (जैसे मंदिर परिसर या एयरपोर्ट पर) लाने-ले जाने के लिए किया जाता है।
![]()
आल टेरेन व्हीकल (ATV) एक ऐसी मजबूत गाड़ी है जो उबड़-खाबड़ रास्तों, कीचड़, रेत और पत्थरों पर आसानी से चल सकती है। इसमें चौड़े टायर और मजबूत इंजन होता है। इससे यह पहाड़ी और मुश्किल रास्तों पर भी नहीं फंसती।
/sootr/media/post_attachments/wikipedia/commons/0/08/Four_wheeler-398820.jpg)
सूचना पटल और प्रशिक्षित गाइड की व्यवस्था
रास्ते में जानकारी देने का सिस्टम बेहतर बनाया जाएगा। खास जगहों पर बोर्ड (साइनेज) और क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। इससे यात्रियों को जरूरी जानकारी तुरंत मिल सके। पर्यटन विभाग अब सर्टिफाइड गाइड तैनात करेगा। इसके लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम की योजना बनेगी। इसका उद्देश्य यात्रियों का अनुभव सुखद बनाना है।
एक्सट्रा पार्किंग की तैयारी
केदारनाथ रोपवे शुरू होने से यात्री बढ़ सकते हैं। सोनप्रयाग और गौरीकुंड में पार्किंग क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। मंदिर परिसर के विस्तार की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शीतकालीन यात्रा में अब तक 15 हजार यात्री पहुंचे हैं।
/sootr/media/post_attachments/images/newimg/20122021/20_12_2021-rope_22309837-162101.jpg)
चार धाम यात्रा में कौन कौन सी जगह आती है?
उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में मुख्य रूप से चार पवित्र स्थल शामिल हैं। इनमें उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री और गंगोत्री, रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ और चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ धाम आते हैं। इन चारों धामों के दर्शन के लिए श्रद्धालु हिमालय की ऊंचाइयों पर पहुंचते हैं। जहां अब सरकार डिजिटल टोकन और गोल्फ कार्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
ये खबरें भी पढ़िए...
भगवान शिव का अनोखा रूप और पांडवों के पापों से जुड़ा है केदारनाथ मंदिर का रहस्य
अब आप आसानी से पहुंचेंगे गंगोत्री धाम, MP में ऐसे अपग्रेड होगा नेशनल हाइवे-34
15 साल बाद शुरू होगा मध्य प्रदेश बस सेवा का सफर, राजस्थान, उत्तराखंड सहित छह राज्यों तक 389 रूट तय
चार धाम यात्रा के लिए जरूरी नहीं है पंजीकरण, जानें और क्या बोले उत्तराखंड के मंत्री
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us