सिगरेट और पान मसाला के शौकीनों की जेब और होगी ढीली, बढ़ेंगे रेट

एक फरवरी 2026 से सिगरेट पीना महंगा होगा। सिगरेट की लंबाई के आधार पर नई एक्साइज ड्यूटी तय होगी। देश के 10 करोड़ सिगरेट पीने वालों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

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Anjali Dwivedi
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cigarette excise duty hike india 2026
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पांच प्वाइंट में समझें पूरा मामला

  • सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होगी।

  • प्रति एक हजार स्टिक पर 2,050 रुपए से 8,500 रुपए तक की ड्यूटी लगेगी।

  • सिगरेट की लंबाई के आधार पर अलग-अलग टैक्स स्लैब तय किए गए हैं।

  • टैक्स की खबर से ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयर 4% से 8% तक टूटे।

  • यह टैक्स पहले से लागू 40% जीएसटी के अलावा देना होगा।

देश में सिगरेट के शौकीनों की जेब अब और ढीली होने वाली है। केंद्र सरकार ने सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटीलागू करने का बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय ने 31 दिसंबर की देर रात इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

यह नया नियम एक फरवरी 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा। सरकार के इस कदम का सीधा असर न केवल उपभोक्ताओं पर, बल्कि शेयर बाजार की दिग्गज कंपनियों पर भी देखने को मिला है।

Excise duty on cigarettes

क्या है नया टैक्स गणित और लंबाई का चक्कर?

सरकार ने अब सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी तय की है, और यह ड्यूटी सिगरेट की लंबाई के हिसाब से होगी। मतलब, जितनी लंबी सिगरेट होगी, उतना ही ज्यादा टैक्स लगेगा। अब, प्रति एक हजार सिगरेट स्टिक्स पर 2,050 रुपए से लेकर 8,500 रुपए तक की अतिरिक्त ड्यूटी चुकानी पड़ेगी। खास बात यह है कि यह ड्यूटी मौजूदा 40% GST के ऊपर लगेगी। ये फैसला दिसंबर 2025 में मंजूर किए गए सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025 का हिस्सा है, जो अब अस्थायी टैक्स की जगह लेगा।

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सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025 क्या है?

तंबाकू उत्पादों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार नया कानून लेकर आई है। सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025 के तहत अब तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ेगा। इसका मुख्य उद्देश्य देश में तंबाकू की खपत को कम करना बताया गया है। सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारने और राजस्व में स्थिरता लाने पर जोर दे रही है।

नए कानून से सिगरेट और हुक्का जैसी चीजें अब काफी महंगी हो जाएंगी। कीमतें बढ़ने से आम आदमी की जेब पर सीधा और बड़ा असर पड़ेगा। विशेषज्ञों ने बाजार में अवैध सिगरेट की बिक्री बढ़ने का खतरा भी जताया है।

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शेयर बाजार में मची खलबली

जैसे ही वित्त मंत्रालय का यह आदेश सार्वजनिक हुआ, सिगरेट बनाने वाली दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार, एक जनवरी 2026 को कारोबार के दौरान ITC के शेयर BSE पर 4.14% गिरकर 386.30 रुपए के स्तर पर आ गए, जो पिछले दो साल का सबसे निचला स्तर है।

वहीं, गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में 8% की बड़ी गिरावट देखी गई और यह 2540.15 रुपए पर बंद हुए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स बढ़ने से VST Industries जैसी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे पर आने वाले समय में गहरा दबाव दिख सकता है।

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तंबाकू और सिगरेट के 10 करोड़ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर

भारत में लगभग 10 करोड़ लोग सिगरेट का सेवन करते हैं। सरकार की इस सख्ती का असर सिर्फ सिगरेट तक सीमित नहीं है, पान मसाला पर भी नया सेस लगाया गया है। यह नया सेस भी एक फरवरी 2026 से ही लागू होगा। जानकारों का कहना है कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ राजस्व जुटाना नहीं है, बल्कि तंबाकू उत्पादों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना और आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना भी है।

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