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Photograph: (the sootr)
NEWS IN SHORT
- DGCA ने इंडिगो एयरलाइंस पर 22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया, एयरक्राफ्ट रूल्स 1937 के तहत।
- दिसंबर में 2507 फ्लाइट्स कैंसिल और 1852 फ्लाइट्स में देरी, यात्रियों को परेशानी हुई।
- FDTL नियमों का उल्लंघन, 68 दिन तक ड्यूटी टाइम लिमिटेशन का पालन नहीं किया गया।
- इंडिगो ने DGCA के आदेशों को मानने की बात की, सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
- DGCA ने इंडिगो के सीनियर अधिकारियों पर कार्रवाई की, भविष्य में यात्रा पर ध्यान देने का आदेश दिया।
NEWS IN DETAIL
New Delhi. डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इंडिगो एयरलाइंस पर 22.20 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के रूल 133A के तहत लगाया गया है।
जुर्माने में एकमुश्त 1.80 करोड़ रुपए का जुर्माना और FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियमों का उल्लंघन करने पर प्रतिदिन 30 लाख रुपए का जुर्माना शामिल है, जो कुल मिलाकर 20.40 करोड़ रुपए होता है।
यह जुर्माना दिसंबर 2025 में इंडिगो द्वारा 2507 फ्लाइट्स की कैंसिल और 1852 फ्लाइट्स के ऑपरेशन में देरी के कारण लगाया गया है। इस कारण 3 लाख से ज्यादा यात्रियों को भारी परेशानी हुई।
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DGCA की जांच रिपोर्ट
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के निर्देश पर DGCA ने इस मामले की जांच के लिए एक 4 मेंबर वाली कमेटी बनाई थी। कमेटी ने इंडिगो के नेटवर्क प्लानिंग, क्रू रोस्टरिंग और एयरलाइन के सॉफ्टवेयर सिस्टम की विस्तृत जांच की। इसमें सामने आया कि एयरलाइन ने ऑपरेशन में देरी से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की थी। इसके अलावा, FDTL नियमों का सही पालन नहीं किया गया था। इस वजह से फ्लाइट्स रद्द हुईं और यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।
इंडिगो की प्रतिक्रिया
इंडिगो एयरलाइंस ने कहा है कि वह DGCA के आदेशों को मानेंगे और आवश्यक सुधार जल्द लागू करेंगे। कंपनी ने यह भी कहा कि वह अपनी आंतरिक समीक्षा कर रही है। एयरलाइन के संचालन को मजबूत बनाने के लिए कदम उठा रही है। इंडिगो का बोर्ड और मैनेजमेंट भविष्य में ऐसे मामलों से निपटने के लिए सुधारात्मक उपाय करेगा।
इंडिगो की गलतियां
जांच में यह भी सामने आया कि इंडिगो ने क्रू, विमान और नेटवर्क संसाधनों के उपयोग पर जरूरत से ज्यादा जोर दिया था। इसके कारण क्रू रोस्टर में अतिरिक्त गुंजाइश कम हो गई, जिससे फ्लाइट ऑपरेशन में समस्याएं आईं। इसके अलावा, डेड-हेडिंग (बिना यात्री के उड़ान भरना), टेल स्वैप (विमान बदलना) और लंबी ड्यूटी जैसी व्यवस्था ने ऑपरेशन को कमजोर कर दिया।
DGCA की अधिकारियों पर कार्रवाई
DGCA ने इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के सीनियर अधिकारियों पर कार्रवाई की है। CEO को फ्लाइट ऑपरेशन में कमी के कारण चेतावनी दी गई है। COO को विंटर शेड्यूल और FDTL नियमों का सही आकलन न करने पर वार्निंग दी गई। इसके अलावा, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाया गया है और भविष्य में किसी भी अकाउंटेबल पद पर नियुक्ति से रोका गया है।
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DGCA के आदेशों का करना होगा पालन
DGCA ने इंडिगो को आदेश दिया है कि वह अपनी आंतरिक जांच में तय अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई करे और स्टेटस रिपोर्ट जल्द सौंपे। DGCA ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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