अब दिव्यांगता के आधार पर मिलेगी फास्टैग में छूट, कितने प्रतिशत पर मिलेगी कितनी वैलिडिटी, जानें नया नियम
Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 02, 2026, 16:51 IST
दिव्यांगजन FASTag के नए नियम लागू
सरकार ने दिव्यांगजन FASTag नया नियम 2 अक्टूबर 2026 से लागू कर दिया है। अब टोल छूट वाले FASTag की वैधता दिव्यांगता के प्रतिशत से तय होगी। 70 से 100 प्रतिशत दिव्यांगता पर 5 साल की वैधता मिलेगी। 40 से 70 प्रतिशत से कम पर 3 साल मिलेंगे। FASTag new rules 2026 में दिव्यांगता प्रमाणपत्र और UDID कार्ड आधार हैं। वैधता खत्म होने पर FASTag रिन्यू कराना होगा।
समझें क्या है पूरा मामला
- सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए जारी टोल छूट वाले FASTag के नियम बदले हैं।पहले FASTag रिन्यू हर साल कराना पड़ता था।
- अब FASTag की वैधता दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर तय होगी।
- 70 से 100 प्रतिशत दिव्यांगता वालों के FASTag की वैधता 5 साल होगी।
- यह नया नियम 2 अक्टूबर 2026 से लागू हो गया है।
फास्टैग के नए नियम 2026: क्या बदला?
पहले दिव्यांगजनों को टोल छूट वाला FASTag हर साल रिन्यू कराना पड़ता था। अब यह प्रक्रिया आसान की गई है।
सोचिए एक बार। हर साल रिन्यूअल का मतलब था बार-बार वही प्रक्रिया। अब 70 से 100 प्रतिशत दिव्यांगता वालों का पहला रिन्यूअल पांच साल बाद होगा।
एक्सेम्प्टेड FASTag क्या होता है?
किसे मिलेगा कितने साल का फायदा?
40 प्रतिशत या ज्यादा, लेकिन 70 से कम दिव्यांगता वालों को 3 साल मिलेंगे। वैधता खत्म होने पर FASTag रिन्यू कराया जा सकेगा।
यानी राहत दिव्यांगता के स्तर के हिसाब से अलग-अलग है। ज्यादा दिव्यांगता पर ज्यादा लंबी वैधता मिलेगी।
दिव्यांगता का प्रतिशत कैसे तय होगा?
किन वाहनों पर लागू होगा नियम?
एक श्रेणी में खास डिजाइन वाले वाहन हैं। इन्हें शारीरिक दिव्यांगता वाले लोगों के इस्तेमाल के लिए बनाया गया है। दूसरी श्रेणी में दिव्यांगजन ओनरशिप कैटेगरी में रजिस्टर्ड वाहन हैं।
यानी हर वाहन पर यह नियम लागू नहीं होगा। पात्रता वाहन की श्रेणी से भी जुड़ी है।
सरकार ने क्यों बदला नियम?
खासतौर पर उन दिव्यांगजनों को दिक्कत होती थी, जो प्रक्रिया खुद पूरी करते थे। नया नियम इसी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बना है। अब 3 या 5 साल की वैधता से बार-बार रिन्यूअल की जरूरत नहीं रहेगी।
पुराने और नए नियम में अंतर
- पुराना नियम: टोल छूट वाला FASTag हर साल रिन्यू कराना होता था।
- नया नियम: 3 साल या 5 साल बाद रिन्यूअल कराना होगा।
वैधता खत्म होने पर क्या होगा?
रिन्यूअल के समय क्या जांचा जाएगा?
लाभार्थी किन बातों पर नजर रखें?
रिन्यूअल के लिए तय शर्तें पूरी करना जरूरी है। टोल छूट का फायदा पात्रता पर टिका रहेगा।
सवाल सीधा है: क्या हर साल की भागदौड़ खत्म होगी? 3 या 5 साल की अवधि तक हां।
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