कॉकरोच पार्टी के लोगों पर बीजेपी का तंज, दीप कमल में लिखा नालायक निकम्मे तिलचट्टे, राहुल को बताया पिलपिला
Arun Tiwari | Oct 02, 2026, 16:35 IST
बीजपी की मासिक पत्रिका दीप कमल
बजेपी की मासिक पत्रिका दीप कमल ने एक बार फिर कॉकरोचों को छेड़ दिया है। दीप कमल के सितंबर के अंक को पीएम मोदी विशेषांक के रुप में छापा गया है। संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुणों का बखान किया गया है। मोदी के गुणों के वर्णन में रामचरित मानस की एक चौंपाई भी लिखी गई है।
मोदी की तारीफ में दिल्ली में कॉकरोच पार्टी की अगुवाई में हुए जेनजी के आंदोलन का भी इशारों में जिक्र कर दिया है। संपादकीय में लिखा गया है कि नालायक,निकम्मे तिलचट्टों के प्रति भी मोदी ने सदाशयता दिखाई है। राहुल गांधी को लिजलिजा और पिलपिता बताया है। छत्तीसगढ़ में छपी इस पत्रिका के संपादक पंकज झा हैं जो मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार भी हैं। यह संपादकीय उन्होंने ही लिखा है।
हाल ही में दिल्ली में हुए कॉकरोच पार्टी और जेनजी के आंदोलन ने पीएम मोदी समेत पूरी बीजेपी की नाक में दम कर दिया था। आंदोलन तब खत्म हुआ जब केंद्रीय मंत्रिमंडल से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ। इसके बाद देश ने जेनजी की ताकत को पहचाना और उनको महत्व देना शुरु किया। इसमें सबसे पहले बीजेपी सामने आई। मोदी के प्रति युवाओं अपशब्द भी कहे। इसके बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सबको माफ कर दिया।
बीजेपी की मासिक पत्रिका दीप कमल ने एक बार फिर मोदी की तारीफ करते हुए इस प्रसंग को छेड़ दिया है। कॉकरोच पार्टी के लोगों का नाम लिए बिना इशारों में संपादकीय में लिखा गया है कि नालायक,निकम्मे तिलचट्टों के प्रति मोदी ने सदाशयता दिखाई है। जाहिर तौर पर यह साफ समझा जा सकता है कि एक जज की टिप्पणी से जिनको कॉकरोच नाम मिला उनको बीजेपी की पत्रिका ने तिलचट्टा बना दिया और उपर से उनको नालायक और निकम्मा भी कह दिया। यह वही तिलचट्टे हैं जिन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार को झुका दिया था।
संपादकीय सिर्फ तिलचट्टे तक सीमित नहीं रहा बल्कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। कॉकरोच आंदोलन में राहुल गांधी खुलकर उनके साथ आए थे। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने भी देशभर में प्रदर्शन किया। दीप कमल में राहुल गांधी को लिजलिजा और पिलपिला लिखा हुआ है।
संपादकीय में लिखा है कि शिवतत्व मोदी किसी लिजलिजे,पिलपिले राहुलों से लेकर किसी नालयक निकम्मे तिलचट्टों तक के प्रति भी सदाशयता रखने वाले, कंठ कीड़ों को चंदन सी सुगंध देने वाले, तानाशाही मानसिकता के तत्वों के प्रति भी लोकतांत्रिक तरीके से निपटने वाले और देश को मजहबी आतंक से मुक्ति दिलाने वाले प्रधानसेवक को शुभकामनाएं।
संपादकीय में रामचरित मानस की चौपाईं सब उपमा कवि रहे जुठारी से मोदी की तारीफ की गई है। इस चौंपाई में गोस्वामी तुलसीदास कहते हैं कि सीता जी के सौंदर्य की तुलना करने के लिए कवियों ने अब तक जितनी भी उपमाएँ दी हैं, वे सब उनकी सुंदरता के सामने झूठी या फीकी पड़ गई हैं। अर्थात, सीता जी इतनी अनुपम और अद्वितीय सुंदर हैं कि संसार में उपलब्ध कोई भी उदाहरण उनके सौंदर्य की बराबरी नहीं कर सकता। यहाँ तुलसीदास जी अतिशयोक्ति के माध्यम से सीता जी की अनुपम सुंदरता बताते हैं।
वे कहते हैं कि यदि चंद्रमा, कमल, स्वर्ण आदि से भी सीता की तुलना की जाए तो वे उपमाएँ छोटी पड़ जाएँगी। सीता स्वयं ऐसी सुंदरता का मानक हैं, जिसकी तुलना किसी दूसरी वस्तु से नहीं की जा सकती। संपादकीय में यही तारीफ नरेंद्र मोदी की गई है। दीप कमल में लिखा गया है कि उन्हें अब क्या नया कह दिया जाए, ऐसी कोई उपमा या विशेषण है जिसे अब तक कहा नहीं गया हो। उनको उपमा देने के लिए शब्दों के दोहराव के अलावा कोई चारा नहीं रह जाता।
कॉकरोच पार्टी के लोगों को बताया तिलचट्टा :
बीजेपी की मासिक पत्रिका दीप कमल ने एक बार फिर मोदी की तारीफ करते हुए इस प्रसंग को छेड़ दिया है। कॉकरोच पार्टी के लोगों का नाम लिए बिना इशारों में संपादकीय में लिखा गया है कि नालायक,निकम्मे तिलचट्टों के प्रति मोदी ने सदाशयता दिखाई है। जाहिर तौर पर यह साफ समझा जा सकता है कि एक जज की टिप्पणी से जिनको कॉकरोच नाम मिला उनको बीजेपी की पत्रिका ने तिलचट्टा बना दिया और उपर से उनको नालायक और निकम्मा भी कह दिया। यह वही तिलचट्टे हैं जिन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार को झुका दिया था।
राहुल को बताया पिलपिला :
संपादकीय में लिखा है कि शिवतत्व मोदी किसी लिजलिजे,पिलपिले राहुलों से लेकर किसी नालयक निकम्मे तिलचट्टों तक के प्रति भी सदाशयता रखने वाले, कंठ कीड़ों को चंदन सी सुगंध देने वाले, तानाशाही मानसिकता के तत्वों के प्रति भी लोकतांत्रिक तरीके से निपटने वाले और देश को मजहबी आतंक से मुक्ति दिलाने वाले प्रधानसेवक को शुभकामनाएं।
मानस की चौंपाई से तारीफ :
वे कहते हैं कि यदि चंद्रमा, कमल, स्वर्ण आदि से भी सीता की तुलना की जाए तो वे उपमाएँ छोटी पड़ जाएँगी। सीता स्वयं ऐसी सुंदरता का मानक हैं, जिसकी तुलना किसी दूसरी वस्तु से नहीं की जा सकती। संपादकीय में यही तारीफ नरेंद्र मोदी की गई है। दीप कमल में लिखा गया है कि उन्हें अब क्या नया कह दिया जाए, ऐसी कोई उपमा या विशेषण है जिसे अब तक कहा नहीं गया हो। उनको उपमा देने के लिए शब्दों के दोहराव के अलावा कोई चारा नहीं रह जाता।
- दीप कमल पत्रिका क्या है?
‘दीप कमल’ छत्तीसगढ़ भाजपा से जुड़ी मासिक पत्रिका है, जिसमें पार्टी, सरकार और राजनीतिक मुद्दों से संबंधित सामग्री प्रकाशित होती है। - दीप कमल के संपादक कौन हैं?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार पंकज कुमार झा दीप कमल के संपादक हैं। - दीप कमल पत्रिका में नरेंद्र मोदी के बारे में क्या लिखा गया है?
संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए उनके राजनीतिक रवैये और कथित सदाशयता का उल्लेख किया गया है।
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