भाजपा का सेवा संकल्प अभियान, अरुण साव थे मुख्य अतिथि, परीक्षा रद्द कर बच्चों को ले गए आयोजन में, कमेटी करेगी जांच

VINAY VERMA | Oct 02, 2026, 17:21 IST
Share
राजनांदगांव में बच्चों की परीक्षा रद्द करने पर विवाद
राजनांदगांव में बच्चों की परीक्षा रद्द करने पर विवाद

राजनांदगांव में नेताओं के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए स्कूली बच्चों की परीक्षा रोकने का मामला तूल पकड़ रहा है। पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को तय तिमाही परीक्षा में बैठाने के बजाय सेवा संकल्प अभियान में ले जाया गया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव मौजूद थे। बवाल के बाद शिक्षा विभाग को घटनाक्रम में जांच बैठानी पड़ी है। राजनांदगाव के जिला शिक्षा अधिकारी कह रहे हैं कि इसके बारे में न तो कोई अनुमति दी गई थी और न ही उनको जानकारी थी।

बिना आदेश परीक्षा कैसे रुकी?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस परीक्षा की तारीख पहले से तय थी, उसे अचानक किसके कहने पर रोक दिया गया? उपलब्ध जानकारी के मुताबिक तिमाही परीक्षा का टाइम-टेबल राज्य स्तर से तय था और प्रश्नपत्र जिला स्तर पर तैयार किए गए थे। इसके बावजूद परीक्षा वाले दिन बच्चों को परीक्षा कक्ष से हटाकर कार्यक्रम में भेज दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने भी साफ कहा है कि शिक्षा विभाग ने परीक्षा रद्द या टालने का कोई आदेश नहीं दिया था।

नेता मुख्य अतिथि, बच्चे दर्शक

जिस कार्यक्रम के लिए परीक्षा रोकने का आरोप है, उसमें उपमुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। यही कड़ी इस पूरे मामले को और गंभीर बना रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या नेताओं के कार्यक्रम में विद्यार्थियों की मौजूदगी दिखाने के लिए स्कूल की परीक्षा व्यवस्था को किनारे कर दिया गया? यह सवाल फिलहाल आरोप के तौर पर सामने आया है, इसका जवाब जांच में ही तय होगा। लेकिन इतना साफ है कि परीक्षा रोकने का कोई विभागीय आदेश जारी नहीं हुआ था।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती में 2008 से वरिष्ठता का लाभ नहीं, याचिका खारिज | Supreme Court Verdict: No seniority benefit from 2008 in Chhattisgarh Police Recruitment, petition dismissed
छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती विवाद में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, 2008 से वरिष्ठता का लाभ नहीं मिलेगा
01 Oct 2026 ,
By Umeshwari Baghel
छत्तीसगढ़ पुलिस की करीब 20 साल पुरानी भर्ती से जुड़ा वरिष्ठता विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इस बार भी संबंधित पुलिसकर्मियों को राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का 23 जुलाई 2026 का फैसला बरकरार रहेगा।
छत्तीसगढ़ पुलिस की करीब 20 साल पुरानी भर्ती से जुड़ा वरिष्ठता विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इस बार भी संबंधित पुलिसकर्मियों को राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का 23 जुलाई 2026 का फैसला बरकरार रहेगा।

मंत्री के प्रभार वाला जिला

मामले का राजनीतिक तापमान इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि राजनांदगांव स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के प्रभार वाला जिला है। ऐसे में पार्टी से जुड़े कार्यक्रम में बच्चों को ले जाने और उसी दिन उनकी परीक्षा नहीं होने को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि विद्यार्थियों को कार्यक्रम में भीड़ बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया गया। दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के स्तर पर अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है कि परीक्षा किसी मंत्री या नेता के निर्देश पर रद्द की गई थी।

कांग्रेस ने घेरा कार्यालय

मामला सामने आने के बाद शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जितेंद्र उदय मुदलियार की शिकायत के आधार पर अब विभाग ने जांच शुरू की है। शिकायत में परीक्षा रद्द करने के अलावा अंकसूची में गंभीर त्रुटियों का भी आरोप लगाया गया है।

अफसरों को जानकारी थी या नहीं?

मामले की दूसरी बड़ी कड़ी यही है कि अगर परीक्षा रोककर बच्चों को कार्यक्रम में भेजने का फैसला लिया गया था तो इसकी जानकारी जिला शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को पहले क्यों नहीं दी गई? क्या स्कूल स्तर पर ही फैसला लिया गया? क्या किसी अधिकारी की मौखिक सहमति थी? या फिर कार्यक्रम की तैयारी में जुटे लोगों ने बच्चों की परीक्षा को ही बाद में रखने का फैसला कर लिया? इन सवालों का जवाब जांच रिपोर्ट से निकलना है।


DEO ने कहा- आदेश नहीं दिया

जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत शिक्षा विभाग को भाषण और चित्रकला जैसी गतिविधियों की जिम्मेदारी दी गई थी। विद्यार्थियों को परीक्षा से हटाकर कार्यक्रम में भेजने का कोई निर्देश विभाग की ओर से नहीं दिया गया। उन्होंने परीक्षा रद्द करने को गंभीर गलती बताया है।

अब जांच में तीन बड़े सवाल

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने जांच के निर्देश जारी किए। प्रभारी सहायक संचालक रश्मि सिंह और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलई के प्राचार्य रामकृष्ण जोशी को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रिपोर्ट देने कहा गया है।

परीक्षा, कार्यक्रम और अंकसूची

जांच सिर्फ परीक्षा रद्द करने तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को राजनीतिक कार्यक्रम में ले जाने, परीक्षा निरस्त करने और अंकसूची में बताई गई गंभीर गड़बड़ियों की भी पड़ताल होगी। यानी जांच के सामने दो अलग सवाल हैं। पहला, तय परीक्षा के दिन बच्चों को आखिर किस आधार पर कार्यक्रम में भेजा गया; दूसरा, अंकसूची में कथित गड़बड़ियां कैसे हुईं।

जवाबदेही किसकी होगी?

अगर जांच में यह साबित होता है कि परीक्षा रोकने का फैसला स्कूल स्तर पर बिना जरूरी अनुमति लिया गया था, तो जिम्मेदारी तय करना विभाग के सामने अगला कदम होगा। वहीं अगर किसी स्तर से मौखिक निर्देश दिए जाने की बात सामने आती है तो उसकी भी पुष्टि जरूरी होगी। फिलहाल विभाग ने किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया है।

बच्चों की परीक्षा या नेताओं का कार्यक्रम?

पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल यही है, सरकारी स्कूल के करीब 250 बच्चों की तय परीक्षा ज्यादा जरूरी थी या उसी दिन आयोजित राजनीतिक-सामाजिक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी? परीक्षा किसके आदेश पर रोकी गई, बच्चों को किसने भेजा और क्या इसके पीछे किसी बड़े अधिकारी की सहमति थी, अब जांच में यही तीन सवाल सबसे अहम रहेंगे।

Tags:
  • परीक्षा रद्द
  • राजनांदगांव
  • सेवा संकल्प अभियान
  • छत्तीसगढ़
  • Exam cancelled
मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 जिलों के कलेक्टर बदले; CM मोहन यादव के कुनबे में भी बढ़ोतरी

By Sumit Kumar

मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 जिलों के कलेक्टर बदले; CM मोहन यादव के कुनबे में भी बढ़ोतरी
सरकार ने जारी की नई किराया दरें, साधारण से लेकर एसी और स्लीपर बसों तक यात्रियों की जेब पर पड़ेगा असर

By VINAY VERMA

सरकार ने जारी की नई किराया दरें, साधारण से लेकर एसी और स्लीपर बसों तक यात्रियों की जेब पर पड़ेगा असर
भजनलाल शर्मा की समीक्षा बैठक के बाद पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई, 9 अफसरों पर गिरी गाज

By Ashish Bhardwaj

भजनलाल शर्मा की समीक्षा बैठक के बाद पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई, 9 अफसरों पर गिरी गाज
Fire Safety Rules 2026: आग लगी तो जिम्मेदार कौन? MP में अब हर साल देना होगा भवनों की सुरक्षा का हिसाब

By Ramanand Tiwari

Fire Safety Rules 2026: आग लगी तो जिम्मेदार कौन? MP में अब हर साल देना होगा भवनों की सुरक्षा का हिसाब
पुलिस होती कौन है हमें रोकने वाली? AISF कार्यकर्ता श्रावणी का बड़ा आरोप, इटारसी हिरासत से हाईकोर्ट तक की पूरी कहानी

By Neel Tiwari

पुलिस होती कौन है हमें रोकने वाली? AISF कार्यकर्ता श्रावणी का बड़ा आरोप, इटारसी हिरासत से हाईकोर्ट तक की पूरी कहानी
CG Top News: CM हाउस के बाहर हंगामा, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का WhatsApp हैक, मंत्रालय में 162 कर्मचारियों के तबादले समेत पढ़े बड़ी खबरें

By Umeshwari Baghel

CG Top News: CM हाउस के बाहर हंगामा, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का WhatsApp हैक, मंत्रालय में 162 कर्मचारियों के तबादले समेत पढ़े बड़ी खबरें
Rajasthan Top News: जयपुर जिला परिषद चुनाव में भाजपा-कांग्रेस ने घोषित किए प्रत्याशी

By Ashish Bhardwaj

Rajasthan Top News: जयपुर जिला परिषद चुनाव में भाजपा-कांग्रेस ने घोषित किए प्रत्याशी