EPFO से आई खुशखबरी, अब PF पर मिलेगा 8.25% ब्याज
Pratibha Rana | Feb 11, 2024, 09:36 IST
EPFO
अब एम्प्लॉईज प्रोविडेंट फंड (EPF) अकाउंट में जमा राशि पर 8.25% ब्याज मिलेगा। एम्प्लॉईज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ने अपनी 235वीं बैठक में इसकी सिफारिश की है।
BHOPAL. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ (EPFO) के करोड़ों पीएफ (PF) खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता ( Employees' Provident Fund )में 10 फरवरी को ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की 235वीं बैठक में 2023-24 के लिए ब्याज दर बढ़ाने का फैसला लिया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 2023-24 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर ब्याज दर 8.25 प्रतिशत तय कर दी। हालांकि अभी इसपर सरकार की मंजूरी मिलना बाकी है।
पिछले साल मार्च में EPFO ने EPF की ब्याज दर 8.15% तय की थीं। EPFO एक्ट के तहत कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्लस DA का 12% PF अकाउंट में जाता है। कंपनी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्लस DA का 12% कॉन्ट्रिब्यूट करती है। कंपनी के 12% कॉन्ट्रीब्यूशन में से 3.67% PF अकाउंट में जाता है और बाकी 8.33% पेंशन स्कीम में जाता है। अब एम्प्लॉईज प्रोविडेंट फंड अकाउंट में जमा राशि पर 8.25% ब्याज मिलेगा। यानी इसमें 0.10% की बढ़ोत्तरी हुई है।
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1952 में कर्मचारी भविष्य निधि (PF) की शुरुआत 3% ब्याज दर के साथ हुई थी।
पीएफ, जिसे कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) ( Employees Provident Fund Organization )के रूप में भी जाना जाता है, भारत सरकार द्वारा स्थापित एक बचत योजना है। यह योजना वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए उनके सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए है।
पीएफ योजना के तहत, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों कर्मचारी के वेतन का एक निश्चित प्रतिशत पीएफ खाते में जमा करते हैं। कर्मचारी का योगदान 12% ( EPF interest rate )और नियोक्ता का योगदान 12% या 13.67% हो सकता है। नियोक्ता के योगदान का 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है और शेष 3.67% या 5.33% पीएफ खाते में जमा होता है।
पीएफ खाते में जमा राशि पर सरकार द्वारा ब्याज दिया जाता है। ब्याज दर हर साल वित्त मंत्रालय द्वारा घोषित की जाती है।
पीएफ खाते से पैसे निकालने के लिए कुछ नियम और शर्तें हैं। कर्मचारी अपने सेवानिवृत्ति के बाद, नौकरी बदलने पर या कुछ विशेष परिस्थितियों में पैसे निकाल सकता है।
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1. योगदान:
कर्मचारी और नियोक्ता दोनों कर्मचारी के वेतन का एक निश्चित प्रतिशत पीएफ खाते में जमा करते हैं।
कर्मचारी का योगदान 12% और नियोक्ता का योगदान 12% या 13.67% हो सकता है।
2. ब्याज:
पीएफ खाते में जमा राशि पर सरकार द्वारा ब्याज दिया जाता है।
ब्याज दर हर साल वित्त मंत्रालय द्वारा घोषित की जाती है।
3. निकासी:
कर्मचारी अपने सेवानिवृत्ति के बाद, नौकरी बदलने पर या कुछ विशेष परिस्थितियों में पैसे निकाल सकता है।
4. लाभ:
सेवानिवृत्ति के लिए बचत: यह योजना कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने में मदद करती है।
वित्तीय सुरक्षा: यह योजना कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
कर लाभ: पीएफ योजना में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज कर मुक्त होता है।
ऋण सुविधा: कर्मचारी अपने पीएफ खाते से ऋण ले सकते हैं।
बीमा कवरेज: पीएफ योजना में कर्मचारियों के लिए जीवन बीमा कवरेज भी शामिल होता है।
5. अन्य विशेषताएं:
पीएफ खाता ऑनलाइन खोला जा सकता है।
पीएफ खाते का प्रबंधन ऑनलाइन किया जा सकता है।
पीएफ खाते से पैसे ऑनलाइन निकाले जा सकते हैं।
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2023-24 के लिए इतना बढ़ाया
पिछले साल मार्च में EPFO ने EPF की ब्याज दर 8.15% तय की थीं। EPFO एक्ट के तहत कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्लस DA का 12% PF अकाउंट में जाता है। कंपनी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्लस DA का 12% कॉन्ट्रिब्यूट करती है। कंपनी के 12% कॉन्ट्रीब्यूशन में से 3.67% PF अकाउंट में जाता है और बाकी 8.33% पेंशन स्कीम में जाता है। अब एम्प्लॉईज प्रोविडेंट फंड अकाउंट में जमा राशि पर 8.25% ब्याज मिलेगा। यानी इसमें 0.10% की बढ़ोत्तरी हुई है।
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1952 में हुई थी PF की शुरुआत
1952 में कर्मचारी भविष्य निधि (PF) की शुरुआत 3% ब्याज दर के साथ हुई थी।
- 1952-66 3-4.75%
1967-75 5-7%
1976-83 7.50-8.75%
1984-89 9.25-11.80%
1990-99 12%
2000-01 11%
2001-05 9.50%
2006-10 8.50-9.50%
2011-21 8.25-8.50%
2021-22 8.10%
2022-23 8.15%
2023-24 8.25%
पीएफ (PF) क्या होता है?
पीएफ, जिसे कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) ( Employees Provident Fund Organization )के रूप में भी जाना जाता है, भारत सरकार द्वारा स्थापित एक बचत योजना है। यह योजना वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए उनके सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए है।
पीएफ योजना के तहत, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों कर्मचारी के वेतन का एक निश्चित प्रतिशत पीएफ खाते में जमा करते हैं। कर्मचारी का योगदान 12% ( EPF interest rate )और नियोक्ता का योगदान 12% या 13.67% हो सकता है। नियोक्ता के योगदान का 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है और शेष 3.67% या 5.33% पीएफ खाते में जमा होता है।
पीएफ खाते में जमा राशि पर सरकार द्वारा ब्याज दिया जाता है। ब्याज दर हर साल वित्त मंत्रालय द्वारा घोषित की जाती है।
पीएफ खाते से पैसे निकालने के लिए कुछ नियम और शर्तें हैं। कर्मचारी अपने सेवानिवृत्ति के बाद, नौकरी बदलने पर या कुछ विशेष परिस्थितियों में पैसे निकाल सकता है।
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अमित शाह ने कहा- लोकसभा चुनाव के पहले लागू होगा CAA, ये देश का एक्ट
पीएफ योजना के कुछ लाभ निम्नलिखित हैं:
- सेवानिवृत्ति के लिए बचत: यह योजना कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने में मदद करती है।
वित्तीय सुरक्षा: यह योजना कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
कर लाभ: पीएफ योजना में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज कर मुक्त होता है।
ऋण सुविधा: कर्मचारी अपने पीएफ खाते से ऋण ले सकते हैं।
बीमा कवरेज: पीएफ योजना में कर्मचारियों के लिए जीवन बीमा कवरेज भी शामिल होता है।
पीएफ योजना की कुछ मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
1. योगदान:
कर्मचारी और नियोक्ता दोनों कर्मचारी के वेतन का एक निश्चित प्रतिशत पीएफ खाते में जमा करते हैं।
कर्मचारी का योगदान 12% और नियोक्ता का योगदान 12% या 13.67% हो सकता है।
2. ब्याज:
पीएफ खाते में जमा राशि पर सरकार द्वारा ब्याज दिया जाता है।
ब्याज दर हर साल वित्त मंत्रालय द्वारा घोषित की जाती है।
3. निकासी:
कर्मचारी अपने सेवानिवृत्ति के बाद, नौकरी बदलने पर या कुछ विशेष परिस्थितियों में पैसे निकाल सकता है।
4. लाभ:
सेवानिवृत्ति के लिए बचत: यह योजना कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने में मदद करती है।
वित्तीय सुरक्षा: यह योजना कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
कर लाभ: पीएफ योजना में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज कर मुक्त होता है।
ऋण सुविधा: कर्मचारी अपने पीएफ खाते से ऋण ले सकते हैं।
बीमा कवरेज: पीएफ योजना में कर्मचारियों के लिए जीवन बीमा कवरेज भी शामिल होता है।
5. अन्य विशेषताएं:
पीएफ खाता ऑनलाइन खोला जा सकता है।
पीएफ खाते का प्रबंधन ऑनलाइन किया जा सकता है।
पीएफ खाते से पैसे ऑनलाइन निकाले जा सकते हैं।
Umang ऐप: सरकारी सेवाओं के लिए एक ही जगह
- कर्मचारी अपने ईपीएफ बैलेंस की जांच करने के लिए अपने स्मार्टफोन पर उमंग ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।
Umang (Unified Mobile Application for New-age Governance) भारत सरकार द्वारा विकसित एक मोबाइल ऐप है जो नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करता है। यह ऐप 127 से अधिक विभागों और 841 से अधिक सेवाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है।
Umang ऐप की विशेषताएं:
- बहुभाषी: यह ऐप 12 भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे यह देश के सभी नागरिकों के लिए सुलभ हो जाता है।
सुरक्षित: यह ऐप सुरक्षित और भरोसेमंद है। - उपयोग में आसान: यह ऐप उपयोग में आसान है और इसमें सरल इंटरफ़ेस है।
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विभिन्न सेवाएं: यह ऐप विभिन्न प्रकार की सरकारी सेवाएं प्रदान करता है, जैसे कि:
- आधार कार्ड से संबंधित सेवाएं
पैन कार्ड से संबंधित सेवाएं
ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित सेवाएं
पासपोर्ट से संबंधित सेवाएं
बैंकिंग सेवाएं
बिल भुगतान सेवाएं
रेलवे टिकट बुकिंग
हवाई जहाज टिकट बुकिंग
Umang ऐप का उपयोग कैसे करें:
- Umang ऐप को Google Play Store या Apple App Store से डाउनलोड करें।
ऐप खोलें और अपनी भाषा चुनें।
अपना मोबाइल नंबर और ईमेल पता दर्ज करें।
एक OTP प्राप्त होगा, उसे दर्ज करें।
अब आप ऐप का उपयोग कर सकते हैं।
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Umang ऐप के लाभ:
- यह ऐप नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करता है।
यह ऐप नागरिकों को समय और धन बचाने में मदद करता है।
यह ऐप नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने में आसानी प्रदान करता है।
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