गंगा की शीतलता पर खतरा, गर्म हुआ पानी, घट रही ऑक्सीजन, पीने भी लायक नहीं
Amresh Kushwaha | Jun 23, 2026, 09:30 IST
गंगा में घट रही ऑक्सीज
आईआईटी हैदराबाद की रिसर्च के अनुसार, 2009 से 2025 के बीच गंगा के मध्य प्रवाह क्षेत्र में पानी का तापमान 1.88 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। पानी गर्म होने से ऑक्सीजन घट रही है, जिससे जलजीव और करोड़ों लोगों की आजीविका खतरे में है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- आईआईटी हैदराबाद की रिसर्च में गंगा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
- 2009 से 2025 के बीच गंगा के पानी का तापमान 1.88 डिग्री तक बढ़ा है।
- गर्म पानी में ऑक्सीजन घटती है, जलजीवों का जीवन खतरे में है।
- उत्तराखंड में गंगा का पानी अब आचमन लायक भी नहीं बचा है।
- प्रदूषण और सीवेज से पानी में बैक्टीरिया का स्तर खतरनाक हो गया है।
गंगाजल की हालत गंभीर
गंगा के पानी में सीवेज सीधे गिर रहा है। वहीं, 32 ट्रीटमेंट प्लांट (Treatment Plant) में से अधिकांश पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे। फीकल कोलीफॉर्म (Fecal Coliform) यानी पानी में मल से बनने वाले बैक्टीरिया का स्तर बहुत बढ़ा हुआ है। यह स्तर एक हजार एमपीएन (Most Probable Number) प्रति 100 मिलीलीटर से कम होना चाहिए। वहीं, जांच में यह 1700 से बढ़कर 2400 तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा बेहद खतरनाक है।
16 साल में 1.88 डिग्री बढ़ा तापमान
इससे पहले इस क्षेत्र में तापमान बढ़ने की वार्षिक औसत दर 0.13 डिग्री थी। शोध से जुड़ी वैज्ञानिक डॉ. रेहाना शैक ने बताया कि तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी होने पर पानी में ऑक्सीजन घुलने का स्तर करीब 2.3 प्रतिशत तक गिर सकता है।
ऑक्सीजन घटी तो क्या होगा?
डॉ. रेहाना शैक का यह भी कहना है कि नदी के किनारे हरित पट्टी यानी पेड़-पौधों की कमी, प्राकृतिक जल प्रवाह में बाधा और नदी में गिरने वाले प्रदूषण को कम करना बेहद जरूरी है। इन तीनों कदमों के बिना गंगा की सेहत सुधरना मुश्किल है।
क्यों गर्म हो रहा है गंगाजल?
हिमालय में ग्लेशियर (Glacier) पिघल रहे हैं। शुरुआत में इससे नदियों में पानी बढ़ सकता है। वहीं, लंबे समय में ग्लेशियर घटने से नदियों को ठंडा पानी मिलना भी कम हो जाएगा। यह स्थिति आने वाले दशकों में और गंभीर हो सकती है।
करोड़ों लोगों की जिंदगी दांव पर
धार्मिक दृष्टि से भी गंगाजल का महत्व अतुलनीय है। वहीं, जब गंगा का पानी आचमन लायक भी न रहे तो यह केवल पर्यावरण नहीं, आस्था का भी संकट है।
क्या हो सकता है समाधान?
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि गंगा की सफाई के लिए सिर्फ अभियान काफी नहीं। असल बदलाव तब आएगा जब नदी में गंदगी डालना कानूनी रूप से रोका जाएगा और उसे लागू किया जाएगा। बिना जवाबदेही के कोई भी सरकारी योजना अधूरी रहेगी।
FAQ
- गंगा का पानी कितना गर्म हो गया है?
आईआईटी हैदराबाद के हाइड्रोक्लाइमेटिक रिसर्च ग्रुप के शोध के अनुसार गंगा के मध्य प्रवाह क्षेत्र में 2009 से 2025 के बीच पानी का औसत तापमान 1.88 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। इससे पहले इस क्षेत्र में तापमान बढ़ने की वार्षिक औसत दर 0.13 डिग्री थी। - गंगा के बढ़ते तापमान को रोकने के लिए क्या उपाय सुझाए गए हैं?
वैज्ञानिकों ने कई जरूरी कदम सुझाए हैं। नदी के किनारों पर हरित पट्टी यानी पेड़-पौधे बढ़ाने से पानी का तापमान नियंत्रित रहता है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को पूरी क्षमता से चलाना जरूरी है।
गंगा स्नान के लिए जा रहे यात्रियो की बस का एक्सीडेंट, राजस्थान के 3 लोगों की मौत
एमपी का वॉटर मॉडल विदेश में होगा लागू, 6 देशों ने की जल गंगा संवर्धन अभियान की तारीफ
जल गंगा संवर्धन अभियान से बदलेगी एमपी की सूरत, गंगा दशहरा पर सीएम ने जनता से की खास अपील
गंगा सप्तमी और गंगा दशहरा को एक मानने की भूल न करें, यह है दोनों में अंतर
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari