सरकार का बड़ा फैसला : इन मोबाइल नंबरों पर अब UPI ट्रांजैक्शन बंद! जानिए वजह
Jitendra Shrivastava | May 23, 2025, 16:09 IST
Photograph: (THESOOTR)
भारत सरकार ने डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए कुछ मोबाइल नंबरों पर UPI ट्रांजैक्शन को ब्लॉक किया है। इसका उद्देश्य है कि फ्रॉड को पहले ही रोका जाए और यूजर का पैसा सुरक्षित रहे। जानिए कारण और समाधान।
भारत में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है। Paytm, PhonePe, Google Pay जैसे UPI (Unified Payments Interface) ऐप्स का इस्तेमाल लाखों लोग करते हैं। लेकिन इसी के साथ डिजिटल फ्रॉड (Digital Fraud) के मामले भी बढ़े हैं। नकली QR कोड, फर्जी UPI हैंडल, और गलत KYC (Know Your Customer) डिटेल्स के कारण फ्रॉड के मामले आम हो गए हैं।
इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने एक नया सिस्टम लागू किया है जो 'रिस्की' मोबाइल नंबरों पर UPI ट्रांजैक्शन को ब्लॉक या लिमिट कर देगा। इसका उद्देश्य है कि फ्रॉड को पहले ही रोका जाए और यूजर का पैसा सुरक्षित रहे।
सरकार के नए सिस्टम में मोबाइल नंबरों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है-
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1. जिन मोबाइल नंबरों पर साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिली हों।
2. जो नंबर बार-बार नए फोन या SIM में एक्टिवेट हो रहे हों।
3. जिन नंबरों के KYC डिटेल्स गलत या फर्जी पाए गए हों।
4. जिन नंबरों पर लगातार OTP या UPI PIN फेल हो रहा हो।
5. जिन नंबरों से संदिग्ध गतिविधियां हुई हों, जैसे फर्जी QR कोड से जुड़े ट्रांजैक्शन।
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1. अपने UPI ऐप से लॉगआउट करें और फिर लॉगिन करें।
2. अपना KYC और बैंक डिटेल्स अपडेट करें।
3. SIM उसी डिवाइस में रखें जिसमें UPI ऐप इंस्टॉल है।
4. फिर भी दिक्कत हो तो बैंक के नोडल अधिकारी या NPCI (National Payments Corporation of India) से शिकायत करें।
सरकार के अनुसार, ये कदम डिजिटल पेमेंट को और सुरक्षित बनाएगा। यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे अपने KYC डिटेल्स सही और अपडेट रखें, अनजान QR कोड या लिंक से बचें, और किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की तुरंत रिपोर्ट करें।
साइबर सुरक्षा | देश दुनिया न्यूज
इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने एक नया सिस्टम लागू किया है जो 'रिस्की' मोबाइल नंबरों पर UPI ट्रांजैक्शन को ब्लॉक या लिमिट कर देगा। इसका उद्देश्य है कि फ्रॉड को पहले ही रोका जाए और यूजर का पैसा सुरक्षित रहे।
नया सिस्टम कैसे काम करेगा?
- Medium Risk (मध्यम जोखिम)
- High Risk (उच्च जोखिम)
- Very High Risk (बहुत उच्च जोखिम)
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किन मोबाइल नंबरों पर होगा असर?
2. जो नंबर बार-बार नए फोन या SIM में एक्टिवेट हो रहे हों।
3. जिन नंबरों के KYC डिटेल्स गलत या फर्जी पाए गए हों।
4. जिन नंबरों पर लगातार OTP या UPI PIN फेल हो रहा हो।
5. जिन नंबरों से संदिग्ध गतिविधियां हुई हों, जैसे फर्जी QR कोड से जुड़े ट्रांजैक्शन।
कौन-कौन से UPI ऐप प्रभावित होंगे?
- भारत में लगभग 90% UPI ट्रांजैक्शन Paytm, PhonePe, Google Pay जैसे ऐप्स से होते हैं। ये ऐप्स और कई बैंक इस नए नियम का पालन करेंगे।
- इसलिए अगर आपका नंबर ब्लॉक हुआ है, तो आप इन सभी ऐप्स में UPI ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे।
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कैसे पता करें कि आपका नंबर ब्लॉक हुआ या नहीं?
- सरकार ने अभी कोई सार्वजनिक लिस्ट जारी नहीं की है। लेकिन आप इन लक्षणों से अंदाजा लगा सकते हैं-
- UPI ट्रांजैक्शन बार-बार फेल होना।
- "Transaction under review" या "Could not process" जैसे मैसेज आना।
- QR कोड स्कैन करने पर भी पेमेंट न होना।
- -ऐसे में तुरंत अपने बैंक या UPI ऐप की कस्टमर केयर से संपर्क करें।
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आपका नंबर ब्लॉक हो गया तो ये करें?
2. अपना KYC और बैंक डिटेल्स अपडेट करें।
3. SIM उसी डिवाइस में रखें जिसमें UPI ऐप इंस्टॉल है।
4. फिर भी दिक्कत हो तो बैंक के नोडल अधिकारी या NPCI (National Payments Corporation of India) से शिकायत करें।
डिजिटल फ्रॉड से बचाव के लिए सरकार की नई पहल
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