अश्लीलता फैलाने वाले पांच नए OTT Platforms Ban

Kaushiki | Feb 25, 2026, 17:13 IST
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OTT Platforms Ban
OTT Platforms Ban

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने अश्लील कंटेंट के कारण MoodXVIP और Koyal Playpro समेत 5 OTT ऐप्स बैन किए। IT एक्ट की धारा 69A के तहत यह सख्त कार्रवाई की गई है।

OTT Platforms Ban: भारत सरकार ने अश्लीलता फैलाने वाले 5 OTT ऐप्स पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने इन ऐप्स को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर बिना किसी स्टोरी या सोशल मैसेज के सिर्फ न्यूडिटी और सेक्सुअल कंटेंट दिखाए जा रहे थे। सस्ते डेटा और इजी मनी के लालच में ये ऐप्स यंग जनरेशन को गुमराह कर रहे थे। अब आप ऐसे एप्स प्लेस्टोर से डाउनलोड नहीं कर सकेंगे।

ब्रेकिंग_न्यूज़ 🚨 भारत सरकार ने अश्लील कंटेंट के आरोप में 5 ओटीटी  प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया है: • MoodXVIP • Koyal Playpro • Digi  Movieplex • Feel • Jugnu इससे पहले
ब्रेकिंग_न्यूज़ 🚨 भारत सरकार ने अश्लील कंटेंट के आरोप में 5 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया है: • MoodXVIP • Koyal Playpro • Digi Movieplex • Feel • Jugnu इससे पहले


इन ऐप्स पर लगा परमानेंट ताला

सरकार ने इस बार जिन प्लेटफॉर्म्स पर एक्शन लिया है, इनके नाम हैं: MoodXVIP, Koyal Playpro, Digi Movieplex, Feel और Jugnu. इन ऐप्स पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी।

अधिकारियों के मुताबिक, इन पर ऐसी वेब सीरीज चल रही थीं जो पूरी तरह से पोर्नोग्राफी की कैटेगरी में आती हैं। इससे पहले भारत सरकार ULLU और ALT Balaji जैसे बड़े नामों पर भी एक्शन ले चुकी है। सरकार का साफ कहा है कि अगर आप नियम तोड़ेंगे, तो आपका प्लेटफॉर्म बंद कर दिया जाएगा।

किस कानून के तहत हुई ये कार्रवाई

ये पूरी कार्रवाई Information Technology Act, 2000 की धारा 69A के तहत की गई है। ये धारा सरकार को अधिकार देती है कि वो किसी भी ऐसी वेबसाइट या ऐप को ब्लॉक कर सके जो सार्वजनिक नैतिकता या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो।

साथ ही, डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड 2021 का भी इसमें सहारा लिया गया है। सरकार ने सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (Jio, Airtel, VI) को सख्त आदेश दिए हैं कि ये ऐप्स किसी भी फोन या लैपटॉप पर अब नहीं खुलने चाहिए।

बार-बार चेतावनी को किया गया नजरअंदाज

हैरानी की बात ये है कि इन कंपनियों को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी। सितंबर 2024 और फरवरी 2025 में भी इन्हें नोटिस भेजे गए थे। कुछ प्लेटफॉर्म्स ने तो अपना डोमेन नाम बदलकर दोबारा वही कंटेंट चलाना शुरू कर दिया था।

लेकिन इस बार सरकार ने गृह मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ मिलकर एक ठोस प्लानिंग की। विशेषज्ञों की सलाह के बाद ये फैसला लिया गया कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स को अब दोबारा सिर उठाने का मौका नहीं दिया जाएगा।

पेरेंट्स के लिए खास गाइड

आज के दौर में बच्चों के हाथ में मोबाइल होना आम बात है। लेकिन इंटरनेट पर मौजूद ऐसी वलगर कंटेंट उनके कोमल मन पर बुरा असर डाल सकती है। यहां कुछ प्रीकॉशन्स दिए गए हैं जो हर पैरेंट को अपनाने चाहिए:

  • Parental Control का उपयोग करें:
    गूगल प्ले स्टोर और यूट्यूब पर पैरेंटल कंट्रोल सेटिंग्स ऑन करें। इससे बच्चे गलत ऐप्स सर्च नहीं कर पाएंगे।
  • Screen Time की निगरानी:
    हमेशा चेक करें कि आपका बच्चा फोन पर क्या देख रहा है। हिस्ट्री डिलीट होने पर भी वाई-फाई राउटर की सेटिंग्स से ट्रैक किया जा सकता है।
  • Safe Search ऑन रखें:
    ब्राउजर की सेटिंग्स में जाकर Safe Search मोड ऑन करें ताकि अश्लील तस्वीरें सर्च रिजल्ट में न आएं।
  • बच्चों से बातचीत करें:
    उन्हें इंटरनेट के खतरों के बारे में प्यार से समझाएं। उन्हें बताएं कि क्या देखना सही है और क्या गलत।

क्या होगा अगर आप अभी इन ऐप्स का यूज करते हैं

अगर आप सोच रहे हैं कि बैन के बाद भी VPN या अन्य तरीकों से ये ऐप्स चला लेंगे, तो सावधान हो जाइए। सरकार अब डिजिटल फुटप्रिंट्स पर नजर रख रही है। बैन किए गए प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करना आपकी प्राइवेसी के लिए भी खतरा हो सकता है।

ये ऐप्स अक्सर आपका पर्सनल डेटा चोरी करते हैं और आपको ब्लैकमेल भी कर सकते हैं। इसलिए, हमेशा रिलाएबल और रजिस्टर्ड OTT platforms जैसे Netflix Indiaया Amazon Prime का ही चुनाव करें।

क्यों बढ़ रही है Adults OTT ऐप्स की संख्या

असल में, इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है इजी मनी और चीप पॉपुलैरिटी। ये प्लेटफॉर्म्स जानते हैं कि एडल्ट्स की क्यूरोसिटी को प्रोवोकर जल्दी व्यूज बटोरे जा सकते हैं। जब तक लोग मजे के लिए इन्हें देखते रहेंगे, तब तक ऐसे ऐप्स बनते रहेंगे। यह एक बड़ा बिजनेस मॉडल बन चुका है।

यहां बिना किसी टैलेंट या कहानी के, सिर्फ Cashing in on Emotions किया जाता है। ये ऐप्स इसलिए फल-फूल रहे हैं क्योंकि इंटरनेट डेटा सस्ता है। प्राइवेसी के नाम पर लोग बंद कमरों में कुछ भी देख सकते हैं। लेकिन याद रखें कि ये डिजिटल पॉल्यूशन न केवल हमारी मानसिकता खराब कर रहा है, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य के लिए भी बड़ा खतरा है।

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