होली स्पेशल : सुख नहीं, दुख से जुड़ा है रंगों के त्योहार का इतिहास

Jitendra Shrivastava | Mar 07, 2025, 16:14 IST
Share
thesootr
holi-history-from-sorrow-to-celebration Photograph: (thesootr)

होली को रंगों और खुशियों का त्योहार माना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसकी शुरुआत दुख और शोक से हुई थी। इतिहास के अनुसार, जब होलिका दहन हुआ, तो राजा हिरण्यकश्यप के राज्य में शोक फैल गया और लोगों ने चिता की राख अपने शरीर पर मली।

भारत में होली को उत्साह, उमंग और भाईचारे का पर्व माना जाता है। रंगों में सराबोर इस त्योहार की एक ऐतिहासिक और धार्मिक पृष्ठभूमि भी है, जो शायद बहुत कम लोग जानते हैं। यह त्योहार दरअसल शोक और गम से शुरू हुआ था। होलिका दहन के बाद हिरण्यकश्यप के राज्य में मातम छा गया था, लेकिन पांच दिन बाद यह शोक उत्सव में बदल गया। झांसी के एरच कस्बे को होली के जन्मस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। आइए जानते हैं इस त्योहार के पीछे की अनसुनी कहानी।

ऐसे हुई थी होली पर्व की शुरुआत

होली का रंग अभी से देश पर चढ़ना शुरू हो गया है। मथुरा के बरसाने में तो लट्ठ और रंग बरसने लगे हैं। साथ ही देश के ज्यादातर लोग शुक्रवार 13 तारीख को आने वाली होली की तैयारी में लगे हैं। देश भर में होली का त्यौहार उत्साह उमंग और खुशी के साथ मिलकर मनाया जाता है, लेकिन शायद ये बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि होली का त्यौहार असल में दुख के त्यौहार के तौर पर शुरू हुआ था।

होली की कहानी यूं है कि भक्त प्रहलाद की भक्ति से डरे राजा हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को कहा कि वो प्रहलाद को लेकर अग्नि में बैठ जाये ताकि प्रहलाद जल जाए। होलिका के पास ऐसी शाल थी जिससे वो नही जलती, लेकिन जब आग लगाई गई तो वो शाल ओढ़कर प्रहलाद के ऊपर आ गई और होलिका जल गई। ये कहानी सबको पता है, लेकिन यहीं से होली की शुरुआत कैसे हुई हम आपको बताते हैं।

देव-दानव की सभा के बाद लगाया रंग-गुलाल

जब होलिका का दहन हो गया तो हिरण्यकश्यप और उसके राज्य में शोक की लहर फैल गई। शोक मनाने के लिए दूर-दूर से रिश्तेदार आए और नाराजगी और शोक दिखाते हुए उन्होंने अपने शरीर पर चिता की राख मली। यहीं से होली की शुरुआत हुई आज भी कई जगहों पर होली की राख से ही टीका लगाने और एक दूसरे पर राख फेंकने का चलन है। ये राख से शोक का सिलसिला पांच दिन तक चलता रहा जब शोक गुस्से में बदलने लगा और दानव मिलकर देवों पर आक्रमण की तैयारी करने लगे तब दोनों की एक संयुक्त सभा रखी गई और उस सभा में समझौते के बाद पंचमी के दिन रंग और गुलाल लगाया गया इसलिए उत्तरभारत में रंग और गुलाल की होली रंग पंचमी को ही मनाई जाती है।

ये खबरें भी पढ़ें...

21 लाख श्रमिकों को मोहन सरकार का तोहफा, होली से पहले बढ़ाया महंगाई भत्ता

खुशखबरी... होली में घर जाने की चिंता खत्म! रेलवे चलाएगा 250 से अधिक स्पेशल ट्रेनें

झांसी जिले के एरच कस्बे से हुई थी होली की शुरुआत

जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित एरच कस्बे का धार्मिक दृष्टिकोण से काफी महत्व है। इस स्थान पर कई ऐसे अवशेष मौजूद हैं जिनके आधार पर इसे हिरण्यकश्यप की राजधानी माना जाता है। मान्यता है कि होली पर्व की शुरुआत झांसी जिले के इसी एरच कस्बे से हुई थी। पुरातात्विक खोजों में यहां कई ऐसे प्रमाण मिले हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि किसी समय में इस स्थान पर विकसित सभ्यता निवास करती थी।

ये खबरें भी पढ़ें...

सरकार ने कर्मचारियों को दिया होली का तोहफा, 53 फीसदी किया महंगाई भत्ता

Holi 2025: यहां से हुई थी होली की शुरुआत, आज भी मौजूद हैं प्रमाण

गजेटियर में है होली का उल्लेख

झांसी जिले के गजेटियर में इस बात का उल्लेख है कि एरच कस्बा एक ऐतिहासिक नगर है, जहां से होली की शुरुआत हुई थी। एरच कस्बे के पास स्थित बेतवा नदी के किनारे बसे डिकोली गांव को ऐतिहासिक डेकांचल पर्वत के किनारे बसा गांव माना जाता है। यह मान्यता है कि इसी डेकांचल पर्वत से भक्त प्रहलाद को नदी में फेंका गया था। जिस स्थान पर भक्त प्रह्लाद को फेंका गया था। उसे वर्तमान समय में लोग प्रह्लाद कुंड के नाम से जानते हैं।

Tags:
  • चिताओं की राख से होली
  • इतिहास
  • झांसी
  • होली स्पेशल
  • रंगों का त्योहार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग