Pitru Paksha 2024: गया में पिंडदान का कितना महत्व? प्रभु राम के अलावा पांडवों से भी जुड़ा है यह धार्मिक स्थल, जानें कैसे

Raj Singh | Sept 22, 2024, 14:59 IST
Share
the sootr
the sootr

बिहार के गया में पिंडदान को लेकर काफी मान्यता है। इस स्थान के बारे में मान्यता है कि भगवान राम के अलावा महाभारत के पांडव भी इस तीर्थस्थल पर आए थे।

श्राद्ध पक्ष का समय बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पूरी तरह से पितरों को समर्पित होता है। हिंदू धर्म के अनुसार इस पक्ष (Pitru Paksh 2024) में पितरों को पिंडदान करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही आने वाली पीढ़ियों का भी उद्धार होता है। देशभर में कई ऐसी जगहें हैं जहां पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है। इन्हीं में से एक बेहद महत्वपूर्ण जगह बिहार का गया ( Gaya ) जिला है।

गया के बारे में शास्त्रों में बहुत कुछ लिखा गया है। उनके अनुसार गया वह स्थान है जहां पिंडदान करने से 108 कुलों और अगली सात पीढ़ियों का उद्धार होता है। पुराणों में गया को मोक्ष स्थल भी कहा गया है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु पितृदेव के रूप में इस स्थान पर निवास करते हैं। तो चलिए इस लेख में हम आपको गया से जुड़े कुछ रोचक तथ्य बताते हैं। पिंडदान के लिए लोग गया को ही क्यों चुनते हैं? साथ ही हम यह भी बताएंगे कि भगवान राम और पांडवो का इस स्थान से क्या संबंध है।

गया में पिंडदान करने की क्या है वजह?

पौराणिक कथाओं के अनुसार देश में कुल 55 ऐसे स्थान हैं, जहां पिंडदान का बहुत महत्व है। लेकिन बिहार के गया में पितरों को पिंडदान करने का महत्व अपने आप में खास है। बता दें कि गया बिहार राज्य में स्थित है जो फल्गु नदी के तट पर बसा है। लोग अपने पितरों को पिंडदान करने के लिए इसी नदी पर पहुंचते हैं।

गया में पिंडदान करने की मान्यता है कि जो भी व्यक्ति गया में जाकर पिंडदान करता है, वह हमेशा के लिए पितृ ऋण से मुक्त हो जाता है। इसके बाद उसे श्राद्ध करने की जरूरत नहीं पड़ती।

ये भी खबर पढ़िए... पितृ पक्ष में कौवे को भोजन कराने का क्या है महत्व, इन पशुओं को भी कराया जाता है भोजन

गया का संबंध, भगवान राम और पांडवों से जुड़ा

गया में पिंडदान को लेकर एक और मान्यता यह है कि भगवान राम ने भी यहीं पिंडदान किया था। पुराणों के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान राम ने अपने पिता राजा दशरथ के लिए गया में फल्गु नदी के तट पर पिंडदान किया था। राजा राम ने यहीं अपने पिता के लिए श्राद्ध कर्म और तर्पण किया था और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की थी। भगवान राम के अलावा यह भी कहा जाता है कि महाभारत काल में पांडवों ने भी यहां अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान किया था और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की थी।

इसके महत्व के बारे में एक अन्य पौराणिक कथा में कहा गया है कि गया में गयासुर नाम का एक राक्षस रहता था जो भगवान विष्णु का बहुत बड़ा भक्त था और उसने अपनी भक्ति से भगवान विष्णु को प्रसन्न कर वरदान प्राप्त किया था। यह भी कहा जाता है कि गया के दर्शन करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।

हजारों-लाखों की संख्या में पहुंचते हैं तीर्थयात्री

पितृ पक्ष की अवधि को महालया के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस महालया के दौरान सभी मृत पूर्वज गया पहुंचते हैं, वे मोक्ष और मुक्ति की कामना के साथ गया में रहते हैं। पूर्वज अपने वंशजों के आने का इंतजार करते हैं कि कब उनका वंशज यहां आकर उनके मोक्ष और मुक्ति के लिए पितरों को पिंडदान करेगा। इसी मान्यता के साथ हर साल हजारों-लाखों तीर्थयात्री गया पहुंचते हैं।

thesootr links

सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें

Tags:
  • Bihar
  • श्राद्ध पक्ष
  • पिंडदान मेला
  • पितृपक्ष में पिंडदान
  • बिहार
  • गया
  • Pitru Paksha 2024
  • पिंडदान महत्व
  • गया पिंडदान महत्व
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं