भारत-यूरोपीय संघ के बीच मदर ऑफ ऑल डील्‍स, सस्ती होंगी लग्जरी कारें, दवाइयां और कपड़े

Sanjay Dhiman | Jan 27, 2026, 17:21 IST
Share
Mother of all deals between India and European Union
Photograph: (the sootr)

भारत और यूरोपीय संघ के बीच 18 साल बाद ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हुआ। इससे लग्जरी कारें सस्ती होंगी और 2031 तक व्यापार 51 अरब डॉलर पहुंचेगा।

NEWS IN SHORT

  • भारत और यूरोपीय संघ के बीच 18 साल पुराना व्यापार समझौता आखिरकार अब फाइनल हो गया।
  • इस डील से विदेशी लग्जरी कारों पर लगने वाला भारी-भरकम टैक्स अब काफी कम हो जाएगा।
  • फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन के बादभारतीय कपड़ा, फुटवियर और दवा उद्योग को बड़ा बाजार मिल गया है।
  • साल 2031 तक दोनों देशों के बीच व्यापारिक मुनाफा 51 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
  • यह समझौता चीन पर निर्भरता कम करेगा और भारत को ग्लोबल सप्लाई हब बनाने में मदद करेगा।

NEWS IN DETAIL

New Delhi. करीब अठारह साल बाद भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है। इस मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को राजनीति और कारोबार की दुनिया में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस समझौते पर औपचारिक मुहर लग चुकी है।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इसे ऐतिहासिक आर्थिक उपलब्धि बताया है। यह बातचीत पहली बार साल 2007 में शुरू हुई थी। बीच में वैश्विक मंदी, कोरोना और राजनीतिक तनावों ने प्रक्रिया धीमी कर दी थी। अब बदलते वैश्विक हालात ने इस डील को नई रफ्तार दी।

10fc8f8d-006
10fc8f8d-006


EU अध्यक्ष बोलीं- PM मोदी हमने कर दिखाया

यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन ने भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर खुशी जाहिर की है। FTA ( Free Trade Agreements) पर हस्ताक्षर के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि हमने मिलकर यह ऐतिहासिक काम पूरा कर दिखाया है।

उर्सुला ने कहा कि लंबे समय से चल रही बातचीत अब ठोस नतीजे तक पहुंची है। उन्होंने इसे दोनों पक्षों के लिए भरोसे, सहयोग और साझा विजन की जीत बताया। यूरोपीय आयोग अध्यक्ष के मुताबिक यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और आर्थिक साझेदारी नई ऊंचाई पर पहुंचेगी।

यह खबरें भी पढ़ें..

UGC इक्विटी पॉलिसी 2026 पर इंदौर में विरोध प्रदर्शन, जानें क्या है विवाद

अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर पर 14 फरवरी तक रोक, एसआईआर के कारण पाबंदी बढ़ी

e0eb6e7b-2be
e0eb6e7b-2be


भारत के लिए क्यों अहम है यह ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’

भारत के लिए यह समझौता सिर्फ व्यापार नहीं, रणनीतिक जीत भी है। यूरोपीय यूनियन दुनिया के सबसे अमीर और स्थिर बाजारों में गिनी जाती है। भारत को यहां अपने उत्पाद बेचने के लिए बड़ा मंच मिलेगा। सरकारी आकलन के अनुसार, 2031 तक व्यापार 51 अरब डॉलर पहुंचेगा।

इससे भारत के कुल निर्यात में EU की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ेगी। फिलहाल EU भारत के कुल निर्यात में करीब सत्रह प्रतिशत हिस्सेदार है। नई डील के बाद यह आंकड़ा बाइस से तेइस प्रतिशत हो सकता है।

EU के लिए भारत क्यों बना भरोसेमंद पार्टनर

यूरोप अब चीन पर अत्यधिक निर्भरता कम करना चाहता है। कोरोना और यूक्रेन युद्ध के बाद सप्लाई चेन पर बड़ा दबाव पड़ा। भारत को स्थिर लोकतंत्र और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में EU का भारत के साथ व्यापार घाटा बढ़ा है। 2019 में जहां EU को लाभ था, वहीं 2025 तक घाटा हो गया। यह डील उस असंतुलन को सुधारने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

भारत के किन उद्योगों को मिलेगा ज्यादा फायदा

इस समझौते से श्रम-प्रधान उद्योगों को बड़ा फायदा मिलेगा। कपड़ा, जूते और चमड़ा उद्योग को यूरोप में नया बाजार मिलेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और केमिकल सेक्टर को भी निर्यात बढ़ाने का मौका मिलेगा।

विशेषज्ञों के मुताबिक, स्मार्टफोन और ऑटो पार्ट्स का निर्यात तेज़ होगा। दवाइयों और मेडिकल उपकरणों को भी यूरोप में बेहतर पहुंच मिलेगी। इससे भारत में रोजगार और उत्पादन दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

यूरोप से भारत क्या-क्या मंगाएगा

यूरोपीय यूनियन से भारत को आधुनिक तकनीक मिलेगी। उच्च गुणवत्ता वाली मशीनरी और विमान आयात बढ़ सकता है। मेडिकल उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को तकनीकी बढ़त मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे MSME सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी। नई तकनीक से भारतीय उद्योग ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।

लग्जरी कारें होंगी सस्ती, टैक्स में कटौती

FTA के तहत यूरोपीय कारों पर आयात शुल्क घटाने की तैयारी है। फिलहाल यह शुल्क सत्तर से एक सौ दस प्रतिशत तक है। नई व्यवस्था में इसे घटाकर चालीस प्रतिशत किया जा सकता है।

पंद्रह हजार यूरो से महंगी कारों पर यह नियम लागू होगा। भविष्य में यह शुल्क दस प्रतिशत तक आने की संभावना है। इससे BMW, Mercedes और Audi जैसी कारें सस्ती हो सकती हैं।

यह खबरें भी पढ़ें..

महाकाल गर्भगृह प्रवेश मामले में हस्तक्षेप से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, याचिका खारिज

पीएम मोदी ने गरीबों के लिए लॉन्च किया PM SVANidhi Credit Card, जानें इसके फायदे

सूत्र नॉलेज:

क्यों कहलाया यह समझौता ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’

यह समझौता सिर्फ ट्रेड तक सीमित नहीं है। इसमें टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल गवर्नेंस भी शामिल हैं। एक तरफ भारत का विशाल मिडिल क्लास बाजार है। दूसरी तरफ यूरोप का समृद्ध और तकनीकी रूप से उन्नत बाजार है। दोनों का मिलन वैश्विक अर्थव्यवस्था को नया आकार देगा। यही वजह है कि इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है।

Tags:
  • भारत
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • यूरोपीय यूनियन
  • समझौता
  • फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
  • भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा