महाकाल गर्भगृह प्रवेश मामले में हस्तक्षेप से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, याचिका खारिज

महाकाल मंदिर गर्भगृह प्रवेश विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी गई है। कोर्ट ने इसे आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा मामला माना है।

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Rahul Dave
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INDORE. उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह प्रवेश विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। मंगलवार, 27 जनवरी की याचिका खारिज कर दी गई है।

याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका आरोप था कि मंदिर प्रशासन आम श्रद्धालुओं के साथ भेदभाव करता है। साथ ही, वीआईपी और विशेष वर्ग को गर्भगृह में प्रवेश देता है।

यह है मामला

महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि मंदिर प्रशासन कुछ चुने हुए वीआईपी और खास लोगों को गर्भगृह में जाने की अनुमति देता है। वहीं, आम श्रद्धालुओं को प्रवेश से रोका जाता है। इसी वजह से याचिकाकर्ता चचित शास्त्री पहले हाईकोर्ट गए थे। अब उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पहुंचे थे। यहां भी याचिका खारिज कर दी गई है।

आस्था से जुड़ा है मामला

दरअसल, इसी मुद्दे पर पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवस्था हो। साथ ही, जिला कलेक्टर को इस मामले में निर्देश दिए जाएं।

हाईकोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि यह मामला आस्था से जुड़ा है। उज्जैन महाकाल प्रबंधन तय करना जिला प्रशासन का काम है। इसके बाद इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

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यह है वीआईपी दर्शन की व्यवस्था

महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था है। आप इसे ऑनलाइन बुकिंग या काउंटर से बुक कर सकते हैं। वीआईपी दर्शन में एक अलग कतार होती है। इससे श्रद्धालु नजदीक से दर्शन कर सकते हैं। वहीं, गर्भगृह में प्रवेश के लिए कलेक्टर की अनुमति जरूरी होती है।

वीआईपी दर्शन के लिए बुकिंग प्रक्रिया

  • वीआईपी दर्शन टिकट की कीमत 250 रुपए प्रति व्यक्ति है।
  • टिकट बुक करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट shrimahakaleshwar.mp.gov.in पर जाएं।
  • मंदिर पहुंचकर त्रिवेणी कंट्रोल रूम में फॉर्म भरें। इसमें दान का विवरण भी मांगा जा सकता है।
  • ऑफलाइन काउंटर से भी टिकट मिल सकती है। वहीं, भीड़ में ऑनलाइन बुकिंग ज्यादा सुविधाजनक है।

यह हैं दर्शन के नियम

  • दर्शन के लिए नंदी हॉल या गर्भगृह में से एक विकल्प चुना जाता है।
  • पारंपरिक वस्त्र पहनकर आएं- पुरुष धोती-कुर्ता और महिलाएं साड़ी या सलवार पहनें।
  • स्लॉट से 45 मिनट पहले मंदिर पहुंचें और अपना पहचान पत्र साथ रखें।
  • गर्भगृह में वीआईपी के लिए विशेष प्रवेश है। आम श्रद्धालुओं को वहां जाने की अनुमति नहीं है।

वीआईपी दर्शन का समय और शुल्क

मंदिर सुबह 4 बजे खुलता है। वीआईपी स्लॉट दिनभर उपलब्ध रहते हैं। शीघ्र दर्शन शुल्क 500 रुपए तक हो सकता है। सावन जैसे उत्सवों में पहले से बुकिंग करना जरूरी है।

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