रील्स की लत ने बदला भारत का स्क्रीन टाइम: रोज ऑनलाइन वीडियो में 141 करोड़ घंटे खर्च कर रहे भारतीय, ओरमैक्स रिपोर्ट में खुलासा
Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 04, 2026, 16:34 IST
भारत में ऑनलाइन वीडियो की बढ़ती लत से हो रही OTT प्लेटफार्म की कमाई
भारत में 66.49 करोड़ लोग ऑनलाइन वीडियो देख रहे हैं। ओरमैक्स रिपोर्ट के मुताबिक दर्शकों का साप्ताहिक स्क्रीन टाइम औसतन 14.9 घंटे है। इस हिसाब से देश रोज करीब 141 करोड़ घंटे वीडियो पर लगा रहा है। यह सिर्फ मनोरंजन का मामला नहीं रहा। रील्स की लत और एल्गोरिदम का जाल ध्यान घटा रहा है। पेड ओटीटी सब्सक्रिप्शन भी 17.26 करोड़ तक पहुंच गए हैं।
141 करोड़ घंटे का हिसाब कैसे बना
सोचिए एक बार, क्या आपके दिन के दो घंटे भी इसी में जाते हैं?
141 करोड़ घंटे को 8 घंटे के कामकाजी दिन में बदलें। नतीजा करीब 17.6 करोड़ वर्किंग डे रोज का निकलता है। यानी रोज 17.6 करोड़ लोग पूरे दिन काम करें, तो इतना समय बनेगा।
रील्स की लत कितनी गहरी हुई
शॉर्ट वीडियो से घटते ध्यान पर 42 अध्ययन
टीवी औऱ स्ट्रीमिंग पर बढ़ रहा यूजर्स का स्क्रीन टाइम
एल्गोरिदम कैसे पकडता है आपका ध्यान
आखिर अगली रील पर आपकी उंगली क्यों रुक जाती है?
टीवी और स्ट्रीमिंग पर भी बढ़ा समय
ओटीटी (Over The Top) सब्सक्रिप्शन का मतलब है पैसे देकर इंटरनेट वीडियो सेवा लेना। यानी वीडियो अब सिर्फ मोबाइल तक सीमित नहीं है।
जीडब्ल्यूआई और कनेक्टिंग द डॉट्स 2026 के आंकडे दुनिया का हाल बताते हैं। दुनिया में लोग हर हफ्ते औसतन 11 घंटे 30 मिनट ऑनलाइन वीडियो देखते हैं। शॉर्ट वीडियो पर औसतन 6 घंटे 39 मिनट जाते हैं।
ध्यान की कारोबारी कीमत कितनी बड़ी है
डिजिटल वीडियो विज्ञापन भी 25.4 प्रतिशत बढकर 78 अरब डॉलर का हो गया। यह करीब 7 लाख करोड़ रुपए है। मेटा ने 2025 में 196.2 अरब डॉलर का विज्ञापन राजस्व दर्ज किया। रुपए में यह करीब 17.7 लाख करोड़ बैठता है।
आपका ध्यान अब प्लेटफॉर्म की सबसे बडी पूंजी है।
क्या कहता है 29.1 लाख करोड़ रुपए का अनुमान
नींद, पढाई और परिवार पर असर
युवाओं पर यह असर ज्यादा है। समस्या बन चुके इस्तेमाल का संबंध तनाव और ध्यान की दिक्कतों से मिला। अगली बार रील पर अंगूठा रुके, तो घडी देख लीजिए। क्या आपका समय आपके हाथ में है?
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQ
- भारत में रोज कितने घंटे ऑनलाइन वीडियो देखे जाते हैं?
रोज करीब 141 करोड़ घंटे। ओरमैक्स रिपोर्ट के मुताबिक 66.49 करोड़ दर्शक हर हफ्ते औसतन 14.9 घंटे वीडियो देखते हैं। इसी आधार पर सालभर में करीब 517 अरब घंटे बनते हैं। - क्या शॉर्ट वीडियो से ध्यान घटता है?
2026 की एक समीक्षा में भारी शॉर्ट वीडियो इस्तेमाल का संबंध कम ध्यान और कम आत्म-नियंत्रण से मिला। इसमें 42 अध्ययन और 46,912 युवाओं के आंकडे परखे गए। एडिक्शन जैसे लक्षण भी इससे जुडे पाए गए। - 29.1 लाख करोड़ रुपए का आंकडा क्या है?
यह समय की संभावित आर्थिक कीमत का अनुमान है। भारत में 453 रुपए की दैनिक कमाई मानकर 141 करोड़ घंटे की सालाना कीमत निकाली गई है। यह असली आर्थिक नुकसान नहीं है।
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