अब कपड़ों की शॉपिंग के वक्त नहीं होगी परेशानी: मिलेगा परफेक्ट साइज: NIFT ने निकाला हल
Arohi Raj | Sootr Creatives | Sept 29, 2026, 17:39 IST
निफ्ट ने इंडिया साइज फ्रेमवर्क तैयार किया है।
कपड़ों की शॉपिंग करते वक्त सही फिटिंग मिलना अक्सर बड़ी परेशानी बन जाती है। एक ब्रांड में 32 नंबर सही आता है, दूसरे में टाइट हो जाता है। अब इस परेशानी को दूर करने की तैयारी की जा रही है। इंडियंस की बॉडी के हिसाब से कपड़ों की एक्चुअल मेजरमेंट तय की जाएगी। इसके लिए NIFT ने इंडिया साइज फ्रेमवर्क तैयार कर रही है।
26 हजार से ज्यादा लोगों की ली गई मेजरमेंट
इस साइज फ्रेमवर्क चार्ट में इंडियंस की बॉडी के हिसाब से एक्चुअल साइज को ध्यान में रखा गया है। इससे कपड़ों की फिटिंग इंडियंस कस्टमर्स के लिए बेहतर बनाई जा सकेगी। अभी अलग-अलग ब्रांड अपने हिसाब से कपड़ों के साइज तय करते हैं। इस वजह से एक ही नंबर अलग ब्रांड में अलग फिट होता है।
इंडियंस के लिए तैयार होगा साइज सिस्टम
नए सिस्टम में बॉडी की लंबाई और अलग हिस्सों की मेजरमेंट देखी जाएगी। इसमें भारतीय लोगों की एक्चुअल बॉडी साइज को आधार बनाया जाएगा। इसके बाद उसी आधार पर कपड़ों के अलग-अलग साइज तय होंगे। इससे इंडियंस कस्टमर्स को सही फिटिंग वाले कपड़े मिल सकते हैं।
ग्राहकों को क्या फायदा मिलेगा ?
- नए साइज सिस्टम से कपड़े खरीदना ग्राहकों के लिए आसान हो सकता है।
- एक ही साइज के अलग फिट होने की समस्या कम हो सकती है।
- ग्राहकों को बार-बार कपड़े बदलने की जरूरत भी कम होगी।
- ऑनलाइन खरीदारी में फिटिंग से जुड़ी परेशानी भी घट सकती है।
- ब्रांड को भारतीय ग्राहकों की जरूरत समझने में भी मदद मिलेगी।
- वे शरीर की बनावट के अनुसार बेहतर फिटिंग वाले कपड़े बना सकेंगे।
- इससे कपड़ों की खरीदारी का अनुभव पहले से आसान हो सकता है।
- सही साइज मिलने से ग्राहकों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे।
- इंडिया साइज फ्रेमवर्क भारतीय कपड़ों के बाजार में बदलाव ला सकता है।
महिलाओं के लिए करीब 85 साइज की जरूरत
पुरुषों के लिए भी बॉडी की बनावट के अनुसार साइज तय होंगे। इनमें स्लिम, रेगुलर और एथलेटिक जैसी कैटेगरी रखी जाएंगी। टॉप, एंकल और शॉर्ट जैसे कपड़ों की माप भी अलग होगी। इससे अलग-अलग कपड़ों के लिए सही फिटिंग तैयार करने में मदद मिलेगी।
विदेशों से अलग होगा भारत का साइज सिस्टम
इसका मकसद भारतीय ग्राहकों को बेहतर फिटिंग वाले कपड़े उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था में भारतीय शरीर की अलग-अलग बनावट को ध्यान में रखा जाएगा। इसके लिए देशभर से जुटाए गए आंकड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
FAQs
- नए कपड़ों के साइज सिस्टम का उद्देश्य क्या है?
नए कपड़ों के साइज सिस्टम का उद्देश्य भारतीय ग्राहकों को उनकी असली बॉडी साइज के अनुसार सही फिटिंग वाले कपड़े उपलब्ध कराना है, जिससे कपड़ों की खरीदारी का अनुभव बेहतर हो सके। - इस नए साइज सिस्टम के लिए सर्वे में कितने लोगों की माप ली गई है?
इस नए साइज सिस्टम के लिए निफ्ट इंस्टीट्यूट ने 26 हजार से ज्यादा लोगों की माप ली है। - भारतीय महिलाओं के लिए कितने अलग-अलग कपड़ों के साइज में बदलाव किया जाएगा?
भारतीय महिलाओं के लिए लगभग 85 अलग-अलग साइज की आवश्यकता बताई गई है, जिसमें स्लिम, रेगुलर, और कर्वी कैटेगरी शामिल की जाएंगी।
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