त्योहारी सीजन में बढ़ा आटे दाल का भाव, 20 दिन में 30 रुपए तक तेज हुई अरहर,चावल भी 20 रुपए महंगा
Arun Tiwari | Sept 29, 2026, 16:44 IST
त्योहारी सीजन में बढ़ा आटे दाल का भाव
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही आम परिवारों के रसोई बजट पर महंगाई का असर दिखाई देने लगा है। पिछले करीब 20 दिनों में अरहर दाल के दाम में 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। बाजार में अच्छी क्वालिटी की अरहर दाल अब 140 से 150 रुपए किलो तक बिक रही है।
रायपुर : त्योहारों का सीजन शुरू होते ही आम परिवारों के रसोई बजट पर महंगाई का असर दिखाई देने लगा है। पिछले करीब 20 दिनों में अरहर दाल के दाम में 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। बाजार में अच्छी क्वालिटी की अरहर दाल अब 140 से 150 रुपए किलो तक बिक रही है।
थोक बाजार में इसके दाम 135 से 140 रुपए किलो के आसपास हैं। व्यापारियों के मुताबिक आगे सप्लाई को लेकर बनी चिंता और कमजोर मानसून के कारण दलहन की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
त्योहारों के दौरान दाल, चावल और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री की मांग बढ़ने से भी बाजार में कीमतों में तेजी देखी जा रही है। अरहर दाल के अलावा चना दाल और चावल के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे त्योहारों के समय घर का बजट पहले की तुलना में और बढ़ने की संभावना है।
व्यापारियों के अनुसार करीब तीन सप्ताह पहले अरहर दाल की कीमत 110 से 120 रुपए किलो के बीच थी। अब इसकी कीमत बढ़कर 135 से 140 रुपए किलो तक पहुंच गई है। खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को यही दाल 150 रुपए किलो तक खरीदनी पड़ रही है।
यानी करीब 20 दिनों में अरहर के दाम में 20 से 30 रुपए किलो तक का अंतर आया है। बाजार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में अरहर की सप्लाई मुख्य रूप से कर्नाटक और महाराष्ट्र से होती है। नई फसल आने तक पुराने स्टॉक पर निर्भरता बनी हुई है। ऐसे में स्टॉक कम होने और नई फसल की आवक को लेकर बनी अनिश्चितता का असर कीमतों पर पड़ रहा है।
अरहर के मुकाबले उड़द दाल की कीमत में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि बाजार में उड़द की मांग बढ़ी है। कारोबारियों के मुताबिक उड़द दाल करीब 110 से 120 रुपए किलो के बीच बिक रही है। त्योहारों के कारण इसकी खपत बढ़ने से आगे कीमतों पर दबाव आने की संभावना से व्यापारी इनकार नहीं कर रहे हैं।
चना दाल की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। कुछ समय पहले 74 से 84 रुपए किलो के आसपास बिकने वाली चना दाल अब 78 से 90 रुपए किलो तक पहुंच गई है। कारोबारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में दलहन की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
दाल के साथ चावल की कीमतों में भी तेजी आई है। बाजार में अलग-अलग ब्रांड और क्वालिटी के चावल के दाम में अंतर है। कुछ ब्रांड का चावल 70 रुपए से बढ़कर 75 से 78 रुपए किलो तक पहुंच गया है। वहीं कुछ अन्य ब्रांड के चावल की कीमत 60-62 रुपए से बढ़कर 63-67 रुपए किलो तक हो गई है।
कुछ प्रीमियम क्वालिटी के चावल के दाम इससे काफी अधिक हैं। व्यापारियों के मुताबिक चावल की कीमतों में तेजी के पीछे उत्पादन और सप्लाई से जुड़ी परिस्थितियां प्रमुख वजह हैं। देश के कई राज्यों में बारिश और मौसम की स्थिति का असर कृषि उपज पर पड़ा है। इसके अलावा त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से भी बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
कारोबारियों के मुताबिक फिलहाल बाजार में पिछले साल की दलहन के स्टॉक का अंतिम दौर चल रहा है। कर्नाटक से नई अरहर की फसल बाजार में आने के बाद कीमतों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि नई फसल की आवक, उत्पादन और बाजार में मांग के आधार पर ही आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा स्पष्ट होगी।
व्यापारियों का कहना है कि यदि नई फसल की आवक अपेक्षा के मुताबिक रही तो अरहर के दाम में स्थिरता आ सकती है। वहीं सप्लाई प्रभावित होने पर कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को दाल और चावल की खरीद के लिए पहले की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है।
थोक बाजार में इसके दाम 135 से 140 रुपए किलो के आसपास हैं। व्यापारियों के मुताबिक आगे सप्लाई को लेकर बनी चिंता और कमजोर मानसून के कारण दलहन की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
त्योहारों के दौरान दाल, चावल और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री की मांग बढ़ने से भी बाजार में कीमतों में तेजी देखी जा रही है। अरहर दाल के अलावा चना दाल और चावल के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे त्योहारों के समय घर का बजट पहले की तुलना में और बढ़ने की संभावना है।
अरहर की कीमत 20 दिन में 30 रुपए तक बढ़ी
यानी करीब 20 दिनों में अरहर के दाम में 20 से 30 रुपए किलो तक का अंतर आया है। बाजार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में अरहर की सप्लाई मुख्य रूप से कर्नाटक और महाराष्ट्र से होती है। नई फसल आने तक पुराने स्टॉक पर निर्भरता बनी हुई है। ऐसे में स्टॉक कम होने और नई फसल की आवक को लेकर बनी अनिश्चितता का असर कीमतों पर पड़ रहा है।
उड़द की मांग बढ़ी, कीमत फिलहाल स्थिर
चना दाल की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। कुछ समय पहले 74 से 84 रुपए किलो के आसपास बिकने वाली चना दाल अब 78 से 90 रुपए किलो तक पहुंच गई है। कारोबारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में दलहन की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
चावल के दाम में भी 10 से 20 रुपए की तेजी
कुछ प्रीमियम क्वालिटी के चावल के दाम इससे काफी अधिक हैं। व्यापारियों के मुताबिक चावल की कीमतों में तेजी के पीछे उत्पादन और सप्लाई से जुड़ी परिस्थितियां प्रमुख वजह हैं। देश के कई राज्यों में बारिश और मौसम की स्थिति का असर कृषि उपज पर पड़ा है। इसके अलावा त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से भी बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
नई फसल आने पर राहत की उम्मीद
व्यापारियों का कहना है कि यदि नई फसल की आवक अपेक्षा के मुताबिक रही तो अरहर के दाम में स्थिरता आ सकती है। वहीं सप्लाई प्रभावित होने पर कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को दाल और चावल की खरीद के लिए पहले की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है।
FAQ - अक्सर पूछे जानें वाले सवाल
- क्या हाल ही में अरहर दाल की कीमत में बढ़ोतरी हुई है?
जी हां, पिछले करीब 20 दिनों में अरहर दाल के दाम में 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में इसकी कीमत 140 से 150 रुपए किलो के बीच है। - इस महंगाई का कारण क्या है?
इस महंगाई का मुख्य कारण सप्लाई को लेकर चिंता और कमजोर मानसून है, जो दलहन की कीमतों पर दबाव बढ़ा रहा है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से भी कीमतों में तेजी देखी जा रही है। - क्या चावल और चना दाल के दाम भी बढ़े हैं?
जी हां, चना दाल और चावल के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। चना दाल की कीमत 78 से 90 रुपए किलो तक पहुंच गई है, जबकि चावल के दाम में 10 से 20 रुपए की तेजी आई है।
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