कैंसर से लेकर बीपी तक, भारत सरकार ने इन जरूरी दवाओं के तय किए नए दाम
Kaushiki | Jul 12, 2026, 12:15 IST
Medicine Price Update
केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 39 नई दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत तय की है। इसमें डायबिटीज, बीपी, हार्ट और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं शामिल हैं। अब कंपनियां तय रेट से ज्यादा पैसे नहीं वसूल सकेंगी। उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।
समझें क्या है पूरा मामला
- सरकार ने 39 जरूरी दवाओं के अधिकतम दाम तय कर दिए हैं।
- इसमें कैंसर, हार्ट, बीपी और डायबिटीज की दवाएं शामिल हैं।
- नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने यह नया आदेश जारी किया है।
- कंपनियां अब मरीजों से मनमाने पैसे नहीं वसूल पाएंगी।
- ज्यादा पैसे लेने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
जरूरी दवाओं के दाम हुए फिक्स
इसी बात को ध्यान में रखकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने नई गाइडलाइन जारी की है। उन्होंने कुल 39 नई दवाओं के रेट तय किए हैं। यह फैसला ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर के तहत लिया गया। आइए इसे डिटेल से जानें...
Medicine Price Update
इन गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती
- सरकार की इस नई लिस्ट में कई जरूरी दवाएं शामिल हैं।
- इनमें डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं मेन हैं।
- इसके अलावा दिल की बीमारी और कैंसर की दवाएं भी हैं।
- आंखों के इंफेक्शन की दवाएं भी अब सस्ती मिलेंगी।
- सांस की तकलीफ और एचआईवी थेरेपी किट भी इसमें शामिल हैं।
क्लॉट बस्टिंग इंजेक्शन के नए रेट
आपात स्थिति में ये इंजेक्शन मरीजों की जान बचाता है। सरकार ने इसकी कीमत 60 हजार 238.27 रुपए प्रति वायल तय की है। इससे ज्यादा कीमत पर अब कोई भी कंपनी इसे नहीं बेचेगी। इससे अस्पतालों में होने वाली लूट पर लगाम लगेगी।
बीपी और शुगर की दवाएं अब बजट में
हार्ट अटैक का खतरा कम करने वाली एक और कैप्सूल सस्ती हुई है। क्लोपिडोग्रेल कॉम्बिनेशन वाली यह दवा 8.86 रुपए में मिलेगी। इसके अलावा डायबिटीज के लिए एम्पाग्लिफ्लोजिन कॉम्बिनेशन दवाएं भी शामिल हैं। इन दवाओं के दाम फिक्स होने से जेब पर बोझ कम होगा।
आंखों के ड्रॉप्स की कीमत भी घटी
इसके साथ ही विटामिन डी3 का ओरल सॉल्यूशन 15.88 रुपए में मिलेगा। कैंसर के इलाज में काम आने वाला इमैटिनिब ओरल सॉल्यूशन भी सस्ता हुआ है। ग्लूकोमा की बीमारी के लिए उपयोग होने वाले ड्रॉप्स की कीमतें भी कम की गई हैं। पूरी लिस्ट नीचे टेबल में दी गई है।
Medicine Price Update
कंपनियों की मनमानी पर लगी रोक
अस्पतालों और दुकानों तक यह जानकारी पहुंचाना अब जरूरी है। सरकार चाहती है कि हर मरीज को सही दाम पर दवा मिले। आदेश में जीएसटी को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। कंपनियां अपनी मर्जी से दवाओं पर जीएसटी नहीं जोड़ पाएंगी।
ज्यादा पैसे वसूलने पर होगी जेल
इतना ही नहीं, उस अतिरिक्त रकम पर ब्याज भी देना होगा। यह पूरी कार्रवाई एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट के तहत की जाएगी। इसके साथ ही ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर के नियम भी लागू होंगे। सरकार मरीजों के अधिकारों की पूरी रक्षा करेगी।
दुकान पर रेट लिस्ट लगाना जरूरी
ये आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे देश में लागू कर दिया गया है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय की ओर से यह नोटिस आया है। अगर आपको कोई दवा महंगी बेचे तो आप शिकायत कर सकते हैं। सतर्क रहें और जागरूक नागरिक बनकर सही कीमत ही चुकाएं।
ये खबर क्यों जरूरी है
इस आदेश से आम लोगों को सही और तय कीमत पर जीवन रक्षक दवाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा, ग्राहक के तौर पर अपने अधिकारों को जानने और मेडिकल स्टोर्स की लूट से बचने के लिए भी यह जानकारी होना बेहद जरूरी है।
रिफ्रेंस सोर्स:
- नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA)
- ऑफिशियल मूल्य अधिसूचना (रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार)
- ड्रग्स (प्राइसेज कंट्रोल) ऑर्डर (DPCO) 2013
- एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 गाइडलाइंस
FAQ
- सरकार ने किन मेन बीमारियों की
दवाओं की कीमतें तय की हैं?
नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने कुल 39 दवाओं के दाम तय किए हैं। इसमें मुख्य रूप से कैंसर, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन), दिल की बीमारी (हार्ट अटैक), आंखों के इन्फेक्शन और एचआईवी की जरूरी दवाएं शामिल हैं। - अगर कोई मेडिकल स्टोर तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलता है तो क्या कार्रवाई होगी?
यदि कोई कंपनी या मेडिकल स्टोर तय रेट से अधिक पैसे लेता है, तो उसे अतिरिक्त वसूली गई पूरी रकम ब्याज सहित सरकार के पास जमा करनी होगी। उसके खिलाफ ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर और एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। - क्या मेडिकल स्टोर के लिए दुकान में दवाओं की प्राइस लिस्ट लगाना जरूरी है?
हां, एनपीपीए के नए आदेश के अनुसार सभी रिटेलर्स और डीलर्स को अपनी दुकान के ऐसे हिस्से में प्राइस लिस्ट और सप्लीमेंट्री प्राइस लिस्ट लगानी होगी, जहां से कोई भी ग्राहक उसे आसानी से देख और पढ़ सके। ऐसा न करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
महामाया मंदिर प्रसाद : प्रसाद के लड्डू में मिला कैंसरकारी रसायन
मिडिल ईस्ट जंग की चपेट में मरीज, 50% तक बढ़ सकते हैं कैंसर दवाओं के दाम
कैंसर के इलाज में वैज्ञानिकों को मिला नया ब्रम्हास्त्र, आखिर क्या है लिक्विड गोल्ड?
World Cancer Day: एमपी के इन शहरों में तेजी से बढ़ रहा कैंसर का खतरा
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari