भारतीयों को नहीं पसंद आ रहा चुनाव प्रचार में जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल

Dolly patil | May 28, 2024, 09:30 IST
Share
rqefref
rqefref

लोगों को यह समझना होगा कि डीपफेक कितनी खतरनाक चीज है। उन्हें धोखा खाने से बचने के लिए आज के दौर में उपलब्ध तमाम एआई टूल के इस्तेमाल के बारे में अच्छी समझ होना चाहिए।

अधिकतर भारतीय चुनाव प्रचार के लिए जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( Generative Artificial Intelligence )के उपयोग को भरोसेमंद नहीं मानते हैं। दरअसल उनका कहना है कि चुनाव अभियान के दौरान इस को बंद कर देना चाहिए। एडोबी की एक study में 82 प्रतिशत से ज्यादा लोगों का कहना है कि प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार के लिए जेन-एआई का इस्तेमाल नहीं करने देना चाहिए।

एडोबी की रिपोर्ट


एडोबी के तरफ से सोमवार को एक फ्यूचर ऑफ ट्रस्ट रिपोर्ट जारी की गई थी। इसके अनुसार लगभग 94 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि चुनाव की शुचिता बरकरार( purity) रखने के लिए जरूरी है। इसी के साथ लोगों का कहना है कि डीपफेक ( deepfake )एवं गलत सूचनाओं के हानिकारक प्रभाव से इसे बचाने के लिए सरकार तथा आईटी कंपनियों को मिलकर काम करना चाहिए।

एडोबी के निदेशक ने क्या कहा


जानकारी के मुताबिक एडोबी में वरिष्ठ निदेशक (Content Authenticity Initiative ) एंडी पारसंस ने कहा, चुनाव की पवित्रता को बनाए रखने के लिए सरकार को सबसे पहले न्यू मीडिया के प्रति लोगों के अंदर ज्यादा से ज्यादा जागरूकता फैलानी चाहिए है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि डीपफेक कितनी खतरनाक चीज है। उन्हें धोखा खाने से बचने के लिए आज के दौर में उपलब्ध तमाम एआई टूल के इस्तेमाल के बारे में अच्छी समझ होना चाहिए। दरअसल इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए 2 हजार लोगों से बात की गई और ऑनलाइन रहने के दौरान भ्रामक सूचनाओं से सामना होने और जेन-एआई ( Generative AI ) के प्रभाव को लेकर उभरती चिताओं पर उनके अनुभव को लेकर बात की गई। इस दौरान 92 प्रतिशत लोगों ने कहा कि ऑनलाइन सामग्री ( online product ) की सत्यता ( Credibility ) का पता लगाने के लिए कोई उचित टूल जरूर होना चाहिए। हालांकि लगभग 86 प्रतिशत भारतीय यह भी मानते हैं कि भ्रामक सूचनाएं और हानिकारक डीपफेक भविष्य में होने वाले चुनावों को अधिक प्रभावित कर सकता है।

पुलिस मुख्यालय में महिला से छेड़छाड़ करने वाला एसआई बर्खास्त

जेन-एआई से सावधान


इसी के साथ 93 प्रतिशत भारतीय इस बात से भी सहमत दिखे कि ऑनलाइन रहते समय यह जानना बहुत जरूरी है कि जो सामग्री ( product ) वो देख रहे हैं कहीं वह जेन-एआई के जरिए तो तैयार नहीं की गई है। इसके अलावा, 94 प्रतिशत Users ने कहा कि बच्चों को भी मीडिया के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए और ये चीजें उनके स्कूल की क्लास में ही शामिल की जानी चाहिए। इससे इंटरनेट पर भ्रामक सूचनाओं को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी।

thesootr links



सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • Deepfake
  • जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • Generative Artificial Intelligence
  • डीपफेक
  • Generative AI
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा