Left Handers Day: क्या सच में ज्यादा इंटेलिजेंट होते हैं बाएं हाथ वाले?
Kaushiki | Aug 12, 2026, 16:05 IST
International Left Handers Day
हर साल 13 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय वामहस्त दिवस (International Left-Handers Day) मनाया जाता है। यह दिन बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों की अनूठी पहचान और उनकी रोजमर्रा की चुनौतियों को समझने के लिए समर्पित है। दुनिया में केवल 10% लोग लेफ्ट-हैंडेड होते हैं।
International Left Handers Day: दुनिया में ज्यादातर लोग अपने हर काम के लिए दाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन हमारे बीच कुछ ऐसे अनोखे लोग भी रहते हैं जो बाएं हाथ का उपयोग करते हैं। ऐसे लोगों को हम आम भाषा में लेफ्टी या वामहस्त कहते हैं।
13 अगस्त का दिन पूरी दुनिया में इंटरनेशनल लेफ्ट-हैंडर्स डे के रूप में मनाया जाता है। इस खास दिन की शुरुआत पहली बार साल 1976 में डीन आर कैंपबेल ने की थी। उन्होंने 'लेफ्ट-हैंडर्स इंटरनेशनल' नाम के एक संगठन की स्थापना भी की थी।
इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों को जागरूक करना है। इसके साथ ही राइट-हैंडेड दुनिया में उनके सामने आने वाली परेशानियों पर बात करना भी है। समाज में उनके प्रति बनी पुरानी गलत धारणाओं को खत्म करना भी इसका मुख्य लक्ष्य है।
अंतर्राष्ट्रीय वामहस्त दिवस हर साल 13 अगस्त को बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन दुनियाभर में कई तरह के इवेंट्स और फन एक्टिविटीज रखी जाती हैं। कई जगहों पर राइट-हैंडेड लोगों को बाएं हाथ से काम करने का चैलेंज दिया जाता है।
इस फन चैलेंज से राइट-हैंडेड लोग समझ पाते हैं कि एक लेफ्टी की जिंदगी कितनी मुश्किल होती है। स्कूल और कॉलेजों में भी बच्चों को लेफ्ट-हैंडेड फ्रेंडली एनवायरनमेंट देने पर चर्चा की जाती है। यह दिन समानता और संवेदनशीलता का एक बहुत बड़ा संदेश समाज को देता है।
![International Left Handers Day]()
मेडिकल रिसर्च और आंकड़े बताते हैं कि दुनिया में केवल 10 प्रतिशत लोग लेफ्ट-हैंडेड हैं। इसका मतलब है कि हर 10 में से सिर्फ एक व्यक्ति ही बाएं हाथ से लिखता है। इतनी कम संख्या होने की वजह से ये लोग अपने आप में काफी खास बन जाते हैं।
इतिहास उठाकर देखें तो दुनिया के कई महान दिग्गजों ने बाएं हाथ से इतिहास रचा है। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर बाएं हाथ से ही बैटिंग और बॉलिंग करते हैं। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन भी अपने सारे काम बाएं हाथ से ही करते हैं।
वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी लेफ्टी ही रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स भी बाएं हाथ से लिखने के लिए जाने जाते हैं। इन महान हस्तियों की सफलता यह साबित करती है कि लेफ्टी होना एक बहुत बड़ी खूबी है।
![International Left Handers Day]()
साइकोलॉजी और ह्यूमन बिहेवियर के एक्सपर्ट्स का मानना है कि लेफ्ट-हैंडेड लोग काफी क्रिएटिव होते हैं। उनका माइंडसेट किसी भी प्रॉब्लम को हल करने में बहुत अलग तरीके से काम करता है। वे आर्ट, म्यूजिक और राइटिंग जैसे फील्ड्स में काफी आगे रहते हैं।
साइकोलॉजिस्ट्स के अनुसार बाएं हाथ के लोगों में डाइवर्जेंट थिंकिंग ज्यादा पाई जाती है। इसका मतलब है कि वे एक ही समस्या के कई अलग-अलग समाधान तुरंत ढूंढ लेते हैं।
यह एबिलिटी उन्हें किसी भी टीम में एक शानदार लीडर और इनोवेटर बनाती है। इसके अलावा खेल कूद की दुनिया में भी लेफ्ट-हैंडेड प्लेयर्स का दबदबा देखने को मिलता है।
टेनिस, क्रिकेट और बॉक्सिंग जैसे खेलों में विरोधी खिलाड़ी उनके मूव्स आसानी से समझ नहीं पाते। इस वजह से स्पोर्ट्स के मैदान में लेफ्टी खिलाड़ियों को काफी रणनीतिक फायदा मिलता है।
![Left Handers होते हैं बहुत खास! बाएं हाथ से लिखने वाले लोगों की दिलचस्प बातें जरूर जानें , लाइफस्टाइल - Hindustan]()
न्यूरोलॉजी और मेडिकल साइंस के मुताबिक, इंसानी दिमाग दो भागों में बंटा होता है। बाएं हिस्से को लेफ्ट हेमिस्फीयर और दाएं हिस्से को राइट हेमिस्फीयर कहते हैं। दिमाग का दायां हिस्सा शरीर के बाएं हिस्से को पूरी तरह कंट्रोल करता है।
डॉक्टर्स का कहना है कि लेफ्टी लोगों के दिमाग का राइट हेमिस्फीयर ज्यादा एक्टिव रहता है। दिमाग का यह दायां हिस्सा ही क्रिएटिविटी, आर्ट और विजुअल थिंकिंग के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसीलिए लेफ्ट-हैंडेड लोग आर्ट और डिजाइनों को बहुत जल्दी समझ लेते हैं।
मेडिकल साइंस यह भी मानता है कि कोई व्यक्ति लेफ्टी बनेगा या राइट-हैंडेड, यह उसके जीन्स तय करते हैं। गर्भावस्था के दौरान ही शिशु का दिमाग यह तय कर लेता है कि कौन सा हाथ डोमिनेंट होगा। इसमें बच्चे या माता-पिता का कोई व्यक्तिगत कंट्रोल नहीं होता है।
हम जिस दुनिया में रहते हैं, उसकी ज्यादातर चीजें राइट-हैंडेड लोगों के लिए बनी हैं। साधारण कैंची से लेकर कैसियो, गिटार, कार के गियर और दरवाजे के हैंडल तक सब सीधे हाथ के लिए हैं।
यहां तक कि स्कूल की डेस्क भी दाएं हाथ के हिसाब से डिजाइन होती हैं। लेफ्टी लोगों को बचपन से ही इन सामान्य चीजों का इस्तेमाल करने में संघर्ष करना पड़ता है। जब वे नोटबुक पर लिखते हैं, तो उनके हाथ से स्याही फैलने का डर रहता है। कई बार कंप्यूटर का माउस चलाने में भी उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है।
इंटरनेशनल लेफ्ट-हैंडर्स डे इसी बात की तरफ पूरी दुनिया का ध्यान खींचने का काम करता है। अब कई बड़ी टेक कंपनियां और ब्रांड्स लेफ्ट-हैंडेड फ्रेंडली प्रोडक्ट्स भी बाजार में बना रहे हैं। इससे बाएं हाथ के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पहले से काफी आसान हो गई है।
![Left handers' brains are many times faster than right handers, research shows | Lefthanders day 2021: लेफ्ट हैंड से लिखने वालों का दिमाग क्या राइट हैंडर्स से अलग होता है? | Hindi News, विज्ञान]()
पुराने समय में कई संस्कृतियों में बाएं हाथ का इस्तेमाल करने को अशुभ माना जाता था। बचपन में जब कोई बच्चा बाएं हाथ से खाता या लिखता था, तो उसे जबरदस्ती रोका जाता था। माता-पिता बच्चे को दाएं हाथ से काम करने के लिए मजबूर किया करते थे।
लेकिन डॉक्टर्स और न्यूरोलॉजिस्ट्स सख्त चेतावनी देते हैं कि बच्चों का हाथ जबरन कभी न बदलें। बच्चे को जबरदस्ती दाएं हाथ से काम कराने पर उसके दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है। इससे बच्चे को हकलाने या पढ़ने-लिखने में डिस्लेक्सिया जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
आज के मॉडर्न दौर में लोग जागरूक हो चुके हैं और इसे प्राकृतिक विभिन्नता मानते हैं। बाएं हाथ से काम करना कोई बीमारी या शारीरिक दोष बिल्कुल भी नहीं है। यह सिर्फ एक न्यूरोलॉजिकल कॉम्बिनेशन है जो व्यक्ति को औरों से अलग और खास बनाता है।
![Left Handers होते हैं बहुत खास! बाएं हाथ से लिखने वाले लोगों की दिलचस्प बातें जरूर जानें , लाइफस्टाइल - Hindustan]()
वैज्ञानिक अध्ययनों में देखा गया है कि लेफ्ट-हैंडेड लोग पानी के नीचे बहुत तेजी से एडजस्ट होते हैं। उनका विजन और देखने की क्षमता पानी के अंदर राइट-हैंडेड लोगों से बेहतर पाई गई है। वे किसी भी नए माहौल को बहुत तेजी से एडाप्ट कर लेते हैं।
इसके अलावा मल्टीटास्किंग के मामले में भी बाएं हाथ के लोग काफी आगे रहते हैं। उनका दिमाग एक साथ कई जानकारियों को बहुत जल्दी प्रोसेस करने में सक्षम होता है। कंप्यूटर गेमिंग में भी लेफ्ट-हैंडेड लोगों के रिफ्लेक्सिस बहुत फास्ट और एक्यूरेट माने जाते हैं।
हालांकि कुछ रिसर्च यह भी बताती हैं कि लेफ्टी लोग ज्यादा जल्दी गुस्सा या भावुक हो जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनके दिमाग के दोनों हिस्से आपस में बहुत तेजी से कम्युनिकेट करते हैं। यह यूनिक माइंड मैपिंग उन्हें हर भावना को गहराई से महसूस कराती है।
तो अगर आपके घर या फ्रेंड सर्कल में भी कोई लेफ्ट-हैंडेड व्यक्ति है, तो उसका सम्मान करें। उसकी इस अनोखी प्रतिभा की तारीफ करें और उसे स्पेशल महसूस कराएं। उनकी क्रिएटिविटी और अलग सोच ही हमारी इस दुनिया को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाती है।
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13 अगस्त का दिन पूरी दुनिया में इंटरनेशनल लेफ्ट-हैंडर्स डे के रूप में मनाया जाता है। इस खास दिन की शुरुआत पहली बार साल 1976 में डीन आर कैंपबेल ने की थी। उन्होंने 'लेफ्ट-हैंडर्स इंटरनेशनल' नाम के एक संगठन की स्थापना भी की थी।
इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों को जागरूक करना है। इसके साथ ही राइट-हैंडेड दुनिया में उनके सामने आने वाली परेशानियों पर बात करना भी है। समाज में उनके प्रति बनी पुरानी गलत धारणाओं को खत्म करना भी इसका मुख्य लक्ष्य है।
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इस फन चैलेंज से राइट-हैंडेड लोग समझ पाते हैं कि एक लेफ्टी की जिंदगी कितनी मुश्किल होती है। स्कूल और कॉलेजों में भी बच्चों को लेफ्ट-हैंडेड फ्रेंडली एनवायरनमेंट देने पर चर्चा की जाती है। यह दिन समानता और संवेदनशीलता का एक बहुत बड़ा संदेश समाज को देता है।
International Left Handers Day
क्यों खास हैं लेफ्टी लोग
इतिहास उठाकर देखें तो दुनिया के कई महान दिग्गजों ने बाएं हाथ से इतिहास रचा है। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर बाएं हाथ से ही बैटिंग और बॉलिंग करते हैं। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन भी अपने सारे काम बाएं हाथ से ही करते हैं।
वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी लेफ्टी ही रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स भी बाएं हाथ से लिखने के लिए जाने जाते हैं। इन महान हस्तियों की सफलता यह साबित करती है कि लेफ्टी होना एक बहुत बड़ी खूबी है।
International Left Handers Day
साइकोलॉजी क्या कहती है इनके बारे में
साइकोलॉजिस्ट्स के अनुसार बाएं हाथ के लोगों में डाइवर्जेंट थिंकिंग ज्यादा पाई जाती है। इसका मतलब है कि वे एक ही समस्या के कई अलग-अलग समाधान तुरंत ढूंढ लेते हैं।
यह एबिलिटी उन्हें किसी भी टीम में एक शानदार लीडर और इनोवेटर बनाती है। इसके अलावा खेल कूद की दुनिया में भी लेफ्ट-हैंडेड प्लेयर्स का दबदबा देखने को मिलता है।
टेनिस, क्रिकेट और बॉक्सिंग जैसे खेलों में विरोधी खिलाड़ी उनके मूव्स आसानी से समझ नहीं पाते। इस वजह से स्पोर्ट्स के मैदान में लेफ्टी खिलाड़ियों को काफी रणनीतिक फायदा मिलता है।
Left Handers होते हैं बहुत खास! बाएं हाथ से लिखने वाले लोगों की दिलचस्प बातें जरूर जानें , लाइफस्टाइल - Hindustan
डॉक्टर्स और न्यूरोलॉजी की राय
डॉक्टर्स का कहना है कि लेफ्टी लोगों के दिमाग का राइट हेमिस्फीयर ज्यादा एक्टिव रहता है। दिमाग का यह दायां हिस्सा ही क्रिएटिविटी, आर्ट और विजुअल थिंकिंग के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसीलिए लेफ्ट-हैंडेड लोग आर्ट और डिजाइनों को बहुत जल्दी समझ लेते हैं।
मेडिकल साइंस यह भी मानता है कि कोई व्यक्ति लेफ्टी बनेगा या राइट-हैंडेड, यह उसके जीन्स तय करते हैं। गर्भावस्था के दौरान ही शिशु का दिमाग यह तय कर लेता है कि कौन सा हाथ डोमिनेंट होगा। इसमें बच्चे या माता-पिता का कोई व्यक्तिगत कंट्रोल नहीं होता है।
राइट-हैंडेड दुनिया की बड़ी चुनौतियां
यहां तक कि स्कूल की डेस्क भी दाएं हाथ के हिसाब से डिजाइन होती हैं। लेफ्टी लोगों को बचपन से ही इन सामान्य चीजों का इस्तेमाल करने में संघर्ष करना पड़ता है। जब वे नोटबुक पर लिखते हैं, तो उनके हाथ से स्याही फैलने का डर रहता है। कई बार कंप्यूटर का माउस चलाने में भी उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है।
इंटरनेशनल लेफ्ट-हैंडर्स डे इसी बात की तरफ पूरी दुनिया का ध्यान खींचने का काम करता है। अब कई बड़ी टेक कंपनियां और ब्रांड्स लेफ्ट-हैंडेड फ्रेंडली प्रोडक्ट्स भी बाजार में बना रहे हैं। इससे बाएं हाथ के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पहले से काफी आसान हो गई है।
Left handers' brains are many times faster than right handers, research shows | Lefthanders day 2021: लेफ्ट हैंड से लिखने वालों का दिमाग क्या राइट हैंडर्स से अलग होता है? | Hindi News, विज्ञान
पुरानी धारणाएं और समाज का सच
लेकिन डॉक्टर्स और न्यूरोलॉजिस्ट्स सख्त चेतावनी देते हैं कि बच्चों का हाथ जबरन कभी न बदलें। बच्चे को जबरदस्ती दाएं हाथ से काम कराने पर उसके दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है। इससे बच्चे को हकलाने या पढ़ने-लिखने में डिस्लेक्सिया जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
आज के मॉडर्न दौर में लोग जागरूक हो चुके हैं और इसे प्राकृतिक विभिन्नता मानते हैं। बाएं हाथ से काम करना कोई बीमारी या शारीरिक दोष बिल्कुल भी नहीं है। यह सिर्फ एक न्यूरोलॉजिकल कॉम्बिनेशन है जो व्यक्ति को औरों से अलग और खास बनाता है।
Left Handers होते हैं बहुत खास! बाएं हाथ से लिखने वाले लोगों की दिलचस्प बातें जरूर जानें , लाइफस्टाइल - Hindustan
लेफ्ट-हैंडेड लोगों से जुड़े रोचक तथ्य
इसके अलावा मल्टीटास्किंग के मामले में भी बाएं हाथ के लोग काफी आगे रहते हैं। उनका दिमाग एक साथ कई जानकारियों को बहुत जल्दी प्रोसेस करने में सक्षम होता है। कंप्यूटर गेमिंग में भी लेफ्ट-हैंडेड लोगों के रिफ्लेक्सिस बहुत फास्ट और एक्यूरेट माने जाते हैं।
हालांकि कुछ रिसर्च यह भी बताती हैं कि लेफ्टी लोग ज्यादा जल्दी गुस्सा या भावुक हो जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनके दिमाग के दोनों हिस्से आपस में बहुत तेजी से कम्युनिकेट करते हैं। यह यूनिक माइंड मैपिंग उन्हें हर भावना को गहराई से महसूस कराती है।
तो अगर आपके घर या फ्रेंड सर्कल में भी कोई लेफ्ट-हैंडेड व्यक्ति है, तो उसका सम्मान करें। उसकी इस अनोखी प्रतिभा की तारीफ करें और उसे स्पेशल महसूस कराएं। उनकी क्रिएटिविटी और अलग सोच ही हमारी इस दुनिया को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाती है।
References:
- इंटरनेशनल लेफ्ट-हैंडर्स सोसाइटी (Left-Handers International Official History)
- अमरीकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन (APA Neurology and Handedness Studies)
10 अगस्त का इतिहास: अन्याय के खिलाफ बंदूक उठाने वाली फूलन देवी की कहानी
साल 1905 में आज ही के दिन कोलकाता से शुरू हुआ था स्वदेशी आंदोलन का इतिहास
भारत ही नहीं, दुनिया के इन देशों में भी हैं प्राचीन शिव मंदिर, जानें इनका इतिहास
31 जुलाई का इतिहास: आज ही के दिन से हुई थी मोबाइल संचार क्रांति की शुरुआत
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