IRIS Dena विवाद पर विराम, ईरान ने कहा- भारत ने निभाई दोस्ती
Pawan Modiya | Mar 14, 2026, 21:01 IST
Photograph: (the sootr)
हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena के डूबने को लेकर भारत में चल रही बहस अब लगभग खत्म होती दिख रही है। भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने साफ कहा है कि इस पूरे मामले में भारत सरकार ने ईरान की पूरी मदद की।
नई दिल्ली। हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena के डूबने की घटना ने कुछ दिनों तक भारत की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे। लेकिन अब इन सवालों पर लगभग विराम लगता दिख रहा है। भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने साफ कहा है कि इस पूरे संकट के दौरान भारत ने ईरान की हर संभव मदद की। उनका यह बयान India Today Conclave 2026 में आया, जिसके बाद इस मामले को लेकर चल रही बहस काफी हद तक शांत हो गई।
5 मार्च को ईरान का युद्धपोत IRIS Dena एक नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद भारत से वापस लौट रहा था। बताया गया कि वापसी के दौरान उस पर टॉरपीडो से हमला किया गया, जिससे जहाज डूब गया। इस हमले में जहाज पर सवार 100 से ज्यादा नाविकों की मौत हो गई। यह घटना श्रीलंका के पास हिंद महासागर में हुई, जिसके बाद भारत में यह सवाल उठने लगे कि क्या भारत की कोई जिम्मेदारी बनती है, क्योंकि यह जहाज भारत से ही अभ्यास करके लौट रहा था।
ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने कहा कि भारत सरकार ने इस मुश्किल समय में ईरान की काफी मदद की। उनके अनुसार भारत ने ईरान के अनुरोधों को स्वीकार किया। कई तरह की मानवीय सहायता दी। कुछ देशों ने सहयोग नहीं किया, लेकिन भारत ने पूरा साथ दिया उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस हमले का जवाब जरूर देगा।
जब यह हमला हुआ, उसी समय ईरान का एक और युद्धपोत IRIS Lavan भारत में मौजूद था। भारत ने इस जहाज को Cochin Port में शरण दी। जहाज के 183 सदस्यों में से 50 से ज्यादा सदस्य अभी भी जहाज पर मौजूद हैं। बाकी को भारत से वापस भेज दिया गया है
28 फरवरी को United States और Israel ने Iran पर कई हवाई हमले किए थे। इसके बाद से क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए। हालांकि ईरानी जहाज इन हमलों से कई हफ्ते पहले ही अपने मिशन पर निकल चुके थे। इसी बीच, श्रीलंका के सांसद Namal Rajapaksa ने कहा कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री नियमों पर सवाल उठाती है। उनके मुताबिक हिंद महासागर में बड़ी शक्तियों का व्यवहार चिंता का विषय है। समुद्री कानूनों और नैतिक नियमों का पालन होना चाहिए। इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में भारत की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है
घटना के बाद भारत में रक्षा विशेषज्ञों और पूर्व अधिकारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई थी।
कुछ लोगों का कहना था कि जहाज भारत के निमंत्रण पर अभ्यास में आया था, इसलिए भारत की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। लेकिन कई विशेषज्ञों ने कहा कि यह हमला भारत के समुद्री क्षेत्र के बाहर हुआ, इसलिए भारत को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। पूर्व विदेश सचिव Kanwal Sibal ने कहा कि भारत की जिम्मेदारी केवल नैतिक और मानवीय स्तर की है। वहीं रक्षा विश्लेषक Sandeep Unnithan का कहना है कि इस घटना में भारत की कोई गलती नहीं है, क्योंकि ईरानी जहाज ने भारत से सुरक्षा या एस्कॉर्ट नहीं मांगा था।
ईरान-इजराइल युद्ध का 15वां दिन: भारतीय जहाज ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट, अमेरिकी युद्धपोत मोर्चे पर तैनात, NATO ने गिराई ईरानी मिसाइलें
Iran Israel War Update: अमेरिका की सभी देशों को रूसी तेल खरीदने की छूट, ईरान ने इजराइल पर दागी मिसाइलें
IRIS Dena ईरान की नौसेना का एक आधुनिक युद्धपोत है। इसे 2021 में ईरानी नौसेना में शामिल किया गया था।
यह जहाज लंबी दूरी की समुद्री यात्राएं और सुरक्षा मिशन करने में सक्षम माना जाता है।
भारत और ईरान के बीच लंबे समय से समुद्री सहयोग रहा है।
मुख्य कारण:
हिंद महासागर (Indian Ocean) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।
IRIS Dena के डूबने की घटना ने हिंद महासागर में बढ़ते तनाव को उजागर किया। हालांकि इस घटना के बाद भारत में कई सवाल उठे, लेकिन ईरान के राजदूत के बयान से यह साफ हो गया है कि भारत ने अपनी तरफ से पूरी मदद की (India Iran relations)। भारत ने मानवीय आधार पर सहायता दी और दूसरे ईरानी जहाज को भी शरण दी। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत क्षेत्र में संतुलित और जिम्मेदार भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
मध्यप्रदेश में खाली कुर्सियों पर टिकी व्यवस्था: इमारतें खड़ी, लेकिन कर्मचारियों की कमी से हांफ रहा सरकारी तंत्र
सिंहस्थ 2028: किन्नर अखाड़ा भी जूना अखाड़े के साथ करेगा शाही स्नान
5 मार्च को ईरान का युद्धपोत IRIS Dena एक नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद भारत से वापस लौट रहा था। बताया गया कि वापसी के दौरान उस पर टॉरपीडो से हमला किया गया, जिससे जहाज डूब गया। इस हमले में जहाज पर सवार 100 से ज्यादा नाविकों की मौत हो गई। यह घटना श्रीलंका के पास हिंद महासागर में हुई, जिसके बाद भारत में यह सवाल उठने लगे कि क्या भारत की कोई जिम्मेदारी बनती है, क्योंकि यह जहाज भारत से ही अभ्यास करके लौट रहा था।
ईरान के राजदूत ने क्या कहा
दूसरा ईरानी जहाज भारत में शरण लिए रहा
अमेरिका-इज़रायल हमलों के बाद बढ़ा तनाव
भारत में बहस क्यों शुरू हुई
कुछ लोगों का कहना था कि जहाज भारत के निमंत्रण पर अभ्यास में आया था, इसलिए भारत की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। लेकिन कई विशेषज्ञों ने कहा कि यह हमला भारत के समुद्री क्षेत्र के बाहर हुआ, इसलिए भारत को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। पूर्व विदेश सचिव Kanwal Sibal ने कहा कि भारत की जिम्मेदारी केवल नैतिक और मानवीय स्तर की है। वहीं रक्षा विश्लेषक Sandeep Unnithan का कहना है कि इस घटना में भारत की कोई गलती नहीं है, क्योंकि ईरानी जहाज ने भारत से सुरक्षा या एस्कॉर्ट नहीं मांगा था।
ईरान-इजराइल युद्ध का 15वां दिन: भारतीय जहाज ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट, अमेरिकी युद्धपोत मोर्चे पर तैनात, NATO ने गिराई ईरानी मिसाइलें
Iran Israel War Update: अमेरिका की सभी देशों को रूसी तेल खरीदने की छूट, ईरान ने इजराइल पर दागी मिसाइलें
IRIS Dena और भारत-ईरान नौसैनिक संबंध
1. IRIS Dena क्या है
यह जहाज लंबी दूरी की समुद्री यात्राएं और सुरक्षा मिशन करने में सक्षम माना जाता है।
2. भारत-ईरान नौसैनिक सहयोग
मुख्य कारण:
- हिंद महासागर में व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा
- ऊर्जा सप्लाई की स्थिरता
- समुद्री डकैती रोकना
3. हिंद महासागर की रणनीतिक अहमियत
- दुनिया के लगभग 80% तेल व्यापार का रास्ता यहीं से गुजरता है
- एशिया, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ता है
संतुलित और जिम्मेदार भूमिका निभा रहा भारत
मध्यप्रदेश में खाली कुर्सियों पर टिकी व्यवस्था: इमारतें खड़ी, लेकिन कर्मचारियों की कमी से हांफ रहा सरकारी तंत्र
सिंहस्थ 2028: किन्नर अखाड़ा भी जूना अखाड़े के साथ करेगा शाही स्नान
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman