झारखंड-महाराष्ट्र चुनाव तारीखों का ऐलान आज, जानें कौन कहां कितना मजबूत
Raj Singh | Oct 15, 2024, 10:59 IST
the sootr
झारखंड-महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा है। महाराष्ट्र की 288 और झारखंड की 81 सीटों पर नवंबर या दिसंबर में चुनाव हो सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं। इसके नतीजे भी आ चुके हैं। अब एक बार फिर चुनाव प्रचार देखने को मिल सकता है। दरअसल, आज यानी मंगलवार दोपहर 3:30 बजे भारतीय चुनाव आयोग ( EC ) महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि पिछले दो विधानसभा चुनावों की तरह इस बार भी महाराष्ट्र में चुनाव हो सकते हैं। चुनाव आयोग राज्य की सभी सीटों पर एक ही चरण में मतदान करा सकता है। वहीं, झारखंड में पांच चरणों में मतदान का ट्रेंड कायम रह सकता है।
महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर 2024 को समाप्त हो रहा है, जबकि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को खत्म हो रहा है। इससे पहले दोनों राज्यों में चुनाव कराना अनिवार्य है। खबरों की मानें तो EC, महाराष्ट्र और झारखंड में नवंबर या दिसंबर में चुनाव करा सकता है।
महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव बेहद ही खास होने वाले हैं क्योंकि यहां के समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। सबसे पहले अगर महाराष्ट्र की बात करें तो यहां इस समय बीजेपी, शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार की पार्टी NCP की सरकार है। ये तीनों ही पार्टियां इस समय महाराष्ट्र की सत्ता में हैं।
![fderfgerd]()
अगर झारखंड की बात करें तो हाल ही में झारखंड की राजनीति में काफी उथल-पुथल देखने को मिली थी। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के दिग्गज नेता और झारखंड टाइगर के नाम से मशहूर चंपई सोरेन ने पार्टी छोड़ दी थी। हेमंत सोरेन का साथ छोड़ने के बाद वे बीजेपी में शामिल हो गए। ये तब हुआ जब हेमंत सोरेन जेल से बाहर आए थे। दरअसल, ED ने जनवरी में सीएम हेमंत सोरेन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद राज्य की कमान चंपई सोरेन के हाथों में चली गई। करीब 5 महीने बाद जब हेमंत जेल से बाहर आए तो चंपई सोरेन को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा। इससे नाराज होकर चंपई सोरेन ने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो चंपई सोरेन के आने से झारखंड में बीजेपी को मजबूती मिली है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चंपई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने से पार्टी करीब 15 से 20 विधानसभा सीटों पर मजबूत हो गई है। हालांकि अब देखना यह है कि चंपई सोरेन के आने से वाकई बीजेपी को फायदा होता है या नहीं।
ये भी खबर पढ़िए... हरियाणा में 20 सीटों पर फिर होंगे चुनाव? कांग्रेस ने लिस्ट EC को भेजी
महाराष्ट्र में विधानसभा सीटों की संख्या 288 है। इनमें से भाजपा के पास 103, शिंदे गुट की शिवसेना के पास 37, अजित पवार गुट की एनसीपी के पास 39, छोटे दलों के पास 9 और निर्दलीय विधायकों की संख्या 13 है। ये सभी पार्टियां फिलहाल महाराष्ट्र की सत्ता में हैं।
विपक्ष की बात करें तो कांग्रेस के पास 37 विधायक, उद्धव की शिवसेना के पास 37 और शरद पवार की एनसीपी के पास 13 विधायक हैं। अगर हम जादुई आंकड़े की बात करें तो यह 145 है। गौरतलब है कि शिवसेना और एनसीपी दो धड़ों में बंट गई हैं। एक अजित पवार की पार्टी एनसीपी और दूसरी एकनाथ शिंदे की शिवसेना है।
झारखंड में विधानसभा सीटों की संख्या 81 है। यहां सबसे बड़ी पार्टी JMM है। पार्टी के पास 27 विधायक हैं और कांग्रेस के पास 18 जबकि बीजेपी के पास 24 विधायक हैं। अगर बहुमत की बात करें तो यह 41 है।
![the sootr]()
बता दें कि महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के साथ मध्य प्रदेश की दो हाई प्रोफाइल सीटों पर भी उपचुनाव कराए जा सकते हैं। इनमें बुधनी और विजयपुर की विधानसभा सीटें हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की 10, राजस्थान की 7, पश्चिम बंगाल की 6, असम की 5, बिहार की 4, पंजाब की 4, कर्नाटक की 3, केरल की 3, मध्य प्रदेश की 2, गुजरात की 2, सिक्किम की 2 और छत्तीसगढ़ की 1 विधानसभा सीटों पर भी उप चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है।
कब खत्म हो रहे कार्यकाल?
महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव बेहद ही खास होने वाले हैं क्योंकि यहां के समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। सबसे पहले अगर महाराष्ट्र की बात करें तो यहां इस समय बीजेपी, शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार की पार्टी NCP की सरकार है। ये तीनों ही पार्टियां इस समय महाराष्ट्र की सत्ता में हैं।
fderfgerd
झारखंड का समीकरण बदला
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो चंपई सोरेन के आने से झारखंड में बीजेपी को मजबूती मिली है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चंपई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने से पार्टी करीब 15 से 20 विधानसभा सीटों पर मजबूत हो गई है। हालांकि अब देखना यह है कि चंपई सोरेन के आने से वाकई बीजेपी को फायदा होता है या नहीं।
ये भी खबर पढ़िए... हरियाणा में 20 सीटों पर फिर होंगे चुनाव? कांग्रेस ने लिस्ट EC को भेजी
कहां कितनी सीटें?
विपक्ष की बात करें तो कांग्रेस के पास 37 विधायक, उद्धव की शिवसेना के पास 37 और शरद पवार की एनसीपी के पास 13 विधायक हैं। अगर हम जादुई आंकड़े की बात करें तो यह 145 है। गौरतलब है कि शिवसेना और एनसीपी दो धड़ों में बंट गई हैं। एक अजित पवार की पार्टी एनसीपी और दूसरी एकनाथ शिंदे की शिवसेना है।
झारखंड में विधानसभा सीटों की संख्या 81 है। यहां सबसे बड़ी पार्टी JMM है। पार्टी के पास 27 विधायक हैं और कांग्रेस के पास 18 जबकि बीजेपी के पास 24 विधायक हैं। अगर बहुमत की बात करें तो यह 41 है।
ये हैं साल 2019 के आंकड़े
the sootr
एमपी में भी हो सकता है तारीखों का ऐलान
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari