पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लद्दाख में हिंसा, CRPF की गाड़ी और भाजपा ऑफिस में आग लगाई

Sandeep Kumar | Sept 24, 2025, 18:20 IST
Share
ladakh-violence
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक: (thesootr)

लद्दाख में केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा ऑफिस में आग लगाई और CRPF की गाड़ी को जलाया। सोनम वांगचुक ने हिंसा रोकने की अपील की।

देश दुनिया न्यूज: लेह-लद्दाख की सड़कों पर बुधवार को हुई घटना ने पूरे देश का ध्यान खींच लिया। दरअसल छठी अनुसूची के तहत विशेष दर्जा और लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर चल रहा शांतिपूर्ण आंदोलन अचानक हिंसक हो गया।

युवा प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी दफ्तर पर हमला किया, पत्थरबाजी की और एक पुलिस वाहन को आग लगा दी। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया। सवाल यह है कि आंदोलन इतनी तेजी से हिंसा की ओर क्यों बढ़ा?

1b0e0dbc-679
1b0e0dbc-679


हसदेव बचाओ आंदोलन हुआ तेज,अडानी ने किया कोयला खदान का उद्घाटन,फूटा आदिवासियों का गुस्सा

सोनम वांगचुक का भूख हड़ताल

सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने लद्दाख हिंसा के मुद्दे को उठाया और सरकार से राज्य का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल भी की थी। इसके बाद, 24 सितंबर को प्रदर्शनकारियों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा ऑफिस में आग लगा दी, पुलिस पर पत्थरबाजी की और CRPF की गाड़ी को भी आग लगा दी।

3dba454e-026
3dba454e-026


छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में चैतन्य बघेल पर कसेगा शिकंजा,आज हो सकती है गिरफ्तारी,सुनवाई जारी

हिंसा का मुख्य कारण

प्रदर्शनकारियों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और 24 सितंबर को लद्दाख बंद का आह्वान किया। इसकी वजह से बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हो गए। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए, तो झड़पें हुईं। पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी को जलाया और तोड़फोड़ की।

नए जिलाध्यक्ष बनाने में पीसीसी चीफ दीपक बैज नाकाम, दिल्ली के 17 पर्यवेक्षक तय करेंगे नाम, इनमें उमंग सिंघार और हिना कांवरे का नाम

हिंसा को बंद करें

सोनम वांगचुक ने हिंसा के बाद अपना अनशन तोड़ते हुए कहा कि यह लद्दाख के लिए दुखद दिन है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे हिंसा को बंद करें, क्योंकि इससे लद्दाख के मुद्दे का समाधान नहीं होगा, बल्कि स्थिति और गंभीर होगी। वांगचुक ने कहा, हम शांति की दिशा में चल रहे थे, लेकिन अब हिंसा और आगजनी हो रही है। मैं लद्दाख की युवा पीढ़ी से अनुरोध करता हूं कि इस बेवकूफी को बंद करें।

छत्तीसगढ़ में जमीन खरीद-बिक्री के नियम कड़े,अब कृषि भूमि पर 5 डिसमिल से कम की नहीं होगी रजिस्ट्री

प्रदर्शनकारियों की मांगें

लद्दाख के लोग केंद्र सरकार से पूरी तरह से राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि 2019 में जब जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाया गया, तो सरकार ने वादा किया था कि लद्दाख को भी राज्य का दर्जा मिलेगा। अब जब 5 साल का समय बीत चुका है, तो उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें संविधानिक सुरक्षा चाहिए, ताकि उनके अधिकारों का उल्लंघन न हो।

345bfc35-bc7
345bfc35-bc7


नेशनल कॉन्फ्रेंस की प्रतिक्रिया

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता शेख बशीर अहमद और विधायक तनवीर सादिक ने भी लद्दाख के मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख के लोगों की बातों को अनसुना कर रही है और यही कारण है कि यह हिंसा बढ़ रही है। उन्होंने केंद्र से अपील की कि वह लद्दाख के लोगों से बातचीत करे और उनकी समस्याओं का समाधान निकाले।

रिटायरमेंट के बाद पीएफ खाता : जानें कब तक मिलेगा ब्याज और कब हो जाएगा बंद?

क्या है प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें

1.लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले।
2.लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए।
3.स्थानीय लोगों के लिए नौकरियों और जमीन पर विशेष अधिकार बहाल हों।
4.लेह और कारगिल जिलों के लिए अलग-अलग संसदीय सीट दी जाए।

2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग हुआ था लद्दाख

अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत राज्य को दो हिस्सों में बांटा गया। जम्मू-कश्मीर को विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश मिला, जबकि लद्दाख को बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया। उस समय केंद्र सरकार ने दावा किया था कि इससे लद्दाख को सीधे दिल्ली से विकास का लाभ मिलेगा। लेकिन चार साल बाद हालात कुछ और ही हैं।

लद्दाख के नए जिले

केंद्र सरकार ने अगस्त 2024 में लद्दाख में पांच नए जिले बनाने की घोषणा की थी। इन नए जिलों का नाम जांस्कर, द्रास, शाम, नुब्रा और चांगथांग रखा जाएगा। इस कदम से लद्दाख में प्रशासनिक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे लद्दाख के लोगों की राज्य का दर्जा देने की मांग पूरी हो पाएगी।

Tags:
  • केंद्र सरकार
  • लद्दाख
  • देश दुनिया न्यूज
  • सोनम वांगचुक
  • लद्दाख हिंसा
  • पूर्ण राज्य का दर्जा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच