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Photograph: (thesootr)
News In Short
- विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव में तारीख गलत लिख दी।
- विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो सकता है।
- 2025 की तारीख से विपक्ष की गलती उजागर।
- कांग्रेस को बीजेपी ने "बालक बुद्धि पार्टी" बताया।
भारत की राजनीतिक दुनिया में मंगलवार को एक और दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला, जब विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया, लेकिन अब लगता है कि यह प्रस्ताव पहले ही गलत तारीख की वजह से खारिज हो सकता है।
विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव में फरवरी 2025 की तारीख का उल्लेख किया, जबकि बजट सत्र 2026 में शुरू हुआ था। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस गलती को सोशल मीडिया पर साझा किया और कांग्रेस पर तंज कसते हुए इसे "बच्चों जैसी गलती" करार दिया।
क्यों लाया गया अविश्वास प्रस्ताव
भारत की राजनीति में हाल ही में एक बड़ा हंगामा हुआ, जब विपक्ष, खासकर कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया। यह प्रस्ताव स्पीकर की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के उद्देश्य से था, लेकिन यह प्रस्ताव अब अपनी एक गंभीर गलती के कारण मुश्किल में फंस गया है।
विपक्ष ने जिस प्रस्ताव को संसद में प्रस्तुत किया, उसमें एक बड़ी तारीखी गलती हो गई है। इसमें 2026 की जगह 2025 लिखा गया है, जो अब प्रस्ताव के विफल होने का कारण बन सकती है।
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प्रस्ताव के नोटिस में साल गलत
विपक्ष ने जो अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया था, उसमें फरवरी 2025 की तारीख का उल्लेख किया गया था, जबकि वास्तविक बजट सत्र फरवरी 2026 में शुरू हुआ था। यह गलती इतनी गंभीर है कि प्रस्ताव में लिखी तारीख सही नहीं है, और यह दस्तावेज अवैध हो सकता है।
"Pappu" Brigade could not even submit a notice properly. 😂😂😂
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) February 10, 2026
Look at the year 2025 is the year they write in their notice; whereas Budget Session began in 2026. 🤣
Congress is truly a "Balak Budhi Party" pic.twitter.com/wxklFcTwug
बीजेपी ने विपक्ष पर कसा तंज
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस गलती को तुरंत उजागर किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर विपक्ष के नोटिस का फोटो साझा किया और तारीख़ की गलती की ओर इशारा किया। उन्होंने मजाक करते हुए कांग्रेस को बालक बुद्धि पार्टी करार दिया। भंडारी का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और बीजेपी समर्थकों ने इसका जमकर मजाक उड़ाया।
बीजेपी नेता अब कांग्रेस की कार्यकुशलता पर सवाल उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि अगर विपक्ष ऐसी साधारण गलती कर सकता है, तो वह सरकार को प्रभावी तरीके से चुनौती कैसे दे सकता है।
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कांग्रेस ने नहीं दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस की ओर से इस गलती पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह गलती अनजाने में हुई हो सकती है और इसे किसी सामान्य टाइपिंग या लिखने की गलती के तौर पर देखा जा सकता है।
हालांकि, यह मामला अब इतना बढ़ चुका है कि यह कांग्रेस के लिए एक बड़ा नुकसान बन चुका है। कांग्रेस को यह साबित करना होगा कि यह गलती उनका रणनीतिक कदम नहीं था, बल्कि यह एक भूल थी।
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क्या होगा राजनीतिक परिणाम?
इस घटना का विपक्ष की विश्वसनीयता पर गहरा असर पड़ सकता है। नोटिस में हुई गलती से विपक्ष के अंदर की असंगठित स्थिति और ध्यान की कमी पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा, बीजेपी के तंज और आलोचनाएं विपक्ष की छवि को और कमजोर कर सकती हैं, खासकर उन मतदाताओं के बीच जो कांग्रेस के नेतृत्व पर संदेह करते हैं।
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आगे क्या होगा?
इस गलती के बावजूद विपक्ष अभी भी प्रस्ताव को सुधारने की कोशिश कर सकता है। अगर विपक्ष नोटिस में सही तारीख़ का उल्लेख करता है, तो वह इसे फिर से प्रस्तुत कर सकता है। लेकिन इस गलती के बाद बीजेपी ने इस मौके को पूरी तरह से भुनाया है। यह तय करना विपक्ष के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है कि क्या वे इस मुद्दे से उबर पाएंगे।
इस गलती से विपक्ष के एकजुटता और उसकी राजनीतिक रणनीति पर पड़ सकता है। अब यह देखना होगा कि कांग्रेस कैसे इस नुकसान की भरपाई करती है और क्या वे इस गलती को सुधारने में सफल होते हैं।
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