भारत में सूखे का खतरा, सदी का सबसे खतरनाक अल-नीनो दस्तक देने को तैयार!

Aman Vaishnav | Aug 23, 2026, 08:32 IST
Share
अल-नीनो
अल-नीनो

साल 2026 में सदी का सबसे मजबूत अल-नीनो आ सकता है। प्रशांत महासागर का पानी 3 डिग्री तक गर्म होने से 2026 या 2027 में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और भारत में सूखा पड़ने की आशंका है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • साल 2026 में दुनिया को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
  • प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बहुत मजबूत हो सकता है।
  • यह 19वीं सदी के बाद सबसे ताकतवर अल-नीनो साबित हो सकता है।
  • इसकी वजह से 2026 या 2027 सबसे गर्म साल बन सकता है।
  • भारत के मानसून पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
समुद्र की गहराई से उठ रहा यह बदलाव आने वाले महीनों में दुनिया के मौसम की दिशा तय कर सकता है। मौसम वैज्ञानिक इस पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। उनका कहना है कि इस बार के संकेत सामान्य से कहीं ज्यादा तेज हैं।

अल-नीनो के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी हिस्से का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है। इस बार समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा पहुंचने का अनुमान है।

आम तौर पर मजबूत अल-नीनो में यह बढ़ोतरी 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक ही रहती है। इसलिए वैज्ञानिक इस बार के अनुमान को लेकर खास तौर पर सतर्क हैं।

mega-el-nino-heat-wave-india-monsoon
mega-el-nino-heat-wave-india-monsoon


आखिर क्या है अल-नीनो

अल-नीनो एक प्राकृतिक मौसम चक्र है। यह कुछ साल के अंतराल पर बार बार आता है। जब समुद्र का पानी गर्म होता है तो वहां से वातावरण में ज्यादा गर्मी जाती है। इससे हवा और बारिश का सामान्य तरीका बदल जाता है।

इस बदलाव का असर पूरी दुनिया के मौसम पर पड़ता है। लेकिन यह असर हर जगह एक जैसा नहीं होता। कुछ इलाकों में यह ज्यादा बारिश और बाढ़ लेकर आता है। वहीं कुछ जगहों पर इसकी वजह से सूखा और तेज गर्मी बढ़ जाती है।

mega-el-nino-heat-wave-india-monsoon
mega-el-nino-heat-wave-india-monsoon


पहले से कहीं ज्यादा मजबूत संकेत

मजबूत अल-नीनो में आमतौर पर पूर्वी प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होता है। खुद 2 डिग्री की बढ़ोतरी भी काफी बड़ी मानी जाती है। वहीं इस बार तापमान करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

इससे पहले 1982-83, 1997-98 और 2015-16 में बहुत मजबूत अल-नीनो दर्ज किए गए थे। इस बार का अनुमान इन सभी घटनाओं से भी बड़ा बताया जा रहा है।

ब्रिटेन के मेट ऑफिस के वैज्ञानिक एडम स्केफ ने कहा है कि उनके पूर्वानुमानों में इससे पहले अल-नीनो का इतना मजबूत संकेत कभी नहीं दिखा।

यह बयान इस बात की गंभीरता को साफ दिखाता है। जब खुद मौसम वैज्ञानिक ऐसे संकेतों को असामान्य बता रहे हों, तो आगे की तैयारी और सतर्कता जरूरी हो जाती है।

mega-el-nino-heat-wave-india-monsoon
mega-el-nino-heat-wave-india-monsoon


भारत के मानसून पर भी असर

अल-नीनो से समुद्र और हवा का सामान्य पैटर्न बदल जाता है। इसका असर हर क्षेत्र में अलग अलग तरीके से दिखता है। कुछ इलाकों में ज्यादा बारिश और बाढ़ की आशंका रहती है। वहीं कुछ जगहों पर कम बारिश और ज्यादा गर्मी परेशान कर सकती है।

भारत के मानसून पर भी अल-नीनो का सीधा असर पड़ सकता है। मजबूत अल-नीनो को अक्सर भारत में कमजोर मानसून से जोड़कर देखा जाता है।

इसी वजह से इस बार मानसून पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। किसानों और मौसम विभाग दोनों के लिए यह समय अहम है।

mega-el-nino-heat-wave-india-monsoon
mega-el-nino-heat-wave-india-monsoon


2026 या 2027, सबसे गर्म साल कौन सा

इस मजबूत अल-नीनो के कारण 2026 सबसे गर्म साल बन सकता है। हालांकि 2027 के सबसे गर्म साल बनने की संभावना भी उतनी ही ज्यादा है। इसकी वजह यह है कि समुद्र की गर्मी का असर धरती के तापमान पर कुछ समय बाद ज्यादा दिखाई देता है।

1998 और 2016 में भी मजबूत अल-नीनो (अल नीनो का असर) के दौरान तापमान के रिकॉर्ड बने थे। लेकिन अब क्लाइमेट चेंज की वजह से धरती पहले से ही ज्यादा गर्म हो चुकी है। ऐसे में इस बार अल-नीनो तापमान को और ऊपर ले जा सकता है।

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2027 में दुनिया का औसत तापमान कुछ समय के लिए औद्योगिक दौर से पहले के स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रह सकता है।

यह अनुमान सही साबित हुआ तो आने वाले समय में अल-नीनो का असर तापमान और मौसम दोनों पर साफ दिखाई देगा। इसलिए आने वाले महीने दुनिया भर के मौसम विज्ञानियों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।

ये खबरें भी पढ़िए...

एमपी के 16, सीजी के 12 और राजस्थान के 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

अगस्त का मौसम: झमाझम बारिश या सिर्फ उमस का दौर? जानें पूरे महीने का वेदर रिपोर्ट

ढाई महीने बाद भी एमपी में मानसून की चाल पड़ी सुस्त, सामान्य से 11% कम बारिश

भारत में सूखे का खतरा, सदी का सबसे खतरनाक अल-नीनो दस्तक देने को तैयार!

Tags:
  • अल नीनो
  • भीषण गर्मी
  • अल नीनो का असर
  • प्रशांत महासागर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा