जामताड़ा-नूंह के बाद MP में साइबर ठगी का नेटवर्क, इंदौर-जबलपुर-ग्वालियर से अमेरिका तक हो रही ठगी
Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 03, 2026, 11:40 IST
एमपी में साइबर ठगी के नए ठिकानों का खुलासा हुआ है। जहां आरोपी सैलरी और कमीशन पर विदेश तक ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं।
देशभर में साइबर ठगी के लिए जामताड़ा और नूंह जैसे इलाके लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। अब मध्य प्रदेश में साइबर अपराध का पैटर्न बदलता नजर आ रहा है। राज्य साइबर सेल की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में बैठे साइबर ठग भी सक्रिय हैं। ये ठग लोगों को फोन कॉल के जरिए अपने जाल में फंसा रहे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश साइबर सेल की रिपोर्ट में प्रदेश में बैठे ठगों की सक्रियता का खुलासा हुआ है।
- जनवरी से सितंबर 2026 के बीच 8 हजार फोन कॉल कर फ्रॉड किए गए।
- अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में नेटवर्क तैयार किया है।
- ग्वालियर में फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा गया, जो अमेरिका में ठगी करता था।
- दिल्ली पुलिस ने इंदौर में अगस्त में अवैध कॉल सेंटर पकड़ा था।
जामताड़ा से अब एमपी तक कैसे पहुंचे ठग
गिरोहों का लोकल नेटवर्क
खबरों के मुताबिक, इसमें पढ़े-लिखे लोग काम करते हैं। वे विदेशों में कॉल कर ठगी करते हैं। यानी ठगी अब संगठित रोजगार जैसी शक्ल ले रही है। राज्य साइबर सेल ने ठगी वाले फोन कॉल की डिटेल जिलों को सौंपी है।
किन जिलों से हुए सबसे ज्यादा फ्रॉड कॉल
| जिला | फ्रॉड कॉल |
|---|---|
| इंदौर | 2,500 |
| शिवपुरी | 1,900 |
| ग्वालियर | 1,000 |
| मुरैना | 550 |
| जबलपुर | 550 |
| उज्जैन | 330 |
| सागर | 330 |
| रीवा | 319 |
| सतना | 280 |
आंकड़ों से क्या दिखता है
ग्वालियर से अमेरिका तक फैला जाल
दिल्ली पुलिस ने इंदौर में पकड़ा कॉल सेंटर
यह फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग का ही मामला बताया गया है। फॉरेक्स यानी अलग-अलग देशों की मुद्राओं की खरीद-बिक्री। पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया था।
खुद को ठगी से कैसे बचाएं
अनजान कॉल पर इंवेस्टमेंट या ट्रेडिंग का भरोसा न करें। किसी फॉरेक्स या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता जांच लें। लोन या ज्यादा मुनाफे का झांसा देने वाले कॉल पर अपनी बैंक जानकारी शेयर न करें। ठगी का शक होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
आगे क्या देखना होगा
जिन जिलों से सबसे ज्यादा कॉल हुए, वहां जांच और कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी। इंदौर, शिवपुरी और ग्वालियर के पुलिस प्रशासन से इस पर जवाब की उम्मीद की जा सकती है।
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQs
- मध्यप्रदेश में साइबर ठगी के किस प्रकार के मामले सामने आए हैं?
मध्यप्रदेश में साइबर ठगी के मामलों में ठगों ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह बनाकर इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में फर्जी कॉल सेंटर स्थापित किए हैं, जहां अमेरिकी नागरिकों को लोन देने का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। - ठगों द्वारा की गई फ्रॉड कॉल्स के आंकड़े क्या हैं?
जनवरी से सितंबर 2026 के बीच मध्यप्रदेश में लगभग 8 हजार फ्रॉड फोन कॉल की गईं, जिनमें इंदौर, शिवपुरी और ग्वालियर जैसे जिलों से सबसे ज्यादा कॉल की गईं। इंदौर से 2,500, शिवपुरी से 1,900 और ग्वालियर से 1,000 कॉल दर्ज की गईं। - लोग खुद को साइबर ठगी से कैसे बचा सकते हैं?
लोग अनजान कॉल पर निवेश या ट्रेडिंग का भरोसा न करें, किसी फॉरेक्स या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता जांच लें और लोन या ज्यादा मुनाफे का झांसा देने वाले कॉल पर अपनी बैंक जानकारी साझा न करें।
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